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साल के अंत तक 10 लाख लोगों को मिल सकती है नौकरी, कई सेक्टर्स में निकलने वाली है जॉबः रिपोर्ट
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 29 May 2018 07:57 AM IST
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भारत में अस्थायी या संविदा नियुक्ति (फ्लेक्सी स्टाफिंग) के बाजार के आकार में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है और बीएफएसआई (बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं व बीमा), ई-कॉमर्स, रिटेल तथा इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्र इस साल के अंत तक 10 लाख से अधिक नौकरियों का सृजन कर सकते हैं। एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है।
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हालिया प्रकाशित ग्लोबल स्टाफिंग रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का अस्थायी नियुक्ति बाजार 3.6 अरब डॉलर का हो जाने की उम्मीद है। अस्थायी नियुक्ति उद्योग के शीर्ष संगठन इंडियन स्टाफिंग फेडरेशन (आईएसएफ) के मुताबिक, ऑटोमोटिव, रिटेल व ई-कॉमर्स तथा इंफ्रास्ट्रक्चर उन शीर्ष 15 क्षेत्रों में शामिल हैं, जो औपचारिक क्षेत्र के 81 फीसदी श्रम बल को नौकरी देते हैं।
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रिपोर्ट के मुताबिक, ऑटोमेशन तथा नवाचार द्वारा कार्य की प्रकृति में बदलाव लाने के कारण राष्ट्रीय अस्थायी नियुक्ति में बीएफएसआई 12 फीसदी, इंफ्रास्ट्रक्चर, निर्माण व ऊर्जा 11 फीसदी, रिटेल व ई-कॉमर्स 5 फीसदी का योगदान देते है।
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आईएसएफ की प्रेसिडेंट ऋतुपर्णा चक्रवर्ती ने कहा कि देश कार्यस्थल पर उत्पादकता के सबसे निचले स्तर के दौर से गुजर रहा है, जो वास्तविक संकट से उत्पन्न होता है और यह कौशल की कमी है।
5 फीसदी लोगों की हो रही है भर्ती
चक्रवर्ती ने कहा कि स्टाफिंग उद्योग के सदस्य के रूप में हमारे पास भारी तादाद में नौकरियां हैं, लेकिन हम केवल 5 फीसदी युवाओं की भर्ती करने में सक्षम हैं, जो रोजाना आधार पर हमारे पास पहुंचते हैं। ईपीएफओ का आंकड़ा इसपर उलझन में पड़ने के बजाय श्रम बल के औपचारीकरण का सुझाव देता है।