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कोरोना का झटका: EMI तीन महीने नहीं चुकाई तो बढ़ जाएगी कर्ज की कुल लागत

Thu, 02 Apr 2020 03:58 AM IST
योगेश साहू बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: योगेश साहू Updated Thu, 02 Apr 2020 03:58 AM IST
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coronavirus shock : EMI not paid for three months will increase the total cost of debt, RBI, bank, finance, loan
कारोबारियों और नागरिकों को कर्ज भुगतान में राहत - फोटो : www.pexels.com

रिजर्व बैंक ने कोरोना वायरस महामारी से जारी संकट के बीच कारोबारियों और नागरिकों को कर्ज भुगतान में राहत देने के लिए बैंकों से तीन महीने ईएमआई नहीं वसूलने का आग्रह किया था। सरकारी और निजी क्षेत्र के कई बैंकों ने इस व्यवस्था को लागू भी कर दिया है और अपने ग्राहकों को 1 मार्च से 31 मई तक कर्ज की ईएमआई वसूलने में राहत देनी शुरू भी कर दी है।



बावजूद इसके कर्जधारकों के मन में ईएमआई भुगतान में छूट को लेकर कई सवाल हैं। ऐसी ही कुछ सवालों के जवाब बुधवार को इंडियन बैंक एसोसिएशन ने जारी हैं। आगे जानें कुछ खास सवालों के जवाब...

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भारतीय रिजर्व बैंक - फोटो : Social Media

1-आरबीआई के इस पैकेज में लाभ के लिए कौन-कौन पात्र हैं?
सभी सावधि कर्ज (कृषि सावधि ऋण, खुदरा कर्ज, फसल ऋण और पूल खरीद ऋण) और कैश क्रेडिट/ओवरड्राफ्ट लेने वाले इसके पात्र हैं। इनकी किस्तों (ब्याज सहित) के पुनर्भुगतान की अवधि 90 दिन बढ़ा दी है। इसका मतलब है कि जो कर्ज 60 किस्तों के बाद 1 मार्च 2025 को खत्म होना था, उन्हें अब 1 जून 2025 तक अदा किया जा सकेगा।

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पैसे - फोटो : SELF

2-यह छूट केवल मूल कर्ज की राशि के लिए है या इसमें ब्याज भी शामिल है?
जिस मूल कर्ज राशि की अदायगी 1 मार्च, 2020 और 31 मई 2020 के बीच होनी है, उसका पुनर्निर्धारण तीन महीने बढ़ाया जा सकता है। यह ईएमआई आधारित सावधि ऋणों पर लागू होगा। अन्य सावधि ऋणों के मामले में यह समान अवधि के दौरान बकाया सभी किस्तों और ब्याज पर लागू होगा। वहीं, जिन सावधि ऋणों का भुगतान अभी शुरू नहीं हुआ है, उनमें केवल ब्याज अदायगी पर ही तीन महीने की मोहलत मिलेगी।

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मनी - फोटो : pixabay

3-क्या सभी कारोबारियों/व्यक्तियों को इसका लाभ उठाना चाहिए?
आपकी आय में कोई व्यवधान आया है या नकदी की तंगी है तो इसका लाभ जरूर लेना चाहिए। हालांकि, इस बात को ध्यान में रखना होगा कि कर्ज पर ब्याज वैसे तो तत्काल नहीं देना पड़ेगा लेकिन आपके खाते में यह निरंतर जुड़ता रहेगा, तीन महीने की मोहलत के दौरान भी। इससे कर्ज की कुल लागत बढ़ जाएगी।

उदाहरण के लिए, मान लीजिए आप पर 1 लाख रुपये का कर्ज है और 12 फीसदी ब्याज लगता है। ऐसे में आप हर महीने 1 हजार रुपये का ब्याज देते हैं। तीन महीने ब्याज नहीं दिया तो अगली किस्त में 3,030.10 रुपये का अतिरिक्त भुगतान करना होगा। अगर आप इस राशि को कर्ज की पूरी अवधि बीतने के बाद चुकाते हैं, तो इस दौरान हर साल बकाया राशि पर भी ब्याज जुड़ता जाएगा और आपके कर्ज की लागत बढ़ जाएगी।

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डेमो - फोटो : amar ujala

4-कार्यशील पूंजी की सुविधाओं पर ब्याज कैसे लगेगा?
31 मार्च, 30 जून और 31 मई को केश क्रेडिट/ओवरड्राफ्ट पर लागू ब्याज की वसूली को स्थगित किया गया है। हालांकि, पूरे ब्याज को 30 जून को देय ब्याज के साथ वसूला जाएगा और इसे मासिक तौर पर नहीं लिया जाएगा, बल्कि एकसाथ देना होगा।

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