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कोरोना के कारण ताजनगरी के पेठा कारोबार को झटका, नहीं खुल पाईं दुकानें, कारखाने भी बंद
Tue, 16 Jun 2020 12:09 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 16 Jun 2020 12:09 AM IST
सार
आगरा में पेठे के 450 कारखाने हैं। फुटकर बिक्री की 2500 दुकानें हैं। पेठा कारोबार का 250 करोड़ का टर्नओवर है।
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पेठा (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
ताजमहल बंद होने से आगरा के पेठा कारोबार को बड़ा झटका लगा है। ताजगंज, फतेहाबाद रोड, हाईवे की लगभग एक हजार दुकानें बंद हैं। सैलानी नहीं आ रहे, इसलिए बिक्री नहीं है। 10 कारखाने भी खोले जाने के बाद फिर से बंद कर दिए गए हैं। पेठा कारोबारियों का कहना है कि उनका 60 फीसदी कारोबार सैलानियों पर निर्भर है।
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शहर में पेठे के करीब 450 कारखाने और 2500 फुटकर की दुकानें हैं। इसमें करीब 250 अकेले नूरी दरवाजा में हैं। कारोबार का लगभग 250 करोड़ का टर्नओवर है। बिक्री न मिलने के कारण कारोबारियों ने काम भी समेटना शुरू कर दिया।
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उनका कहना है कि इस समय कारोबार करने का माहौल नहीं बन पा रहा है। 60 फीसदी बिक्री प्रमुख रूप से पर्यटकों पर निर्भर है जबकि ताजमहल सहित शहर के सभी स्मारक बंद पड़े हैं। दूसरा कारण उमस भरी गर्मी का होना है। इससे ग्राहक कम निकल रहे हैं।
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50 किलो की भी खपत नहीं
पेठा कारोबारी राजेश बंसल ने कहा कि मुझे कारखाना खोलने में फायदा कम नुकसान ज्यादा दिखा। 50 किलो भी माल की खपत नहीं थी। सामान्य दिनों में छह क्विंटल माल बिक जाता है। इस कारण बंद करना पड़ा।
शहीद भगत सिंह कुटीर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने बताया कि पेठे का कारोबार सैलानियों पर निर्भर है। शहर में दस कारखाने बंद हो चुके हैं, स्मारकों के आस पास की लगभग एक हजार दुकानें भी बंद हैं।
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शहीद भगत सिंह कुटीर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने बताया कि पेठे का कारोबार सैलानियों पर निर्भर है। शहर में दस कारखाने बंद हो चुके हैं, स्मारकों के आस पास की लगभग एक हजार दुकानें भी बंद हैं।
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