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आरबीआई पर महामारी का दबाव, रेपो दर में बदलाव की गुंजाइश नहीं
Mon, 05 Apr 2021 05:40 AM IST
Kuldeep Singh
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Mon, 05 Apr 2021 05:40 AM IST
सार
- एडलवीज रिसर्च ने कहा कि आर्थिक सुधार की रफ्तार अभी है सुस्त
- खुदरा महंगाई और कोविड-19 के मामले बढ़ने से भी चुनौतियां बढ़ी
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आरबीआई
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोरोना के मामले तेजी से बढ़ने और खुदरा महंगाई को 4 फीसदी के दायरे में रखने के सरकार के दबाव के बीच आरबीआई नीतिगत दरों को यथावत रख सकता है। 5 अप्रैल से मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिवसीय बैठक शुरू हो रही है।
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विशेषज्ञ बोले- खुदरा महंगाई ने भी बढ़ाईं चुनौतियां
एडलवीज रिसर्च ने कहा कि आर्थिक सुधार की रफ्तार अभी सुस्त है। खुदरा महंगाई और कोविड-19 के मामले बढ़ने से भी चुनौतियां बढ़ी हैं। इसलिए नीतिगत दरों में बदलाव नहीं होगा। हालांकि, केंद्रीय बैंक अपना नरम रुख जारी रखेगा। एमपीसी के नतीजे 7 अप्रैल को आएंगे।
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और कटौती से मिलेगी मजबूती
हाउसिंग डॉट कॉम के ग्रुप सीईओ ध्रुव अग्रवाल ने कहा, केंद्रीय बैंक के समक्ष इस समय बड़ी चुनौती है। इसलिए रेपो दर में बदलाव की गुंजाइश नहीं है। हालांकि, ब्याज दरों में और कटौती से अर्थव्यवस्था को मदद मिलेगी। वहीं, एक्यूट रिसर्च एंड रेटिंग्स के मुख्य विश्लेषण अधिकारी सुमन चौधरी ने कहा, वैश्विक स्तर पर बॉन्ड में रिटर्न बढ़ने के बावजूद एमपीसी अपनी आगामी बैठक में नरम रुख जारी रखेगी।
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