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Mumbai: पेंशन योजना पर फिर विचार करते समय वित्तीय सावधानी बरतें केंद्र : अर्थशास्त्री
Wed, 12 Apr 2023 05:55 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Wed, 12 Apr 2023 05:55 AM IST
सार
राजस्थान, झारखंड, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश और पंजाब ओपीएस पर लौट चुके हैं। तमिलनाडु व महाराष्ट्र भी इस पर विचार कर रहे हैं। इस योजना में पेंशन का वित्तीय बोझ सरकार पर आता है।
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पेंशन योजना
- फोटो : i stock
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विस्तार
कई राज्यों को पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) पर लौटता देख केंद्र सरकार ने कर्मचारियों की पेंशन योजना पर फिर से विचार करने का निर्णय लिया है। एक समिति भी पिछले हफ्ते बनाई है। लेकिन कई अर्थशास्त्रियों ने मंगलवार को इसे लेकर अपना दृष्टिकोण रखते हुए कहा कि ऐसा करते हुए सरकार को वित्तीय सावधानी बरतनी चाहिए। उसे विकास कार्यों के लिए खर्च को प्राथमिकता देनी चाहिए। आशंका जताई कि वेतन व पेंशन में सरकार की अधिकतम कमाई जाएगी तो बाकी क्षेत्रों पर भी असर होगा।
राजस्थान, झारखंड, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश और पंजाब ओपीएस पर लौट चुके हैं। तमिलनाडु व महाराष्ट्र भी इस पर विचार कर रहे हैं। इस योजना में पेंशन का वित्तीय बोझ सरकार पर आता है। 2004 में केंद्र सरकार ने इसे बंद कर, नेशनल पेंशन स्कीम शुरू की थी, जिसका बोझ कर्मचारी और सरकार साझा करते हैं। इसके तहत बेसिक वेतन का 10% हिस्सा कर्मचारी और 14% तक संस्थान देता है। इसके आधार पर रिटायरमेंट तक बने कोष से पेंशन तय होती है। उल्लेखनीय है कि सरकार ने वित्त वर्ष 2024 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य जीडीपी का 5.9% रखा है। यह 4.5% के मध्यावधि अनुमान से अधिक है। सरकार की 41% कमाई ब्याज और 9% पेंशन में जाती है, जिससे बाकी चीजों पर खर्च के लिए संसाधन कम रह जाते हैं।
पीढ़ियों के बीच निष्पक्षता का प्रश्न
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी (एनआईपीएफपी) में वरिष्ठ अध्ययनकर्ता राधिका पांडेय ने कहा कि पेंशन पर विचार करते समय सरकार को वित्तीय रूप से इसे वहन करने की क्षमता के बारे में सोचना होगा। इस योजना में एक पीढ़ी से दूसरे पीढ़ी के बीच निष्पक्षता जैसे सवाल भी उसके सामने होंगे।
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प्रधानमंत्री 71,000 युवाओं को कल सौंपेंगे नियुक्ति पत्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 लाख कर्मियों के लिए भर्ती अभियान ‘रोजगार मेला' के तहत बृहस्पतिवार को करीब 71,000 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने मंगलवार को एक बयान में यह जानकारी दी। इस अवसर पर प्रधानमंत्री युवाओं को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से संबोधित भी करेंगे। पीएमओ के मुताबिक, रोजगार सृजन को मुख्य प्राथमिकता देने की प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता पूरी करने की दिशा में यह रोजगार मेला महत्वपूर्ण कदम है। रोजगार मेला रोजगार सृजन में उत्प्रेरक के रूप में कार्य करेगा और युवाओं को उनके सशक्तीकरण और राष्ट्रीय विकास में भागीदारी के लिए सार्थक अवसर प्रदान करेगा। एजेंसी
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राजस्थान, झारखंड, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश और पंजाब ओपीएस पर लौट चुके हैं। तमिलनाडु व महाराष्ट्र भी इस पर विचार कर रहे हैं। इस योजना में पेंशन का वित्तीय बोझ सरकार पर आता है। 2004 में केंद्र सरकार ने इसे बंद कर, नेशनल पेंशन स्कीम शुरू की थी, जिसका बोझ कर्मचारी और सरकार साझा करते हैं। इसके तहत बेसिक वेतन का 10% हिस्सा कर्मचारी और 14% तक संस्थान देता है। इसके आधार पर रिटायरमेंट तक बने कोष से पेंशन तय होती है। उल्लेखनीय है कि सरकार ने वित्त वर्ष 2024 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य जीडीपी का 5.9% रखा है। यह 4.5% के मध्यावधि अनुमान से अधिक है। सरकार की 41% कमाई ब्याज और 9% पेंशन में जाती है, जिससे बाकी चीजों पर खर्च के लिए संसाधन कम रह जाते हैं।
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पीढ़ियों के बीच निष्पक्षता का प्रश्न
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी (एनआईपीएफपी) में वरिष्ठ अध्ययनकर्ता राधिका पांडेय ने कहा कि पेंशन पर विचार करते समय सरकार को वित्तीय रूप से इसे वहन करने की क्षमता के बारे में सोचना होगा। इस योजना में एक पीढ़ी से दूसरे पीढ़ी के बीच निष्पक्षता जैसे सवाल भी उसके सामने होंगे।
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प्रधानमंत्री 71,000 युवाओं को कल सौंपेंगे नियुक्ति पत्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 लाख कर्मियों के लिए भर्ती अभियान ‘रोजगार मेला' के तहत बृहस्पतिवार को करीब 71,000 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने मंगलवार को एक बयान में यह जानकारी दी। इस अवसर पर प्रधानमंत्री युवाओं को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से संबोधित भी करेंगे। पीएमओ के मुताबिक, रोजगार सृजन को मुख्य प्राथमिकता देने की प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता पूरी करने की दिशा में यह रोजगार मेला महत्वपूर्ण कदम है। रोजगार मेला रोजगार सृजन में उत्प्रेरक के रूप में कार्य करेगा और युवाओं को उनके सशक्तीकरण और राष्ट्रीय विकास में भागीदारी के लिए सार्थक अवसर प्रदान करेगा। एजेंसी