फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   WTO Reforms, India emphasizes consensus-based decision-making

Piyush Goyal: 'डब्ल्यूटीओ में सभी सदस्य देशों को मिले समान अवसर', पीयूष गोयल बोले- सहमति के आधार पर हो निर्णय

Fri, 27 Mar 2026 12:22 PM IST
Riya Dubey बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Riya Dubey Updated Fri, 27 Mar 2026 12:22 PM IST
सार

डब्ल्यूटीओ सुधारों पर भारत ने विकासशील देशों के अधिकारों, सहमति आधारित निर्णय और संतुलित व्यापार व्यवस्था पर जोर दिया, साथ ही कृषि, फिशरीज और विवाद निपटान तंत्र जैसे लंबित मुद्दों के जल्द समाधान की मांग की।

विज्ञापन
WTO Reforms, India emphasizes consensus-based decision-making
क्या बोले गोयल? - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

विश्व व्यापार संगठन में सुधार को लेकर भारत ने स्पष्ट और मजबूत रुख अपनाते हुए कहा कि यह प्रक्रिया पारदर्शी, समावेशी और सदस्य-आधारित होनी चाहिए, जिसमें विकासशील देशों के विशेष अधिकारों को केंद्र में रखा जाए।
विज्ञापन

निर्णय प्रक्रिया पर गोलय ने क्या कहा?

कैमरून में आयोजित डब्ल्यूटीए मंत्रिस्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि संगठन के सुधार विकास-केंद्रित होने चाहिए और इनमें भेदभावरहित व सहमति आधारित निर्णय प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि सभी सदस्य देशों के लिए समान अवसर सुनिश्चित हो सके।
विज्ञापन


उन्होंने जोर देकर कहा कि डब्ल्यूटीओ समझौतों में शामिल स्पेशल एंड डिफरेंशियल ट्रीटमेंट (S&DT) प्रावधान, जो विकासशील देशों को विशेष अधिकार देते हैं, उन्हें अधिक स्पष्ट, प्रभावी और व्यवहारिक बनाया जाना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

कृषि क्षेत्र करोड़ों लोगों की आजीविका से जुड़ा है

कृषि क्षेत्र पर बोलते हुए गोयल ने कहा कि यह करोड़ों लोगों की आजीविका से जुड़ा है, खासकर ग्लोबल साउथ के देशों के लिए। उन्होंने खाद्य सुरक्षा के लिए सार्वजनिक भंडारण (पब्लिक स्टॉकहोल्डिंग), विशेष सुरक्षा तंत्र और कपास से जुड़े लंबित मुद्दों के जल्द समाधान की मांग की।

मत्स्य पालन (फिशरीज) के मुद्दे पर भारत ने संतुलित समझौते की वकालत करते हुए कहा कि यह गरीब मछुआरों की आजीविका की रक्षा करे और वर्तमान व भविष्य की जरूरतों के बीच संतुलन बनाए, साथ ही S&DT प्रावधानों को भी प्रभावी बनाए।

विवाद निपटान तंत्र को बहाल करने पर जोर

गोयल ने डब्ल्यूटीओ के विवाद निपटान तंत्र को बहाल करने की जरूरत पर भी जोर दिया, इसे दुर्बल बताते हुए कहा कि इसके कमजोर होने से सदस्य देशों को न्याय पाने में कठिनाई हो रही है।

इसके अलावा, उन्होंने प्लूरिलेटरल (बहुपक्षीय से इतर) समझौतों को WTO ढांचे में शामिल करने के लिए सर्वसम्मति को जरूरी बताया और कहा कि इससे गैर-भागीदार देशों के अधिकारों पर असर नहीं पड़ना चाहिए।

ई-कॉमर्स पर कस्टम ड्यूटी को लेकर भारत का रुख

ई-कॉमर्स पर कस्टम ड्यूटी में छूट (मोराटोरियम) के मुद्दे पर भी भारत ने सतर्क रुख अपनाते हुए कहा कि इसके प्रभावों को देखते हुए इसे आगे बढ़ाने पर पुनर्विचार जरूरी है।

उभरती तकनीकों के संदर्भ में गोयल ने कहा कि भारत का मानना है कि इनका उपयोग ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के सिद्धांत पर आधारित होना चाहिए, ताकि विकास और नवाचार का लाभ सभी तक समान रूप से पहुंचे।


उन्होंने अंत में कहा कि WTO को वैश्विक व्यापार व्यवस्था के केंद्र में बनाए रखने के लिए आवश्यक है कि सुधारों के जरिए इसे अधिक प्रभावी, समावेशी और विकासोन्मुख बनाया जाए, ताकि यह गरीब और कमजोर वर्गों के हितों की बेहतर तरीके से रक्षा कर सके।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed