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Davos: 'रोजगार, समृद्धि व शांति के लिए निरंतर विकास जरूरी', WEF में बोले विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा
Fri, 19 Jan 2024 11:52 AM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Fri, 19 Jan 2024 11:52 AM IST
सार
बंगा ने कहा विकास के बिना, आपके पास रोजगार नहीं होगी, आपके पास समृद्धि नहीं होगी, और अक्सर ऐसा होता है कि विकास के बिना, आपके पास शांति भी नहीं होती है। इसलिए मुझे लगता है कि निकट और मध्यम दोनों अवधि में विकास हमारी चुनौतियों के मूल में है।
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अजय बंगा
- फोटो : Social Media
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विस्तार
विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा ने विश्व आर्थिक मंच को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने वैश्विक परिदृश्य को आकार देने में आर्थिक विकास की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। बंगा ने जोर देकर कहा कि रोजगार सृजन, समृद्धि को बढ़ावा देने और शांति बनाए रखने के लिए निरंतर विकास जरूरी हैं।
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डब्ल्यूईएफ 24 सत्र में अपने मुख्य भाषण के दौरान, बंगा ने कहा, "वास्तविकता यह है कि हम 30 वर्षों में सबसे कम विकास दर हासिल करने वाले दशक के पहले हिस्से की ओर बढ़ रहे हैं। विकास के बिना, आपके पास रोजगार नहीं होगी, आपके पास समृद्धि नहीं होगी, और अक्सर ऐसा होता है कि विकास के बिना, आपके पास शांति भी नहीं होती है। इसलिए मुझे लगता है कि निकट और मध्यम दोनों अवधि में विकास हमारी चुनौतियों के मूल में है।"
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अपने संबोधन के दौरान बंगा ने निकट और मध्यम अवधि में वैश्विक अर्थव्यवस्था के सामने आने वाली बहुमुखी चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उभरती अर्थव्यवस्थाओं में बढ़ते ऋण को उन्होंने एक प्रमुख चिंता बताते हुए कहा कि इसमें विदेशी और घरेलू दोनों ऋण शामिल हैं।
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बंगा ने कहा, "उभरती अर्थव्यवस्था में ऋण चिंता का बड़ा कारण है। चिंता का कारण सिर्फ विदेशी ऋण नहीं है; बल्कि घरेलू ऋण भी है, जिसे कम ब्याज दर पर लिया गया है।" उन्होंने कहा, "स्थितिजन्य भू-राजनीतिक चुनौतियां हैं, व्यापारिक तनाव है और मुझे लगता है कि किसी को छूट नहीं देनी चाहिए। यदि चीन की अर्थव्यवस्था आगे धीमी हो जाती है, तो यह हमारी वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों पर असर डालेगा।" उन्होंने स्वीकार किया कि ये चिंताएं सकारात्मक विकास के बावजूद बनी हुईं हैं, हालांकि विश्व अर्थव्यवस्था ने पिछले वर्ष में अनुमान से बेहतर प्रदर्शन किया है।