Women's Day: 'वित्तीय स्वतंत्रता के लिए आधी आबादी चुने निवेश का विकल्प', अर्थ जगत की महिलाओं ने दिए ये टिप्स
Women's Day Special: म्यूचुअल फंड उद्योग के 473 फंड मैनेजरों में से केवल 42 महिलाएं हैं, ये लगभग 6.66 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति का प्रबंधन करती हैं। इससे पता चलता है कि महिलाओं को अब भी निवेश क्षेत्र में कम प्रतिनिधित्व मिला है। हालांकि ये आंकड़े यह भी बताते हैं कि उनके पास बड़ी रकम का प्रबंधन करने की क्षमता है।
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निवेश केवल पैसा कमाने का मामला नहीं है, बल्कि वित्तीय स्वतंत्रता, सुरक्षा और सशक्तिकरण प्राप्त करने का एक तरीका भी है। भारत में महिलाएं पारंपरिक रूप से पुरुषों की तुलना में निवेश में कम शामिल रही हैं। ऐसा विभिन्न कारणों जैसे जागरूकता, आत्मविश्वास, पहुंच या सामाजिक मानदंडों की कमी के कारण है।
म्यूचुअल फंड उद्योग के 473 फंड मैनेजरों में से केवल 42 महिलाएं
मॉर्निंगस्टार इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, म्यूचुअल फंड उद्योग के 473 फंड मैनेजरों में से केवल 42 महिलाएं हैं, ये लगभग 6.66 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति का प्रबंधन करती हैं। इससे पता चलता है कि महिलाओं को अभी भी निवेश क्षेत्र में कम प्रतिनिधित्व मिला है। हालांकि ये आंकड़े यह भी बताते हैं कि उनके पास बड़ी रकम का प्रबंधन करने की क्षमता है। हालांकि, यह परिदृश्य तेजी से बदल रहा है, क्योंकि अधिक से अधिक महिलाएं अपने निवेश की मुख्य धारा से जुड़ रही हैं और विभिन्न निवेश विकल्पों की खोज कर रही हैं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं के बीच निवेश के प्रति रुझान और आर्थिक स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दों पर अर्थ जगत की महिला जानकारों ने कुछ अहम बातें साझा की। आइए जानें।
आर्थिक स्वतंत्रता महिलाओं का भविष्य सुरक्षित करने का साधन
फिनवासिया की चीफ ग्रोथ ऑफिसर रमणीक सिंह घोत्रा के अनुसार भारतीय महिलाओं ने हर क्षेत्र में बाधाओं को पार किया है। यह महत्वपूर्ण है कि उनके पास वित्तीय साधनों और ज्ञान तक समान पहुंच हो। आर्थिक रूप से स्वतंत्र होना महिलाओं के लिए सिर्फ एक वाक्य नहीं है। यह अपने भविष्य को सुरक्षित करने का एक साधन है। ज्ञान महत्वपूर्ण है, और वित्तीय साक्षरता एक स्वतंत्र भविष्य की ओर पहला कदम है। महिलाओं के लिए चक्रवृद्धि ब्याज, ऋण प्रबंधन और बजट के बारे में जानना जरूरी है। यह जरूरी है कि अपने लक्ष्यों से मेल खाने वाले निवेश विकल्पों की तलाश की जाए।
घोत्रा के अनुसार पीपीएफ (पब्लिक प्रोविडेंट फंड) सुरक्षित, कर-लाभ वाले रिटर्न प्रदान करता है। म्यूचुअल फंड विकास क्षमता और विविधीकरण दोनों प्रदान करता है। निवेश एक ऐसे भविष्य की बीज बो रहा है जिसमें आप न केवल सुरक्षित रहेंगे, बल्कि आर्थिक रूप से भी समृद्ध होंगे। महिलाओं को अपनी महाशक्ति के रूप में वित्तीय स्वतंत्रता को अपनाना चाहिए। घोत्रा कहती हैं, "महिलाएं सीखें, निवेश करें और अपनी इच्छाओं को बिना किसी बंधन के सच होते देखें।"
वित्तीय बाजारों में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही
इकोफाय की सह-संस्थापक, एमडी और सीईओ राजश्री नांबियार के अनुसार वित्तीय बाजारों में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। वह कहती हैं, "भारत में वित्तीय रुझानों के लंबे समय से पर्यवेक्षक के रूप में, मैंने महिलाओं के बीच वित्तीय सशक्तिकरण की बढ़ती भावना देखी है। महिलाओं के लिए वित्तीय बारीकियों को पहचानना महत्वपूर्ण है। महिलाएं अपने और अपने परिवार के लिए सुरक्षा को प्राथमिकता देती हैं, और इसी सुरक्षा के कारण महिलाएं फिक्स्ड डिपॉजिट और सोने जैसे कम जोखिम वाले उपकरणों को निवेश के लिए चुनती हैं। हालांकि, निवेश के लिए दीर्घकालिक उपायों को चुनना जरूरी है क्योंकि पारंपरिक उपकरण स्थिरता तो प्रदान करते हैं पर वे हमेशा मुद्रास्फीति मात नहीं दे पाते जिससे धन सृजन में बाधा आती है।
वह आगे कहती हैं, "सरकार ने भी महिलाओं के लिए विभिन्न छूट और योजनाएं शुरू की हैं। होम लोन के लिए महिला उधारकर्ताओं की संख्या बढ़ी है। कई वित्तीय संस्थान महिलाओं के लिए कई योजनाओं के साथ आ रहे हैं। इन सुविधाओं में आसान वित्त, उदार पात्रता मानदंड, कम ब्याज दर, कम प्रसंस्करण शुल्क, त्वरित अनुमोदन आदि शामिल हैं। जैसे-जैसे महिलाएं वित्तीय आत्मविश्वास हासिल करती हैं, उनकी ओर से निवेश विकल्पों की खोज अविश्वसनीय रूप से सशक्त हो सकती हैं। वित्तीय मामलों की जानकारी महिलाओं को आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाने के साथ-साथ उनके उज्ज्वल भविष्य को आकार देता है।
महिलाओं की वित्तीय स्वतंत्रता के लिए वित्तीय साक्षरता की महत्वपूर्ण भूमिका
महक श्रीवास्तव जो एक प्रमुख गोल्ड लोन एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म, सहिबंधु में मार्केटिंग प्रमुख हैं, का मानना है कि भारतीय महिलाओं की वित्तीय स्वतंत्रता के लिए वित्तीय साक्षरता की महत्वपूर्ण भूमिका है। भारतीय महिलाओं के लिए वित्तीय साक्षरता महत्वपूर्ण है ताकि वे उचित वित्तीय निर्णय ले सकें। महिलाओं की ओर से किए जाने वाले शीर्ष निवेश परिसंपत्तियों में इक्विटी, म्यूचुअल फंड और पारंपरिक पीली धातु (सोना) शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सोना एक महिला के लिए वित्तीय आत्मनिर्भरता का प्रतीक हो सकता है। सोना आंतरिक मूल्य रखता है और अन्य परिसंपत्तियों की तरह इसमें मूल्यह्रास नहीं होता है। पैसों की जरूरत पड़ने पर इसे बेचा या गिरवी रखा जा सकता है तो वित्तीय सुरक्षा और स्वतंत्रता प्रदान करता है। दूसरे, सोना वित्तीय नियंत्रण की भावना प्रदान करके महिलाओं को सशक्त बना सकता है। तीसरा, आपात स्थिति में, सोने को आसानी से लिक्विडेट किया जा सकता है और गोल्ड लोन जैसे विकल्प से तत्काल वित्तीय राहत हासिल की जा सकती है।
महक कहती हैं, "सोने में निवेश न केवल महिलाओं को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करता है, बल्कि महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और आपात स्थितियों से निपटने में सक्षम बनाता है। डिजिटल गोल्ड, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGBs), और गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) महिलाओं के लिए सोने के निवेश के सबसे प्रमुख विकल्पों में से हैं। इन नए उत्पादों में निवेश कर महिलाएं वित्तीय स्वतंत्रता हासिल कर सकती हैं।"