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Sanjay Malhotra: सभी दृष्टिकोणों को समझ अर्थव्यवस्था के लिए सर्वोत्तम कार्य करूंगा, बोले नवनियुक्त RBI गवर्नर
Tue, 10 Dec 2024 02:48 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Tue, 10 Dec 2024 02:48 PM IST
सार
Sanjay Malhotra: राजस्थान कैडर के 1990 बैच के आईएएस अधिकारी संजय मल्होत्रा के पास सार्वजनिक नीति-निर्धारण में तीन दशकों से अधिक का अनुभव है। उनके पास बिजली, वित्त और कराधान जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता है। उन्हें ऐसे समय पर आरबीआई की कमान सौंपी जा रही है जब भारतीय अर्थव्यवस्था धीमी विकास दर और लगातार बढ़ रही महंगाई की दोहरी चुनौती का सामना कर रही है। नियुक्ति के बाद मल्होत्रा ने क्या कहा, आइए जानें।
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संजय मल्होत्रा (बाएं) व वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
- फोटो : amarujala.com
विस्तार
राजस्व सचिव और नवनियुक्त आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा 11 दिसंबर को पदभार संभालेंगे। नियुक्ति के बाद उन्होंने कहा कि वह सभी दृष्टिकोणों को समझने और अर्थव्यवस्था के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास करेंगे। वित्त मंत्रालय के बाहर संवाददाताओं सवालों का जवाब देते हुए मल्होत्रा ने कहा, "कोई भी हो उसे क्षेत्र, सभी दृष्टिकोणों को समझना होगा और अर्थव्यवस्था के लिए सर्वोत्तम कार्य करना होगा।" 56 वर्षीय मल्होत्रा, वर्तमान में वित्त मंत्रालय में राजस्व सचिव हैं, उन्हें सोमवार शाम को सरकार ने केंद्रीय बैंक के अगले गवर्नर के रूप में शक्तिकांत दास का स्थान लेने के लिए नामित किया है।
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राजस्थान कैडर के 1990 बैच के आईएएस अधिकारी मल्होत्रा को सार्वजनिक नीति-निर्धारण में तीन दशकों से अधिक का अनुभव है। उनके पास बिजली, वित्त और कराधान जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता है। उन्हें ऐसे समय पर आरबीआई की कमान सौंपी जा रही है जब भारतीय अर्थव्यवस्था धीमी विकास दर और लगातार बढ़ रही महंगाई की दोहरी चुनौती का सामना कर रही है।
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हालांकि शक्तिकांत दास ने मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए लगभग दो वर्षों तक बेंचमार्क ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखा, लेकिन आने वाले गवर्नर के बारे में कहा जाता है कि वे एक टीम प्लेयर हैं, जिनका मानना है कि कीमतों को अकेले भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से काबू में नहीं रखा जा सकता और इस काम के लिए सरकार की मदद भी जरूरी है। मल्होत्रा ऐसे समय में आरबीआई के 26वें गवर्नर का पदभार संभाल रहे हैं जब नीति-निर्धारकों पर विकास को गति देने के लिए ब्याज दरों में कटौती करने का दबाव है।
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जुलाई-सितंबर की अवधि में सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर सात तिमाहियों के निम्नतम स्तर 5.4 प्रतिशत पर आ गई, जबकि अक्तूबर में मुद्रास्फीति बढ़कर 14 महीने के उच्च स्तर 6.21 प्रतिशत पर पहुंच गई। आरबीआई के लिए सरकार की ओर से निर्धारित मुद्रास्फीति लक्ष्य 4 प्रतिशत है, जो दो प्रतिशत अधिक या कम हो सकता है।