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Inflation in India: अनाज, पेट्रोल, खनिज सस्ता होने से घटी थोक महंगाई, पर 15वें माह भी 10 फीसदी से ज्यादा
Fri, 15 Jul 2022 03:34 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 15 Jul 2022 03:34 AM IST
सार
सरकार की ओर से बृहस्पतिवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, खनिज और मूल धातु के दाम में मासिक आधार पर भले ही तेज सुधार हुआ है, लेकिन खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों में तेजी बनी हुई है।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अनाज, गेहूं, प्याज, पेट्रोल, बिजली और खनिज की कीमतों में गिरावट से जून, 2022 में थोक महंगाई के मोर्चे पर राहत मिली है। इसके साथ ही थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित महंगाई के पिछले तीन महीने से बढ़ने का चलन जून में बंद हो गया। फिर भी यह अप्रैल, 2021 से लगातार 15वें महीने 10 फीसदी से ऊंची बनी हुई है।
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सरकार की ओर से बृहस्पतिवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, खनिज और मूल धातु के दाम में मासिक आधार पर भले ही तेज सुधार हुआ है, लेकिन खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों में तेजी बनी हुई है। जून में खाद्य वस्तुओं की महंगाई बढ़कर 14.39 फीसदी पहुंच गई, जो मई, 2022 में 12.34 फीसदी रही थी।
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इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि वैश्विक स्तर पर मंदी आने की आशंका बढ़ने और कमोडिटी की कीमतों में नरमी से खनिज एवं मूल धातु सस्ते हुए हैं। इस वजह से थोक महंगाई के मोर्चे पर थोड़ी राहत मिली है। लेकिन, फल, सब्जियों और आलू के दाम बढ़ने की वजह से डब्ल्यूपीआई महंगाई अब भी उच्च स्तर पर बनी हुई है।
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जुलाई में घटकर 13 फीसदी रह जाएगी
नायर ने कहा कि वैश्विक स्तर पर कमोडिटी और ईंधन की कीमतों में नरमी आ रही है। घरेलू स्तर पर भी खाद्य वस्तुओं के दाम धीरे-धीरे घट रहे हैं। इसका ज्यादा असर अगले महीने आने वाले जुलाई, 2022 के थोक महंगाई के आंकड़ों पर दिखेगा। उम्मीद है कि जुलाई में थोक महंगाई घटकर 13 फीसदी पर आ जाएगी।
ये उत्पाद हुए सस्ते
वस्तुएं मई, 2022 जून, 2022
खनिज 33.94 फीसदी 8.55 फीसदी
अनाज 8.01 फीसदी 7.99 फीसदी
गेहूं 10.55 फीसदी 10.34 फीसदी
प्याज -20.40 फीसदी -31.54 फीसदी
अंडा, मांस, मछली 7.78 फीसदी 7.24 फीसदी
बने कपड़े 4.79 फीसदी 3.90 फीसदी
ईंधन-बिजली 40.62 फीसदी 40.38 फीसदी
पेट्रोल 58.78 फीसदी 57.82 फीसदी
विनिर्मित 10.11 फीसदी 9.19 फीसदी
खाद्य वस्तुओं की बढ़ी महंगाई
उत्पाद मई, 2022 जून, 2022
सब्जी 56.36 फीसदी 56.75 फीसदी
आलू 24.83 फीसदी 39.38 फीसदी
फल 9.98 फीसदी 20.33 फीसदी
दाल -3.69 फीसदी -2.82 फीसदी
दूध 5.81 फीसदी 6.35 फीसदी
एलपीजी 47.71 फीसदी 53.20 फीसदी
रसायन 13.94 फीसदी 14.96 फीसदी
फार्मास्यूटिकल्स 1.83 फीसदी 3.86 फीसदी
चमड़ा व जुड़े सामान 1.84 फीसदी 4.08 फीसदी
ऐसे लगातार 15वें महीने 10 फीसदी से ज्यादा रही डब्ल्यूपीआई महंगाई
अवधि दर
अप्रैल, 2021 10.74 फीसदी
मई, 2021 13.11 फीसदी
जून, 2021 12.07 फीसदी
जुलाई, 2021 11.16 फीसदी
अगस्त, 2021 11.64 फीसदी
सितंबर, 2021 10.66 फीसदी
अक्तूबर, 2021 13.83 फीसदी
नवंबर, 2021 14.87 फीसदी
दिसंबर, 2021 14.27 फीसदी
जनवरी, 2022 13.68 फीसदी
फरवरी, 2022 13.11 फीसदी
मार्च, 2022 14.55 फीसदी
अप्रैल, 2022 15.08 फीसदी
मई, 2022 15.88 फीसदी
जून, 2022 15.18 फीसदी
खुदरा महंगाई : मार्च तक घटकर 5 फीसदी पर आएगी
लगातार बढ़ रही खुदरा महंगाई अगले साल मार्च तक 2 फीसदी घटकर 5 फीसदी के स्तर पर आ सकती है। जून, 2022 में यह मामूली घटकर 7.01 फीसदी पर आ गई। एसबीआई ने रिपोर्ट में कहा कि देश में खुदरा महंगाई दर लगातार छठे महीने 6 फीसदी से ऊपर रही है। हालांकि, पिछले दो महीने में सरकार और आरबीआई की ओर से उठाए गए कदमों से महंगाई के मोर्चे पर थोड़ी राहत मिली है। इन कदमों में पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती, खाद्य निर्यात पर प्रतिबंध शामिल हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, 299 में से 200 कमोडिटीज को आपूर्ति संचालित में वर्गीकृत किया जा सकता है, जबकि 99 को मांग संचालित में वर्गीकृत किया जा सकता है। आपूर्ति पक्ष वर्तमान में खुदरा महंगाई के मौजूदा स्तर के लगभग दो तिहाई के लिए जिम्मेदार है, जबकि मांग पत्र एक तिहाई योगदान करता है। ऐसे में आने वाले समय में आपूर्ति सही होने पर खुदरा महंगाई में कमी आ सकती है।
-एसबीआई ने कहा कि वैश्विक मंदी आने की फिलहाल 20 से 30 फीसदी ही आशंका है। इसकी प्रमुख वजह बढ़ती महंगाई और आक्रामक तरीके से बढ़ाई जा रही ब्याज दरें हैं। अर्थव्यवस्था में लंबे समय तक गतिरोध बना रह सकता है।