फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   West Asia Unrest Aftermath Iran-Israel war will impact global trade freight cost will increase by 50 pc

West Asia Unrest Aftermath: ईरान-इस्राइल युद्ध से वैश्विक व्यापार पर असर, 50% बढ़ जाएगी माल ढुलाई लागत

Mon, 16 Jun 2025 07:13 AM IST
ज्योति भास्कर अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी नई दिल्ली। Published by: ज्योति भास्कर Updated Mon, 16 Jun 2025 07:13 AM IST
सार

पश्चिम एशिया में ईरान और इस्राइल युद्ध से वैश्विक व्यापार पर असर होने का खतरा है। जानकारों का अनुमान है कि माल ढुलाई लागत 50 फीसदी तक बढ़ जाएगी। निर्यातकों का कहना है कि युद्ध लंबे समय तक चला तो लाल सागर मार्ग से होने वाला माल निर्यात प्रभावित होगा।

विज्ञापन
West Asia Unrest Aftermath Iran-Israel war will impact global trade freight cost will increase by 50 pc
80% वस्तु व्यापार यूरोप के साथ लाल सागर मार्ग से ही करता है भारत - फोटो : अमर उजाला प्रिंट

विस्तार

ईरान-इस्राइल युद्ध ने वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं को और बढ़ा दिया है। इससे न सिर्फ भारत के निर्यात समेत वैश्विक व्यापार पर असर पड़ रहा है, बल्कि हवाई और समुद्री माल ढुलाई दरों के साथ बीमा शुल्क में भी बढ़ोतरी का भी जोखिम है। निर्यातकों का कहना है कि इस युद्ध के कारण यूरोप और रूस जैसे देशों को भारत का निर्यात प्रभावित हो सकता है। अगर युद्ध लंबे समय तक चलता रहा, तो ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य एवं लाल सागर जैसे मार्गों के जरिये व्यापारिक जहाजों की आवाजाही प्रभावित होगी।

विज्ञापन


फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (फियो) के अध्यक्ष एससी रल्हन ने कहा, वैश्विक व्यापार की स्थिति धीरे-धीरे सुधर रही थी, जो ईरान-इस्राइल तनाव बढ़ने से फिर से प्रभावित होगी। वहीं, मुंबई स्थित निर्यातक एवं टेक्नोक्राफ्ट इंडस्ट्रीज के संस्थापक अध्यक्ष एसके सराफ ने कहा, मालवाहक जहाज धीरे-धीरे लाल सागर के मार्गों पर लौट आए हैं। इससे भारत और एशिया के अन्य हिस्सों से अमेरिका एवं यूरोप जाने में 15-20 दिन की बचत हो रही है। इस युद्ध के कारण मालवाहन जहाज अब फिर से लाल सागर मार्ग का इस्तेमाल करने से बचेंगे।
विज्ञापन


सराफ ने आगे कहा, ईरान और इस्राइल के बीच युद्ध अगर एक सप्ताह से अधिक समय तक चलत रहा, तो माल ढुलाई की लागत करीब 50 फीसदी तक बढ़ जाएगी, जिसका बोझ व्यापारियों को उठाना पड़ेगा। भारत के व्यापार पर असर पड़ेगा, क्योंकि दोनों देश हमारे बड़े व्यापारिक साझेदार हैं। इसके अलावा, वैश्विक व्यापार के लिए भी स्थिति काफी कठिन हो जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


150 डॉलर तक पहुंच सकते हैं क्रूड के दाम
फियो के महानिदेशक अजय सहाय ने कहा, सब कुछ इस बात पर निर्भर करता है कि संघर्ष स्थानीय स्तर तक ही सीमित रहेगा या अन्य देश भी इसमें शामिल होंगे। इसका असर सबसे पहले कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ेगा। वहीं, विश्लेषकों का कहना है कि अगर ईरान-इस्राइल तनाव बढ़ता है, तो सबसे खराब स्थिति में कच्चे तेल (ब्रेंट क्रूड) की कीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं, जो वर्तमान स्तर से 103 फीसदी अधिक है।

  • सहाय ने कहा, लाल सागर के अलावा इस बार होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाला मार्ग भी एक ऐसा कारक है, जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। वैश्विक पेट्रोलियम पदार्थों की खपत का 21 प्रतिशत इसी मार्ग से गुजरता है।
  • भारत, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया इस मार्ग से कच्चे तेल की आपूर्ति के लिए शीर्ष गंतव्य थे। ओमान भी भारत को तरलीकृत प्राकृतिक गैस की आपूर्ति के लिए इसी मार्ग का इस्तेमाल करता है।

युद्ध लंबा खिंचा तो भारत पर ऐसे पड़ेगा असर...दोनों मार्गों से 34 फीसदी निर्यात
यूरोप के साथ भारत का करीब 80 फीसदी वस्तु व्यापार लाल सागर के जरिये होता है। अमेरिका के साथ भी काफी व्यापार इसी मार्ग से होता है। लाल सागर और होर्मुज जलडमरूमध्य इन दोनों भौगोलिक क्षेत्रों के जरिये भारत कुल 34 फीसदी निर्यात करता है। लाल सागर मार्ग से दुनिया के 30 फीसदी कंटेनर गुजरते हैं, जबकि 12 फीसदी वैश्विक व्यापार इसी रास्ते हो होता है।

  • भारत ने इस्राइल को 2024-25 में कुल 2.1 अरब डॉलर का निर्यात किया था, जो 2023-24 के 4.5 अरब डॉलर से आधा है। ईरान को होने वाला निर्यात 2024-25 में 1.4 अरब डॉलर रहा।
  • अगर युद्ध लंबे समय तक जारी रहता है, तो भारत से दोनों देशों को होने वाला निर्यात प्रभावित होगा। इसका असर कुल व्यापार पर पड़ेगा।
  • हाल के घटनाक्रमों पर चर्चा करने के लिए सरकार की ओर से आने वाले दिनों में निर्यातकों के साथ बैठक करने की उम्मीद है।

वैश्विक व्यापार में पहले ही गिरावट की आशंका
विश्लेषकों का कहना है कि यह युद्ध अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उच्च टैरिफ की घोषणा के बाद वैशि्वक व्यापार पर पड़ने वाले दबाव को और बढ़ा देता है। टैरिफ के असर को देखते हुए विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) पहले ही आशंका जता चुका है कि 2025 में वैश्विक व्यापार में 0.2 फीसदी की गिरावट आएगी। इससे पहले 2.7 फीसदी की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed