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Warren Buffett: 'गलतियों से सीखें और दयालु बनें', बर्कशायर सीईओ के पद से विदाई लेते हुए वॉरेन बफेट का संदेश

Wed, 12 Nov 2025 06:47 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Wed, 12 Nov 2025 06:47 PM IST
सार

60 साल तक बर्कशायर हैथवे के सीईओ का पद संभालने के बाद वॉरेन बफेट ने पद छोड़ने का एलान किया है। वे 1965 से हर साल बफेट कंपनी के शेयरधारकों और कर्मचारियों के लिए एक पत्र लिखते आ रहे हैं। उनकी ओर से लिखा गया यह सालाना पत्र दुनियाभर के निवेशकों के लिए ‘बाइबल’ माना जाता है। सीईओ के तौर पर अपनी आखिरी चिट्ठी में बफेट ने क्या संदेश दिया? आइए जानते हैं।

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Warren Buffett Bids Farewell: A Legacy of Wisdom, Humility, and Kindness
वॉरेन बफेट - फोटो : amarujala.com

विस्तार

दुनिया के सबसे दिग्गज निवेशकों में एक वॉरेन बफेट ने करीब 60 साल तक बर्कशायर हैथवे का नेतृत्व करने के बाद सीईओ पद छोड़ने का फैसला किया है। 94 साल के बफेट इस वर्ष के अंत तक अपना पद छोड़ देंगे। सीईओ के तौर पर अपने आखिरी पत्र में बफेट ने किसी शोर-शराबे की बात नहीं की, न ही कोई बड़ा एलान किया। उनका यह पत्र सादगी और विनम्रता भरा रहा। अपने आखिरी संदेश में बफेट ने लोगों को सलाह दी कि पिछली गलतियों के लिए खुद को कोसें नहीं बल्कि उनसे सीखें और आगे बढ़ें। बफेट ने लिखा कि सुधार करने की बात हो तो कभी देर नहीं होती।

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दुनियाभर के निवेशकों के लिए बाइबल सरीखे बफेट के पत्र

1965 से हर साल बफेट कंपनी के शेयरधारकों और कर्मचारियों के लिए एक पत्र लिखते आ रहे हैं। सीईओ के रूप में उनकी ओर से लिखा गया यह पत्र दुनियाभर के निवेशकों के लिए ‘बाइबल’ माना जाता है। इन चिट्ठियों में केवल कंपनी की वित्तीय रिपोर्ट ही नहीं होती, बल्कि जीवन दर्शन, निवेश के गुर और व्यावहारिक बुद्धिमत्ता भी झलकती है। अब बफेट ने सीईओ पद छोड़ने का एलान किया है, पर उन्होंने कहा कि है वे हर साल अपने बच्चों और शेयरधारकों को थैंक्सगिविंग संदेश भेजते रहेंगे। इस बार अपने संदेश में बफेट ने लिखा, "मेरी सबसे बड़ी विरासत पैसा नहीं, बल्कि लोगों से साझा की गई बुद्धिमत्ता और मेरे ऊपर उनका भरोसा है।"

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94 वर्ष की उम्र में भी हफ्ते में पांच दिन दफ्तर 

पत्र में बफेट ने अपने परोपकारी कार्य, उम्र और जीवन से मिलने वाली सीखों पर भावनात्मक अंदाज में लिखा। उन्होंने बताया कि वे अपने पास बचे 149 अरब डॉलर के शेयर दान करेंगे। उन्होंने कहा “मुझे अब भी अच्छा महसूस होता है। मैं धीरे चलता हूं और पढ़ने में थोड़ा समय लेता हूं, लेकिन मैं हफ्ते में पांच दिन दफ्तर जाता हूं और शानदार लोगों के साथ काम करता हूं।” बफेट ने बताया कि हाल ही में उन्होंने 1,800 क्लास ए शेयर, जिनकी कीमत लगभग 1.35 अरब डॉलर है, को क्लास बी शेयरों में बदलकर अपने चार पारिवारिक ट्रस्टों को दान किया है।

अपनी पिछली गलतियों के लिए खुद को न कोसें

बफेट ने अपने पत्र में लिखा, "मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि मैं अपने जीवन के दूसरे भाग में पहले भाग की तुलना में बेहतर महसूस करता हूं। मेरी सलाह है कि पिछली गलतियों के लिए खुद को कोसें नहीं, उनसे कम से कम थोड़ा सीखें और आगे बढ़ें। सुधार करने में कभी देर नहीं होती। बफेट ने सही हीरो चुनने और उनकी नकल करने की सलाह दी। उन्होंने कहा, "आप टॉम मर्फी से शुरुआत कर सकते हैं; वे सर्वश्रेष्ठ थे। अल्फ्रेड नोबेल को याद कीजिए, जिनके नाम पर नोबेल पुरस्कार शुरू हुआ, उन्होंने - कथित तौर पर अपने ही मौत की खबर पढ़ी थी, जो उनके भाई की मौत के बाद गलती से छप गई थी। उन्होंने जो पढ़ा उससे वह भयभीत हो गए और उन्हें एहसास हुआ कि उन्हें अपना व्यवहार बदलना चाहिए। तय करें कि आप अपनी मौत के बाद दूसरों की कैसी प्रतिक्रिया चाहते हैं और उस अनुसार जीवन जिएं।"

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महानता पैसा, प्रचार या ताकत से नहीं मिलती

बफेट ने लिखा, "महानता बहुत सारा पैसा, बहुत सारा प्रचार या सरकार में बहुत अधिक ताक इकट्ठा करने से नहीं मिलती। जब आप हजारों तरीकों में से किसी एक से किसी की मदद करते हैं, तो आप दुनिया की मदद करते हैं। दयालुता मुफ्त है, लेकिन अनमोल भी है।" बफेट ने स्वीकार किया कि उन्होंने अनगिनत बार लापरवाही बरती और कई गलतियां की हैं, लेकिन साथ ही कुछ बेहतरीन दोस्तों से बेहतर व्यवहार करना भी सीखा। बफेट के अनुसार, हमेशा यह ध्यान रखें कि सफाई करने वाली महिला भी चेयरमैन जितनी ही एक इंसान होती है।

बर्कशायर पर बफेट का भरोसा बरकरार

बफेट ने अपने संदेश में लिखा है कि उनका भरोसा बर्कशायर हैथवे के भविष्य पर कायम है और वे तब तक अपनी कुछ क्लास ए शेयरों को बनाए रखेंगे जब तक निवेशकों को नई लीडरशिप पर पूरा भरोसा नहीं हो जाता। उन्होंने लिखा "यह विश्वास पैदा होने में अधिक समय नहीं लगेगा।" वॉरेन बफेट ने सीईओ के तौर पर अपनी आखिरी चिट्ठी में बर्कशायर के व्यवसाय की संभावनाओं को औसत से थोड़ा बेहतर बताया।

बफेट बोले- बर्कशायर की कमान होनहार लोगों के हाथ में

बफेट ने लिखा कि कंपनी का नेतृत्व कुछ बड़े होनहार लोग कर रहे हैं। हालांकि, बफेट ने यह भी दावा किया कि अब से एक या दो दशक बाद, कई कंपनियां ऐसी होंगी जो बर्कशायर से बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं। बफेट ने लिखा, "हमारा आकार अपना असर डालता है। बर्कशायर में विनाशकारी आपदा की संभावना मेरे जानने वाले किसी भी व्यवसाय की तुलना में कम है। बर्कशायर का प्रबंधन और बोर्ड लगभग किसी भी ऐसी कंपनी की तुलना में शेयरधारकों के प्रति अधिक सचेत है। इससे मैं परिचित हूं (और मैंने बहुत कुछ देखा है)।"

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प्रबंधकों को वंशवाद या पैसे की लालसा नहीं होनी चाहिए

बफेट ने लिखा, "बर्कशायर का प्रबंधन हमेशा इस तरह से किया जाएगा कि वह हमेशा अमेरिका के लिए एक परिसंपत्ति बने और कंपनी ऐसी गतिविधियों से दूर रहे जो उसे याचक बनने की ओर ले जाएं। समय के साथ, हमारे प्रबंधक काफी धनी हो जाएंगे- उनके पास महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं - लेकिन उन्हें वंशवाद या धन की लालसा नहीं होनी चाहिए।" बफेट ने लिखा कि हो सकता है, हमारे शेयर की कीमत मनमाने ढंग बढ़े, कभी-कभी 50% या उससे भी कम गिर भी जाए, जैसा कि वर्तमान प्रबंधन के तहत 60 वर्षों में तीन बार हुआ है। पर निराश न हों; अमेरिका वापस आएगा और बर्कशायर के शेयर भी वापस आएंगे। 

ग्रेग एबेल होंगे बर्कशायर के नए सीईओ

बफेट के उत्तराधिकारी के रूप में ग्रेग एबेल कंपनी की कमान संभालेंगे। एबेल 2000 से कंपनी से जुड़े हैं, जब बर्कशायर ने उनका ऊर्जा कारोबार अधिग्रहित किया था। बफेट ने कहा 'वह हमारी कंपनियों और कर्मचारियों को मुझसे कहीं बेहतर समझते हैं। वह एक बेहतरीन प्रबंधक, मेहनती और ईमानदार संचारक हैं।' उन्होंने जोड़ा मैं चाहता हूं कि उनकी सेहत अच्छी रहे और वे लंबे समय तक बर्कशायर का नेतृत्व करें।

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