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स्टार्टअप में निवेश का बढ़ रहा चलन, चार वर्षों में यूपी ने किया 800 करोड़ से ज्यादा का निवेश
हिमांशु मिश्र, अमर उजाला, कानपुर
Updated Mon, 24 Sep 2018 10:45 AM IST
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स्टार्टअप इंडिया में यूपी बना अग्रणी
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स्टार्टअप में निवेश अब एक नए तरह का बिजनेस ट्रेंड बनता जा रहा है। कारोबारियों व उद्योगपतियों के साथ अब वेतनभोगी भी इनमें निवेश करने लगे हैं। प्रदेश सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले चार सालों में अकेले उत्तर प्रदेश के निवेशकों ने करीब 800 करोड़ रुपये का निवेश अलग-अलग स्टार्टअप में किया है।
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कानपुर, लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, आगरा के अलावा, प्रदेश के कई शहरों में पिछले चार सालों में ऐसे निवेशकों केे एक नए वर्ग का उदय हुआ है। ये ऐसे लोग हैं, जो अभी तक सिर्फ शेयर बाजार, संपत्ति, सोने-चांदी में ही पैसा लगाते थे।
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प्रदेश में एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देने वाले संस्थान टाई यूपी के प्रेसिडेंट अमित तिवारी बताते हैं कि स्टार्टअप में निवेशकों को कमाई की अच्छी संभावनाएं दिख रही हैं। निवेशकों का नया ग्रुप स्टार्टअप में बढ़ती संभावनाओं को भांप चुका है।
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यही कारण है कि अब लोग या तो सीधे स्टार्टअप कंपनियों में निवेश कर रहे हैं या फिर एंजल नेटवर्क, वेंचर कैटलिस्ट कंपनियों के जरिये अपना पैसा लगा रहे हैं। अमित बताते हैं कि स्टार्टअप में पैसा लगाने वालों को फायदा मिलने की उम्मीद 30 फीसदी ही होती है, मतलब पैसा डूबने की आशंका 70 फीसदी होती है।
लेकिन जिन्हें फायदा मिलता है, उन्हें उनकी निवेश रकम का 100 से 200 गुना अधिक फायदा मिलता है। फ्लिपकार्ट, स्नैपडील, ओला, ओयो रूम्स जैसी बड़ी स्टार्टअप कंपनियां इसका प्रत्यक्ष उदाहरण हैं।
वेंचर कैटलिस्ट करेगा 500 करोड़ निवेश
स्टार्टअप में निवेश करने वाले देश के बड़े निवेशक और वेंचर कैटलिस्ट के प्रेसीडेंट डॉ. अपूर्व बताते हैं कि उनकी कंपनी ने 2022 तक यूपी के स्टार्टअप्स में 500 करोड़ रुपये तक निवेश करने का लक्ष्य बनाया है। इसके लिए यूपी सरकार से समझौता भी हुआ है।
पिछले दो माह में कंपनी ने 54 करोड़ रुपये तक का निवेश भी किया है। डॉ. अपूर्व कानपुर के निवासी हैं। वह बताते हैं कि स्टार्टअप में निवेश करने की राह अब बेहद आसान हो चुकी है। इसमें निवेश करने वालों को फायदा भी अधिक मिलता है। 2017 में वेंचर कैटलिस्ट देश की सबसे बड़ी निवेशक कंपनी बन चुकी है। अकेले वेंचर कैटलिस्ट ने पिछले साल 315 करोड़ रुपये का निवेश स्टार्टअप में किया था।
कानपुर एंजल नेटवर्क भी सक्रिय
स्टार्टअप में पैसा लगाने के लिए शहर के कई बड़े उद्योगपतियों, कारोबारियों ने मिलकर कानपुर एंजल नेटवर्क का गठन किया है। इससे शहर का लगभग हर बड़ा उद्योगपति जुड़ा हुआ है। इस संस्थान के जरिये उद्योगपति और कारोबारी अलग-अलग स्टार्टअप का चयन करते हैं और मानकों पर खरा उतरने पर उनमें अच्छी खासी रकम का निवेश भी करते हैं।
निवेशक बनता है कंपनी का पार्टनर
वेंचर कैटलिस्ट के सह-संस्थापक विनायक नाथ ने कहा कि मैं एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करता था, लेकिन बाद में उसे छोड़कर मैंने स्टार्टअप में निवेश करना शुरू कर दिया। इसका काफी फायदा मिला है। अभी तक करीब 100 करोड़ रुपये अपने वेंचर के जरिये अलग-अलग स्टार्टअप में लगा चुका हूं। स्टॉक मार्केट की अपेक्षा स्टार्टअप में निवेश करना बेहतर है। इसमें निवेशक कंपनी का पार्टनर बनता है न कि उसे शेयर मिलता है।
पिछले दो माह में कंपनी ने 54 करोड़ रुपये तक का निवेश भी किया है। डॉ. अपूर्व कानपुर के निवासी हैं। वह बताते हैं कि स्टार्टअप में निवेश करने की राह अब बेहद आसान हो चुकी है। इसमें निवेश करने वालों को फायदा भी अधिक मिलता है। 2017 में वेंचर कैटलिस्ट देश की सबसे बड़ी निवेशक कंपनी बन चुकी है। अकेले वेंचर कैटलिस्ट ने पिछले साल 315 करोड़ रुपये का निवेश स्टार्टअप में किया था।
कानपुर एंजल नेटवर्क भी सक्रिय
स्टार्टअप में पैसा लगाने के लिए शहर के कई बड़े उद्योगपतियों, कारोबारियों ने मिलकर कानपुर एंजल नेटवर्क का गठन किया है। इससे शहर का लगभग हर बड़ा उद्योगपति जुड़ा हुआ है। इस संस्थान के जरिये उद्योगपति और कारोबारी अलग-अलग स्टार्टअप का चयन करते हैं और मानकों पर खरा उतरने पर उनमें अच्छी खासी रकम का निवेश भी करते हैं।
निवेशक बनता है कंपनी का पार्टनर
वेंचर कैटलिस्ट के सह-संस्थापक विनायक नाथ ने कहा कि मैं एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करता था, लेकिन बाद में उसे छोड़कर मैंने स्टार्टअप में निवेश करना शुरू कर दिया। इसका काफी फायदा मिला है। अभी तक करीब 100 करोड़ रुपये अपने वेंचर के जरिये अलग-अलग स्टार्टअप में लगा चुका हूं। स्टॉक मार्केट की अपेक्षा स्टार्टअप में निवेश करना बेहतर है। इसमें निवेशक कंपनी का पार्टनर बनता है न कि उसे शेयर मिलता है।