फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   US SEC summons Gautam Adani, nephew Sagar in bribery case Adani Row News and Updates

Adani: अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग का बड़ा कदम, रिश्वत मामले में गौतम अदाणी और उनके भतीजे सागर तलब

Sat, 23 Nov 2024 02:41 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Sat, 23 Nov 2024 02:41 PM IST
सार

Adani Row: अदाणी समूह के संस्थापक और चेयरमैन गौतम अदाणी और उनके भतीजे सागर को अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग (एसईसी) की ओर से समन जारी किया है। एसईसी ने उन्हें आकर्षक सौर ऊर्जा अनुबंध हासिल करने के लिए 265 मिलियन डाॅलर (2,200 करोड़ रुपये) की रिश्वत देने के आरोप पर अपना रुख स्पष्ट करने के लिए बुलाया गया है।

विज्ञापन
US SEC summons Gautam Adani, nephew Sagar in bribery case Adani Row News and Updates
गौतम अदाणी। - फोटो : ANI

विस्तार

अदाणी समूह के संस्थापक और चेयरमैन गौतम अदाणी व उनके भतीजे सागर अदाणी को अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग (एसईसी) ने समन जारी किया है। एसईसी ने उन्हें आकर्षक सौर ऊर्जा अनुबंध हासिल करने के लिए 265 मिलियन डाॅलर (2,200 करोड़ रुपये) की रिश्वत देने के आरोप पर अपना रुख स्पष्ट करने के लिए कहा है। अदाणी के अहमदाबाद स्थित शांतिवन फार्म आवास और उनके भतीजे सागर के उसी शहर स्थित बोदकदेव आवास पर समन भेजकर 21 दिनों के मांगा गया गया है।

विज्ञापन

न्यूयॉर्क ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट कोर्ट से 21 नवंबर को भेजा गया नोटिस

न्यूयॉर्क ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट कोर्ट की आरे से से 21 नवंबर को भेजे गए नोटिस में कहा गया है, "इस समन की आप तक तामील के 21 दिनों के भीतर (जिस दिन आपको यह समन मिला, उसे छोड़कर)...आपको वादी (एसईसी) को संलग्न शिकायत का उत्तर या संघीय सिविल प्रक्रिया नियम 12 के अंतर्गत एक प्रस्ताव तामील कराना होगा।" इसमें कहा गया है, "यदि आप जवाब देने में विफल रहते हैं, तो शिकायत में मांगी गई राहत के लिए आपके खिलाफ डिफॉल्ट रूप से निर्णय दर्ज किया जाएगा। आपको अपना जवाब या प्रस्ताव भी अदालत में दाखिल करना होगा।"

विज्ञापन

265 मिलियन डाॅलर की रिश्वत देने पर कथित रूप से सहमति देने का आरोप

बुधवार को न्यूयॉर्क की एक अदालत में खोले गए अभियोग पत्र के अनुसार, गौतम अदाणी, 62, और उनके भतीजे सागर सहित सात अन्य प्रतिवादियों, जो समूह की अक्षय ऊर्जा इकाई अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड में निदेशक हैं, ने आकर्षक सौर ऊर्जा आपूर्ति अनुबंध हासिल करने के लिए लगभग 2020 से 2024 के बीच भारतीय सरकार के अधिकारियों को लगभग 265 मिलियन डालर की रिश्वत देने पर कथित रूप से सहमति व्यक्त दी, जिससे कंपनी को 20 वर्षों में 2 अरब डॉलर का लाभ मिलने की उम्मीद थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

अदाणी समूह ने आरोपों से किया है इनकार

अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से लगाए गए अभियोग के अलावा, अमेरिकी एसईसी ने भी इन दोनों और एज्योर पावर ग्लोबल के कार्यकारी अधिकारी सिरिल कैबनेस पर "बड़े पैमाने पर रिश्वतखोरी की योजना से उत्पन्न आचरण" के लिए आरोप लगाया है। बंदरगाहों से लेकर ऊर्जा तक के कारोबार से जुड़ी इस कंपनी ने आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि वह सभी संभव कानूनी संसाधनों का इस्तेमाल करेगी।अदाणी समूह ने कहा, "हमनें हमेशा अपने परिचालन के सभी क्षेत्रों में शासन, पारदर्शिता और विनियामक अनुपालन के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्धता दिखाई है। हम अपने हितधारकों, भागीदारों और कर्मचारियों को आश्वस्त करते हैं कि हम एक कानून का पालन करने वाला संगठन हैं जो सभी कानूनों का पूरी तरह से अनुपालन करता है।"

अभियोजकों के अनुसार 2022 में शुरू हुई थी जांच

अमेरिका में अभियोग मूल रूप से एक औपचारिक लिखित आरोप है जो अभियोक्ता द्वारा शुरू किया जाता है और एक ग्रैंड जूरी द्वारा किसी अपराध के लिए आरोपित पक्ष के खिलाफ जारी किया जाता है। अभियोग लगाए गए व्यक्ति को जवाब देने के लिए औपचारिक नोटिस दिया जाता है। फिर वह व्यक्ति या व्यक्ति अपने बचाव के लिए बचाव वकील नियुक्त कर सकते हैं। अभियोजकों ने कहा कि जांच 2022 में शुरू हुई थी और उन्होंने पाया कि जांच में बाधा उत्पन्न की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अदाणी समूह ने अपनी कंपनी की रिश्वत विरोधी प्रथाओं और नीतियों से संबंधित झूठे और भ्रामक बयानों के अलावा रिश्वतखोरी की जांच की रिपोर्टों के आधार पर अमेरिकी कंपनियों सहित अन्य कंपनियों से 2 बिलियन अमेरिकी डॉलर का ऋण और बांड जुटाया।

प्रतिवादियों ने रिश्वतखोरी योजना के बारे में बोला झूठ- अमेरिकी अटॉर्नी ब्रियोन पीस 

अमेरिकी अटॉर्नी ब्रियोन पीस ने बुधवार को आरोपों की घोषणा करते हुए एक बयान में कहा, "आरोप है कि प्रतिवादियों ने अरबों डॉलर के अनुबंध हासिल करने के लिए भारतीय सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने के लिए एक विस्तृत योजना बनाई और... रिश्वतखोरी योजना के बारे में झूठ बोला क्योंकि वे अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों से पूंजी जुटाने की कोशिश कर रहे थे।" उन्होंने कहा, "मेरा कार्यालय अंतराष्ट्रीय बाजार में भ्रष्टाचार को जड़ से समाप्त करने और निवेशकों को उन लोगों से बचाने के लिए प्रतिबद्ध है जो हमारे वित्तीय बाजारों की अखंडता की कीमत पर स्वयं को समृद्ध बनाना चाहते हैं।"

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed