{"_id":"65804d05750c6c84dd08a068","slug":"us-parent-of-ebixcash-files-for-bankruptcy-in-us-court-2023-12-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"EbixCash: अमेरिका स्थित मूल कंपनी ने दिवालियापन संरक्षण का दिया आवेदन, भारतीय मूल के रॉबिन रैना हैं संस्थापक","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
EbixCash: अमेरिका स्थित मूल कंपनी ने दिवालियापन संरक्षण का दिया आवेदन, भारतीय मूल के रॉबिन रैना हैं संस्थापक
Mon, 18 Dec 2023 07:17 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Mon, 18 Dec 2023 07:17 PM IST
सार
Ebixcash: एबिक्स के भारतीय मूल के संस्थापक रॉबिन रैना ने 2017 में कई अधिग्रहणों के जरिए भारत में भी कारोबार की शुरुआत की थी। उस समय कंपनी ने घरेलू प्रेषण कंपनी इट्जकैश में बड़ी हिस्सेदारी खरीदी दी। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इस दिवालियापन फाइलिंग का एबिक्स के भारतीय कारोबार पर कितना असर पड़ेगा।
विज्ञापन
रॉबिन रैना।
- फोटो : Social Media
विस्तार
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि भारतीय भुगतान और प्रेषण कंपनी एबिक्सकैश की अमेरिका स्थित मूल कंपनी एबिक्स ने दिवालियापन संरक्षण की याचिका दायर की है। बताया गया है कि 61.7 करोड़ डॉलर के ऋण पर चूक के बाद टेक्सास की एक अदालत में यह याचिका दायर की गई है।
विज्ञापन
चैप्टर 11 के तहत यह फाइलिंग ऐसे समय पर की गई है जब बीमा और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के लिए सॉफ्टवेयर सेवा प्रदाता कंपनी अमेरिकी बैंकों से 600 मिलियन डॉलर की क्रेडिट सुविधा के तहत लिए गए बकाया का भुगतान करने में विफल रही।
विज्ञापन
मीडिया रिपोर्ट्स में अदालत की फाइलिंग के हवाले से बताया गया है कि लॉ फर्म सिडनी ऑस्टिन एलएलपी को दिवालियापन के लिए अधिवक्ता की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जबकि जेफरीज एलएलसी इस कार्यवाही के दौरान निवेश बैंकर के रूप में कार्य करेगा।
विज्ञापन
एबिक्स के भारतीय मूल के संस्थापक रॉबिन रैना ने 2017 में कई अधिग्रहणों के जरिए भारत में भी कारोबार की शुरुआत की थी। उस समय कंपनी ने घरेलू प्रेषण कंपनी इट्जकैश में बड़ी हिस्सेदारी खरीदी दी। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इस दिवालियापन फाइलिंग का एबिक्स के भारतीय कारोबार पर कितना असर पड़ेगा।
मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार एबिक्स सिंगापुर उस सौदे के गारंटर में से एक है, जिसके तहत एबिक्स ने नवंबर में अमेरिकी बैंकों के साथ क्रेडिट सुविधा के विस्तार के लिए हस्ताक्षर किया था। एबिक्स सिंगापुर के पास कंपनी के भारतीय कारोबार का 100% हिस्सा है।