US-China Tariff Dispute: अमेरिका-चीन विवाद से भारत के लिए कई क्षेत्रों में खुल सकते अवसर, FIEO ने कही ये बात
US-China Tariff Dispute: फियो के महानिदेशक अजय सहाय ने कहा, अमेरिका के इस कदम से दोनों देशों के बीच टैरिफ युद्ध शुरू हो जाएगा। ऐसे में चीन की ओर से जवाबी कार्रवाई की आशंका है। इससे भारत और अन्य प्रतिस्पर्धियों को आपूर्ति के अंतर का फायदा उठाने का अवसर मिल सकता है।
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अमेरिका और चीन में शुल्क विवाद से भारत के लिए फेस मास्क, पीपीई, एल्युमीनियम और स्टील समेत कई क्षेत्रों में अवसर के नए द्वार खुल सकते हैं। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (फियो) के महानिदेशक अजय सहाय ने कहा, अमेरिका के इस कदम से दोनों देशों के बीच टैरिफ युद्ध शुरू हो जाएगा। ऐसे में चीन की ओर से जवाबी कार्रवाई की आशंका है। इससे भारत और अन्य प्रतिस्पर्धियों को आपूर्ति के अंतर का फायदा उठाने का अवसर मिल सकता है। भारत इसका लाभ उठाकर अमेरिकी और यूरोपीय बाजारों में अपनी उपस्थिति बढ़ा सकता है। दरअसल, अमेरिका ने अपने सबसे बड़े कारोबारी भागीदार चीन के कुछ उत्पादों पर शुल्क में 100 फीसदी तक बढ़ोतरी की है।
चीन से ईवी आयात घटा रहे पश्चिमी देश
ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा, अमेरिका और यूरोपीय संघ चीन से इलेक्ट्रिक वाहनों के आयात में कटौती कर रहे हैं। अमेरिका द्वारा ईवी, बैटरी और कई अन्य नई टेक्नोलॉजी वस्तुओं पर टैरिफ बढ़ाने से चीन इन उत्पादों को भारत सहित अन्य बाजारों में डंप करने के लिए मजबूर हो सकता है। चीनी फेस मास्क, सीरिंज, सूई और चिकित्सा दस्ताने पर ज्यादा शुल्क भारत के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर पेश करते हैं।
अमेरिका को चीन 420 अरब डॉलर का निर्यात करता है। टैरिफ विवाद से चीन के निर्यात में 18 अरब डॉलर की कमी आई है।
अमेरिका के बाजार में बढ़ सकता है हमारा कारोबार
मांग वाले उत्पादों का उत्पादन और निर्यात को बढ़ाकर भारत अमेरिकी बाजार में व्यापार को बढ़ा सकता है। भारत को ईवी और सेमीकंडक्टर जैसे उत्पादों पर कोई निर्यात लाभ नहीं मिल सकता है, क्योंकि भारत इनका आयातक है। लेकिन, लंबे समय में भारत 2025 से बड़े पैमाने पर सेमीकंडक्टर उत्पादन शुरू करने के साथ इसमें से कुछ को अमेरिका और यूरोप के अन्य देशों में निर्यात करने में सक्षम होगा। भारत में चार चिप संयंत्रों पर काम चल रहा है। ईवी तंत्र भी गति पकड़ रहा है।