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US: गौतम अदाणी पर धोखाधड़ी और 21 अरब घूस देने का आरोप, अमेरिकी कोर्ट से जारी हुआ अरेस्ट वारंट; लगे गंभीर आरोप

Thu, 21 Nov 2024 07:25 AM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: कुमार विवेक Updated Thu, 21 Nov 2024 07:25 AM IST
सार

आरोप है कि रिश्वत के पैसों को जुटाने के लिए अमेरिका समेत अन्य देशों के निवेशकों और बैंकों से झूठ बोला गया। जिन लोगों पर आरोप लगे हैं, उनमें अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के अधिकारी और कारोबारी के करीबी सागर और विनीत जैन का नाम शामिल है।

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Gautam Adani Accused of Fraud Billion Bribery Alleged Conspiracy to Secure Solar Energy Contracts
अदाणी समूह - फोटो : amarujala.com

विस्तार

अदाणी समूह की कंपनियों से जुड़ा एक नया विवाद सामने आया है। अमेरिकी अभियोजकों ने अरबपति गौतम अदाणी और उनकी कंपनियों से जुड़े लोगों पर सौर ऊर्जा अनुबंध के लिए अनुकूल शर्तों के बदले भारतीय अधिकारियों को 25 करोड़ डॉलर (करीब 21 अरब रुपये) रिश्वत देने का आरोप लगाया है

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अमेरिकी अभियोजकों ने 62 वर्षीय अदाणी, उनके भतीजे सागर और अन्य प्रतिवादियों पर 2020 से 2024 के बीच भारतीय सरकारी अधिकारियों को 25 करोड़ डॉलर  से अधिक की रिश्वत देने का आरोप लगाया है। यह राशि सौर ऊर्जा अनुबंध हासिल करने के लिए दिया गया। इससे संभावित रूप से समूह को 2 अरब डॉलर (डेढ़ खरब रुपये) से अधिक का लाभ हो सकता है।
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आरोप है कि यह बात अमेरिकी बैंकों और निवेशकों से छिपाई गई, जिनसे अदाणी समूह ने परियोजना के लिए अरबों डॉलर जुटाए थे। अमेरिकी कानून विदेशी भ्रष्टाचार के आरोपों पर कार्रवाई करने की अनुमति देता है, यदि उनका संबंध अमेरिकी निवेशकों या बाजारों से हो। इस मामले को लाने वाले न्यूयॉर्क के पूर्वी जिले के अमेरिकी अटॉर्नी ब्रियोन पीस ने एक बयान में कहा, "प्रतिवादियों ने अरबों डॉलर के अनुबंध हासिल करने के लिए भारतीय सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने की एक विस्तृत योजना बनाई थी।"
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बंदरगाहों से ऊर्जा तक के कारोबार से जुड़े अदाणी समूह के चेयरमैन अदानी, उनके भतीजे सागर आर अदानी, जो समूह की अक्षय ऊर्जा शाखा अदानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक हैं, और इसके पूर्व सीईओ विनीत जैन पर प्रतिभूति धोखाधड़ी, प्रतिभूति धोखाधड़ी की साजिश और वायर धोखाधड़ी की साजिश का आरोप लगाया गया है। अदाणी पर अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग (एसईसी) के एक दीवानी मामले में भी आरोप लगाए गए। पांच आरोपों वाले केस में सागर और जैन पर संघीय कानून तोड़ने का भी आरोप लगाया गया है।

अमेरिकी प्राधिकारियों ने कथित योजना के संबंध में एक बड़े कनाडाई पेंशन फंड, सीडीपीक्यू के तीन पूर्व कर्मचारियों पर भी आरोप लगाया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने ईमेल डिलीट करके और अमेरिकी सरकार को गलत जानकारी देने पर सहमति जताकर रिश्वत की जांच में बाधा उत्पन्न की। सीडीपीक्यू, जो बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में निवेश करती है, अदाणी की कंपनियों में शेयरधारक है।

पूरा मामला यहां समझें
अमेरिका में जानेमाने कारोबारी गौतम अदाणी पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। न्यूयॉर्क की एक संघीय अदालत (फेडरल कोर्ट) ने अदाणी समेत 7 लोगों पर धोखाधड़ी और रिश्वत का आरोप लगाया गया है। यूनाइटेड स्टेट्स अटॉर्नी ऑफिस के मुताबिक, अदाणी ने भारत में सौर ऊर्जा से जुड़ी एक परियोजना हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों को 250 मिलियन डॉलर (21 अबर रुपये से ज्यादा) की रिश्वत का वादा किया था।

आरोप है कि इन पैसों को जुटाने के लिए अमेरिका समेत अन्य देशों के निवेशकों और बैंकों से झूठ बोला गया। जिन लोगों पर आरोप लगे हैं, उनमें अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के अधिकारी और कारोबारी के करीबी सागर और विनीत जैन का नाम शामिल है। मीडिया रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि गौतम और सागर अदाणी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया है।

किन-किन पर लगाए गए आरोप?
गौतम अदाणी, सागर आर. अदाणी, विनीत एस. जैन, रंजित गुप्ता, रूपेश अग्रवाल, दीपक मल्होत्रा, सौरभ अग्रवाल और सिरील कैबनीज

क्या है मामला?
दावा किया जा रहा है कि 2020 से 2024 के बीच आरोपियों ने एक सौर ऊर्जा अनुबंध पाने के लिए गलत रास्ता अपनाया। उन्होंने भारतीय अधिकारियों को 250 मिलियन डॉलर की रिश्वत देने की साजिश रची। इस अनुबंध के जरिए 20 साल में दो बिलियन डॉलर से ज्यादा मुनाफे का अनुमान लगाया गया था। इसके लिए झूठे दावों और योजनाओं को आधार बनाकर कर्ज और बॉन्ड्स जुटाए गए। इसका कुछ हिस्सा अमेरिकी फर्म्स से भी जुटाया गया। न्यूयॉर्क में दर्ज मामले को लेकर कोर्ट में कहा गया कि पैसे रिश्वत विरोधी नीतियों के खिलाफ जाकर और भ्रामक बयानों के जरिए जुटाए गए। आरोपियों ने  एफबीआई और यूएस सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (एसईसी) की जांच में बाधा डालने की भी साजिश रची।

अमेरिकी अटॉर्नी का बयान
अमेरिकी अटॉर्नी ब्रियोन पीस ने आरोपों में कहा कि अभियुक्तों पर अरबों डॉलर के अनुबंध हासिल करने के लिए भारत के सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने की गोपनीय योजना बनाई थी। उन्होंने इसे लेकर सभी को अंधेरे में रखा और अमेरिकी समेत वैश्विक निवेशकों से फंड जुटाने की कोशिश करते रहे। पीस ने कहा कि हम अंतरराष्ट्रीय बाजार से भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाने के लिए प्रतिबद्ध है।

कांग्रेस ने साधा निशाना
मामले में कांग्रेस ने अडानी के बहाने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरने की कोशिश की। वहीं, भाजपा ने कहा कि आरोप लगाने से पहले पढ़ लेना चाहिए। दरअसल, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि न्यूयॉर्क के पूर्वी जिले के अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय द्वारा गौतम अदाणी और उनसे जुड़े अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाना उस मांग को सही ठहराता है जो कांग्रेस पार्टी लंबे समय से उठा रही है। कांग्रेस पार्टी जनवरी 2023 से विभिन्न मोदानी घोटालों की संयुक्त संसदीय समिति जांच की मांग कर रही है। कांग्रेस ने 'हम अदाणी के हैं कौन श्रृंखला' में इन घोटालों के विभिन्न पहलुओं में प्रधानमंत्री और उनके पसंदीदा पूंजीपति के बीच के घनिष्ठ संबंधों को उजागर करते हुए 100 सवाल पूछे थे। इन सवालों के जवाब आज तक नहीं दिए गए हैं।

आरोपों पर क्या बोला अदाणी समूह?
अदाणी समूह ने अमेरिकी न्याय विभाग और अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग की ओर से अदाणी ग्रीन के निदेशकों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया गया है। कंपनी के बयान के मुताबिक, सभी आरोप निराधार हैं। जैसा कि स्वयं अमेरिकी न्याय विभाग ने कहा है कि अभियोग में आरोप हैं और प्रतिवादियों को तब तक निर्दोष माना जाता है, जब तक कि वे दोषी साबित न हो जाएं। मामले में हरसंभव कानूनी सहारा लिया जाएगा।


बयान के मुताबिक, अदाणी समूह ने हमेशा अपने संचालन के सभी न्यायक्षेत्रों में शासन, पारदर्शिता और नियामक अनुपालन के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध किया है। हम अपने हितधारकों, भागीदारों और कर्मचारियों को आश्वस्त करते हैं कि हम एक कानून का पालन करने वाला संगठन हैं, जो सभी कानूनों का पूरी तरह से अनुपालन करता है।

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