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UPI Transactions: लगातार तीसरे महीने 20 लाख करोड़ रुपये के पार यूपीआई से लेनदेन, सालाना आधार पर 45% इजाफा

Fri, 02 Aug 2024 07:24 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Fri, 02 Aug 2024 07:24 PM IST
सार

UPI Transactions: लगातार तीसरे महीने में यूपीआई से कुल लेनदेन 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा। जून 2024 में कुल यूपीआई लेनदेन मूल्य 20.07 लाख करोड़ रुपये था, जबकि मई में यह 20.44 लाख करोड़ रुपये था।

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UPI transactions cross Rs 20 trillion for third successive month in July 2024
यूपीआई भुगतान - फोटो : Istock

विस्तार

नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) के आंकड़ों के अनुसार, यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के माध्यम से भुगतान में 45 फीसदी की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। लेनदेन के मूल्य में भी 35 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि देखी गई और यह कुल 20 लाख 64 हजार करोड़ रुपये रही।

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लगातार तीसरे महीने में यूपीआई से कुल लेनदेन 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा। जून 2024 में कुल यूपीआई लेनदेन मूल्य 20.07 लाख करोड़ रुपये था, जबकि मई में यह 20.44 लाख करोड़ रुपये था। एनपीसीआई के आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि जुलाई 2024 में यूपीआई के जरिए हर दिन औसतन 44.6 करोड़ लेनदेन (लगभग 66,590 करोड़ रुपये) किए गए। जून की तुलना में जुलाई में यूपीआई लेनदेन में 3.95 प्रतिशत का इजाफा हुआ। जबकि लेनदेन के मूल्य में 2.84 प्रतिशत की वृद्धि हुई। चालू वित्त वर्ष (2024-25) के पहले चार महीनों में, यूपीआई के जरिए लगभग 55.66 अरब लेनदेन में 80.79 ट्रिलियन रुपये का दिए या लिए गए।
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2023-24 में, कुल यूपीआई लेनदेन 131 अरब रहा था। जबकि 2022-23 में यह आंकड़ा 84 अरब था। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के मासिक बुलेटिन के अनुसार पिछले चार वर्षों में,  यूपीआई लेनदेन की मात्रा में दस गुना वृद्धि देखी गई है, जो 2019-20 में 12.5 अरब लेनदेन से 2023-24 में 131 अरब लेनदेन तक पहुंचा है। यह कुल डिजिटल भुगतान का 80 प्रतिशत है। 
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यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI)ट्रांज़ैक्शन में पर्याप्त वृद्धि हुई, जो वित्तीय वर्ष 2024 में सालाना आधार पर 57 प्रतिशत बढ़ी है। 2023-24 के लिए बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (BCG) बैंकिंग सेक्टर राउंडअप के अनुसार, इस सेगमेंट के भीतर, फोनपे और गूगल का वर्चस्व रहा, इनकी संयुक्त बाजार हिस्सेदारी 86 प्रतिशत रही।

डिजिटल भुगतान में बदलाव देखा गया, पिछले तीन वर्षों में क्रेडिट कार्ड लेनदेन दोगुना हो गया। इसके विपरीत डेबिट कार्ड लेनदेन में सालाना आधार पर 43 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म प्रौद्योगिकी और डिवाइस को अज्ञेयवादी बनाकर, यूपीआई ने जमीनी स्तर पर वित्तीय समावेशन में योगदान दिया है। भारत में डिजिटल भुगतान नई ऊंचाई पर पहुंच रहा है, क्योंकि नागरिक तेजी से ऑनलाइन लेनदेन के उभरते तरीकों को अपना रहे हैं।


भारत में डिजिटल भुगतान में यूपीआई की हिस्सेदारी 2023 में 80 प्रतिशत के करीब पहुंच गई है। 2022 के आंकड़ों के अनुसार भारत का दुनिया के डिजिटल लेनदेन में लगभग 46 प्रतिशत हिस्सा है।

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