RBI: ‘कई और देशों में UPI के और बढ़ने की संभावना’, शक्तिकांत दास बोले- भविष्य में इसका अंतरराष्ट्रीयकरण होगा
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) को लेकर काफी आशा जताई है। उन्होंने कहा है कि उम्मीद है कि भविष्य में कई और देशों में यूपीआई का इस्तेमाल शुरू होगा।
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भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि कई और देशों में यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) बढ़ेगा।
महाराष्ट्र के पांच दिवसीय दौरे पर पहुंचे आरबीआई गवर्नर ने कहा कि क्यूआर कोड और तेज भुगतान प्रणालियों के लिंकेज के माध्यम से यूपीआई पहले से ही कई देशों में मौजूद है, और कई अन्य देशों के साथ चर्चा चल रही है। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने बताया, ''हमें उम्मीद है कि भविष्य में यह वैश्विक स्तर पर और बढ़ेगा तथा इसका अंतरराष्ट्रीयकरण होगा।''
बुधवार को मुंबई में एक कार्यक्रम में बोलते हुए दास ने कहा था कि इस दिशा में भूटान, नेपाल, श्रीलंका, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, मॉरीशस, नामीबिया, पेरू, फ्रांस और कुछ अन्य देशों के साथ स्वीकृति के लिए पहले ही उल्लेखनीय प्रगति हो चुकी है। ये भुगतान RuPay कार्ड और यूपीआई नेटवर्क के माध्यम से होंगे। उन्होंने कहा, ये प्रयास दुनिया भर में भारत की पहलों को अपनाने के लिए सहयोगात्मक प्रयासों को रेखांकित करते हैं।
इन देशों में अलग-अलग वर्षों में शुरू हुआ भारत का यूपीआई
| देश | साल |
|---|---|
| भूटान | 2021 |
| मलेशिया | 2021 |
| संयुक्त अरब अमीरात | 2022 |
| सिंगापुर | 2023 |
| ओमान | 2023 |
| कतर | 2023 |
| रूस | 2023 |
| फ्रांस | 2024 |
| श्रीलंका | 2024 |
| मॉरीशस | 2024 |
UPI इस्तेमाल करते समय सावधानी भी जरूरी
यूपीआई आने के बाद देश के डिजिटल पेमेंट क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव आया है। एक समय था जब देश की एक बड़ी आबादी डिजिटल पेमेंट के नाम से घबराती थी। वहीं यूपीआई आने के बाद आज के समय एक छोटे दुकानदार से लेकर बड़ी-बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियां यूपीआई नेटवर्क के साथ जुड़ी हुई हैं। हर साल यूपीआई से होने वाले डिजिटल ट्रांजैक्शन नए रिकॉर्ड बना रहे हैं। एक तरफ यूपीआई आने के बाद जहां लेनदेन की प्रक्रिया काफी आसान हुई है। वहीं यूपीआई फ्रॉड से जुड़े फ्रॉड के मामले भी लगातार सामने निकलकर आते रहे हैं। अगर आप भी यूपीआई से लेनदेन करते हैं, तो आपको सावधान हो जाने की जरूरत है। आपकी जरा सी लापरवाही एक बड़े नुकसान की वजह बन सकती है।