धर्मेंद्र प्रधान ने बताया पेट्रोल की कीमत बढ़ने का कारण, तेल को GST के दायरे में लाने का किया अनुरोध
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केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ने की वजह से घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ रही है। कोरोना वायरस की वजह से आपूर्ति में कटौती हुई थी और साथ ही तेल के उत्पादन पर भी इसका असर पड़ा था। हम जीएसटी परिषद से लगातार पेट्रोलियम उत्पादों को इसके दायरे में शामिल करने का अनुरोध कर रहे हैं क्योंकि इससे लोगों को फायदा होगा।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र पर धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सोनिया जी को पता होना चाहिए कि राजस्थान और महाराष्ट्र में सबसे अधिक कर है। लॉकडाउन के दौरान केंद्र और राज्य सरकारों की कमाई बेहद कम थी। हमने नौकरियों में वृद्धि लाने के लिए बजट में विभिन्न क्षेत्रों को बड़े हिस्से आवंटित किए हैं।
Due to an increase in prices of crude oil in international markets, consumer price (for petrol & diesel) has risen. This will soften gradually. Global supply was reduced due to COVID in turn affecting production as well: Union Petroleum Minister Dharmendra Pradhan pic.twitter.com/TN9N52U2rm
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) February 23, 2021
बताया कीमत में वृद्धि का कारण
देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें आसमान छू रहीं हैं। कई शहरों में पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर के दाम पार गया है। लगातार बढ़ रहे ईंधन के दामों को लेकर विपक्ष लगातार मोदी सरकार पर हमलावर होता जा रहा है। रविवार को धर्मेंद्र प्रधान ने बताया था कि ईंधन की कीमत बढ़ने के पीछे दो मुख्य कारण हैं। पहला अंतरराष्ट्रीय बाजार ने ईंधन का उत्पादन कम कर दिया है। अधिक लाभ प्राप्त करने के लिए विनिर्माण देश कम ईंधन का उत्पादन कर रहे हैं। इससे उपभोक्ता देशों की परेशानियां बढ़ गईं हैं। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि हम लगातार ओपेक और ओपेक प्लस देशों से आग्रह कर रहे हैं कि ऐसा नहीं होना चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ईंधन की कीमतें बढ़ने का एक और कारण वैश्विक महामारी कोरोना वायरस भी है।