Goa: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण राष्ट्रीय सीमा शुल्क और जीएसटी संग्रहालय का आज करेंगी उद्घाटन
मांडवी नदी के तट पर पणजी की प्रसिद्ध ब्लू बिल्डिंग में धरोहर स्थित है। यह दो मंजिला इमारत है। जिसे पहले पुर्तगाली शासन के दौरान अल्फांडेगा के नाम से जाना जाता था, 400 साल पुरानी है।
विस्तार
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज वित्त मंत्रालय के आजादी का अमृत महोत्सव प्रतिष्ठित सप्ताह समारोह के तहत राष्ट्र को गोवा के पणजी में राष्ट्रीय सीमा शुल्क और जीएसटी संग्रहालय 'धरोहर' समर्पित करेंगी।
पीआईबी की विज्ञप्ति में कहा गया है मांडवी नदी के तट पर पणजी की प्रसिद्ध ब्लू बिल्डिंग में धरोहर स्थित है। यह दो मंजिला इमारत है। जिसे पहले पुर्तगाली शासन के दौरान अल्फांडेगा के नाम से जाना जाता था, 400 साल पुरानी है।
प्रेस सूचना ब्यूरो की विज्ञप्ति में कहा गया है कि धरोहर देश में अपनी तरह का एक संग्रहालय है जो न केवल देश भर में भारतीय सीमा शुल्क द्वारा जब्त की गई कलाकृतियों को प्रदर्शित करता है बल्कि आम जनता के ज्ञान के लिए बुनियादी सीमा शुल्क प्रक्रियाओं को भी दर्शाता है।
आगे इसमें कहा गया है कि आइन-ए-अकबरी की हस्तलिखित पांडुलिपि, अमीन स्तंभों की प्रतिकृति, जब्त धातु और पत्थर की कलाकृतियां, हाथी दांत की वस्तुएं और वन्यजीव वस्तुएं इसके प्रदर्शनों में उल्लेखनीय हैं।
हाल ही में इसमें जीएसटी गैलरी को शामिल गया है, जो नए भारत के सबसे ऐतिहासिक अप्रत्यक्ष कर सुधार यानी वस्तु और सेवा कर के बनने की यात्रा को प्रदर्शित करता है।
केंद्रीय उपक्रमों को बंद करने के लिए नहीं है विनिवेश : वित्तमंत्री
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि विनिवेश का मतलब किसी सार्वजनिक कंपनी को बंद करना नहीं बल्कि उसे अधिक सक्षम और पेशेवर बनाना है। 1994 व 2004 के बीच भी सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों को निजी हाथों में सौंपा गया था। अब इन उपक्रमों का कामकाज पेशेवर ढंग से बोर्ड संभालते हैं। उनके प्रदर्शन में सिर्फ सुधार ही दिखा है।
वित्तमंत्री ने आजादी का अमृत महोत्सव के तहत आयोजित दीपम के समारोह में कहा, जिस सिद्धांत के साथ अभी विनिवेश प्रक्रिया संचालित हो रही है, वह एक इकाई को बंद करने वाली नहीं है। अर्थव्यवस्था को ऐसी कई कंपनियों की जरूरत है। उन्होंने कहा, सभी एक्सचेंज ट्रेडेड फंडों में सीपीएसई भारत बॉन्ड ईटीएफ का हिस्सा 84% है। भारत बॉन्ड ईटीएफ के तहत प्रबंधन वाली संपत्तियां 53,000 करोड़ रुपये से अधिक हैं।
निजीकरण से निवेश लाने में मिलेगी मदद
सीतारमण ने कहा, विनिवेश का सिद्धांत यह सुनिश्चित करना है कि जिन कंपनियों का निजीकरण हो रहा है, वे उन लोगों के हाथों में हों जो इसे चला सकते हैं। अधिक पूंजी ला सकते हैं और वस्तुओं का उत्पादन कर सकते हैं। इससे और अधिक निवेश के अवसर पैदा होंगे। सरकार ने विनिवेश के लिए आधे दर्जन से अधिक सार्वजनिक कंपनियों की सूची बनाई हुई है। पूरे वित्त वर्ष के लिए 65,000 करोड़ का विनिवेश लक्ष्य रखा गया है।
आगामी दशक सतत विकास के लिए आशाजनक : बेरी
नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी ने शुक्रवार को कहा कि उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में भारत की आर्थिक स्थिति अच्छी है। आने वाला दशक सतत विकास के लिए आशाजनक है। वैश्विक संस्थागत निवेशकों के साथ बैठक में उन्होंने कहा कि क्षमता, प्रदर्शन एवं नीतियों के किसी भी मूल्यांकन में वैश्विक प्रतिकूलताओं, चुनौतियों और अन्य अर्थव्यवस्थाओं के सापेक्ष भारत के प्रदर्शन को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।