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Budget 2023: पीएम आवास योजना के फंड में बढ़ोतरी, शहरी विकास पर सालाना 10,000 करोड़ खर्च होंगे
Wed, 01 Feb 2023 03:49 PM IST
शिवेंद्र तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Wed, 01 Feb 2023 03:49 PM IST
सार
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2023-24 का बजट पेश किया। बजट में वित्त मंत्री ने लोगों को किफायती घर मुहैया करने के लिए बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि अब पीएम आवास योजना के लिए बजट को 66 फीसदी बढ़ाया जा रहा है।
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बजट 2023-24
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2023-24 का बजट पेश किया। अन्य क्षेत्रों की तरह आवासीय क्षेत्र को लेकर भी कई अहम एलान हुए। बजट में वित्त मंत्री ने लोगों को किफायती घर मुहैया करने के लिए बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि अब पीएम आवास योजना के लिए बजट को 66 फीसदी बढ़ाया जा रहा है। इसलिए अब इसका फंड 79 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा कर दिया गया है। वहीं शहरी विकास पर सालाना 10,000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। शहरों और कस्बों में पूरी तरह से मशीनी पद्धति से सफाई की जाएगी।
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निर्मला सीतारमण
- फोटो : संसद टीवी
आवासीय क्षेत्र को लेकर हुई ये घोषणाएं
पीएम आवास योजना का बजट बढ़ा
अगर बात वित्त वर्ष 2022-23 की करें, तो उस दौरान वित्त मंत्री ने पीएम आवास योजना के लिए 48 हजार करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था। वहीं, अब इसे बढ़ाकर 79 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा कर दिया गया है।
शहरी नियोजन में सुधार होंगे
शहरों को भविष्य के स्थायी शहरों में बदलने के लिए शहरी नियोजन सुधार और कार्रवाई करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
म्युनिसिपल बांड पर घोषणा
म्युनिसिपल बांड के लिए अपनी साख में सुधार के लिए, संपत्ति कर प्रशासन सुधारों और रिंग फेंसिंग उपयोगकर्ता शुल्क के माध्यम से शहरों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
शहरी बुनियादी ढांचा विकास निधि की स्थापना
टियर-2 और टियर-3 शहरों में शहरी अवसंरचना विकास निधि के लिए हर साल 10 हजार करोड़ रुपये जुटाए जाएंगे। इसका प्रबंधन राष्ट्रीय आवास बैंक द्वारा किया जाएगा।
100 फीसदी मशीनी सफाई
शहरों में पूरी तरह मशीनों से मल टैंकों, मैनहोलों की सफाई होगी। सूखे और गीले कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन पर अधिक ध्यान दिया जाएगा।
आवासीय गृह मे किए गए निवेश पर पूंजीगत लाभों से कटौती
कर रियायतों और छूटों को बेहतर लक्षित करने के लिए धारा 54 और 54एच के तहत आवासीय गृह मे किए गए निवेश पर पूंजीगत लाभों से कटौती की सीमा को 10 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है।
पीएम आवास योजना का बजट बढ़ा
अगर बात वित्त वर्ष 2022-23 की करें, तो उस दौरान वित्त मंत्री ने पीएम आवास योजना के लिए 48 हजार करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था। वहीं, अब इसे बढ़ाकर 79 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा कर दिया गया है।
शहरी नियोजन में सुधार होंगे
शहरों को भविष्य के स्थायी शहरों में बदलने के लिए शहरी नियोजन सुधार और कार्रवाई करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
म्युनिसिपल बांड पर घोषणा
म्युनिसिपल बांड के लिए अपनी साख में सुधार के लिए, संपत्ति कर प्रशासन सुधारों और रिंग फेंसिंग उपयोगकर्ता शुल्क के माध्यम से शहरों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
शहरी बुनियादी ढांचा विकास निधि की स्थापना
टियर-2 और टियर-3 शहरों में शहरी अवसंरचना विकास निधि के लिए हर साल 10 हजार करोड़ रुपये जुटाए जाएंगे। इसका प्रबंधन राष्ट्रीय आवास बैंक द्वारा किया जाएगा।
100 फीसदी मशीनी सफाई
शहरों में पूरी तरह मशीनों से मल टैंकों, मैनहोलों की सफाई होगी। सूखे और गीले कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन पर अधिक ध्यान दिया जाएगा।
आवासीय गृह मे किए गए निवेश पर पूंजीगत लाभों से कटौती
कर रियायतों और छूटों को बेहतर लक्षित करने के लिए धारा 54 और 54एच के तहत आवासीय गृह मे किए गए निवेश पर पूंजीगत लाभों से कटौती की सीमा को 10 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है।
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रियर एस्टेट हाउस
पिछले बजट में आवासीय क्षेत्र को लेकर क्या एलान हुए थे?
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2022-23 के आम बजट में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2022-23 में 80 लाख सस्ते मकानों के निर्माण के लिए आवंटन की घोषणा की थी। संसद के शीतकालीन सत्र में दी गई जानकारी के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2022-23 में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा 20.97 लाख घरों का आबंटन लक्ष्य किया गया था जिनमें 26.99 लाख घर बनाए जा चुके हैं। वहीं पीएमएवाई-यू ने अब तक कुल 122.69 लाख आवंटित किए हैं। इससे 1 करोड़ से अधिक मकान तैयार किए गए हैं और 61 लाख से अधिक मकान बनकर तैयार हो चुके हैं और लाभार्थियों को सौंप दिए गए हैं। पीएमएवाई-यू के तहत निर्माण कार्य में 423 लाख टन सीमेंट और 96 लाख टन लोहे की खपत हुई जबकि 239 लाख रोजगार सृजित हुए।
रियल एस्टेट के विशेषज्ञों के मुताबिक, सस्ते मकानों की श्रेणी में 60 वर्गमीटर तक के मकानों के निर्माण पर टैक्स में छूट की अवधि को एक साल बढ़ा दी गई थी। पहले इसकी समय सीमा 31 मार्च 2021 तक थी। उम्मीद जताई गई थी कि छूट बढ़ने से रियल एस्टेट के बड़े बिल्डर समूह सस्ते मकानों के निर्माण में दिलचस्पी दिखाएंगे।
बजट में वित्त मंत्री की ओर से कहा गया था कि सस्ते मकानों की सुविधा दिलाने के वादे से बीते वर्षों से चली आ रही कई अन्य सुविधाएं भी अगले वित्तीय वर्ष में मिलती रहेंगी। इसमें सरकारी सब्सिडी के तहत केंद्र सरकार से डेढ़ लाख और राज्य सरकार से एक लाख रुपये की सब्सिडी देने का एलान किया गया था।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2022-23 के आम बजट में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2022-23 में 80 लाख सस्ते मकानों के निर्माण के लिए आवंटन की घोषणा की थी। संसद के शीतकालीन सत्र में दी गई जानकारी के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2022-23 में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा 20.97 लाख घरों का आबंटन लक्ष्य किया गया था जिनमें 26.99 लाख घर बनाए जा चुके हैं। वहीं पीएमएवाई-यू ने अब तक कुल 122.69 लाख आवंटित किए हैं। इससे 1 करोड़ से अधिक मकान तैयार किए गए हैं और 61 लाख से अधिक मकान बनकर तैयार हो चुके हैं और लाभार्थियों को सौंप दिए गए हैं। पीएमएवाई-यू के तहत निर्माण कार्य में 423 लाख टन सीमेंट और 96 लाख टन लोहे की खपत हुई जबकि 239 लाख रोजगार सृजित हुए।
रियल एस्टेट के विशेषज्ञों के मुताबिक, सस्ते मकानों की श्रेणी में 60 वर्गमीटर तक के मकानों के निर्माण पर टैक्स में छूट की अवधि को एक साल बढ़ा दी गई थी। पहले इसकी समय सीमा 31 मार्च 2021 तक थी। उम्मीद जताई गई थी कि छूट बढ़ने से रियल एस्टेट के बड़े बिल्डर समूह सस्ते मकानों के निर्माण में दिलचस्पी दिखाएंगे।
बजट में वित्त मंत्री की ओर से कहा गया था कि सस्ते मकानों की सुविधा दिलाने के वादे से बीते वर्षों से चली आ रही कई अन्य सुविधाएं भी अगले वित्तीय वर्ष में मिलती रहेंगी। इसमें सरकारी सब्सिडी के तहत केंद्र सरकार से डेढ़ लाख और राज्य सरकार से एक लाख रुपये की सब्सिडी देने का एलान किया गया था।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
चार कैटेगरी में सस्ते मकान बनाने की घोषणा
बजट की इस घोषणा के अंतर्गत चार कैटेगरी में सस्ते मकान बनाए जाने की बात कही गई थी। घोषणा में कहा गया था कि इसमें या लोग खुद 60 वर्गमीटर से छोटे सस्ते मकान बनाएं या फिर बिल्डर की ओर से अपने तरीके से सस्ते मकान बनाए जाएंगे। तीसरी कैटेगरी में सरकार की ओर से बिल्डर को सस्ते मकान बनाने का काम किया दिया जा सकता है या फिर सरकार खुद ही सस्ते मकान बनाने का काम करे।
बजट की इस घोषणा के अंतर्गत चार कैटेगरी में सस्ते मकान बनाए जाने की बात कही गई थी। घोषणा में कहा गया था कि इसमें या लोग खुद 60 वर्गमीटर से छोटे सस्ते मकान बनाएं या फिर बिल्डर की ओर से अपने तरीके से सस्ते मकान बनाए जाएंगे। तीसरी कैटेगरी में सरकार की ओर से बिल्डर को सस्ते मकान बनाने का काम किया दिया जा सकता है या फिर सरकार खुद ही सस्ते मकान बनाने का काम करे।