फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Uday Kotak clarifies his statement calling dollar as financial terrorist

Uday Kotak: पहले डॉलर को बताया 'फाइनेंशियल टेररिस्ट', फिर विवाद बढ़ा तो उदय कोटक ने दी सफाई; जानें पूरा वाकया

Sun, 30 Apr 2023 05:42 PM IST
शिव शरण शुक्ला बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Sun, 30 Apr 2023 05:42 PM IST
सार

अपनी पोस्ट में उदय कोटक ने कहा कि उन्होंने अनजाने में अमेरिकी डॉलर को 'फाइनेंशियल टेररिस्ट' कहा था, जिसे वे सही करना चाहेंगे। उदय ने आगे कहा कि उन्होंने इस शब्द का प्रयोग रिजर्व करेंसी के तौर पर डॉलर की ताकत दिखाने के संदर्भ में किया था।

विज्ञापन
Uday Kotak clarifies his statement calling dollar as financial terrorist
उदय कोटक - फोटो : फाइल

विस्तार

कोटक महिंद्रा बैंक के सीईओ उदय कोटक ने अमेरिकी डॉलर को लेकर दिए गए अपने बयान पर सफाई दी है। अमेरिकी मुद्रा को 'फाइनेंशियल टेररिस्ट' करार देने वाले बयान को लेकर मचे घमासान के बाद उदय कोटक ने ट्विटर का सहारा लेते हुए बयान के पीछे वजह बताई। 

विज्ञापन


अपनी पोस्ट में उदय कोटक ने कहा कि उन्होंने अनजाने में अमेरिकी डॉलर को 'फाइनेंशियल टेररिस्ट' कहा था, जिसे वे सही करना चाहेंगे। उदय ने आगे कहा कि उन्होंने इस शब्द का प्रयोग रिजर्व करेंसी के तौर पर डॉलर की ताकत दिखाने के संदर्भ में किया था। एक तरह से रिजर्व करेंसी के रूप में डॉलर दुनिया के बाजार पर नियंत्रण रखने की ताकत रखता है। उन्होंने कहा कि ये ताकत उसे नॉस्ट्रो अकाउंट के ऑपरेशन में भी मिलती है। 
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि एक आरक्षित डॉलर के रूप में अमेरिकी डॉलर की स्थिति इसे अंतरराष्ट्रीय व्यापार को विनियमित करने की शक्ति देती है। यह अन्य देशों को लेन-देन करते समय एक आश्रित स्थिति में रखती है। दरअसल, एक कार्यक्रम के दौरान कोटतक महिंद्रा बैंक के सीईओ उदय कोटक ने डॉलर को लेकर बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि रिजर्व करेंसी के रूप में डॉलर के पास बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा था कि अमेरिकी डॉलर रिजर्व करेंसी के रूप में 'फाइनेंशियल टेररिस्ट' की तरह है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इस कार्यक्रम में आगे उन्होंने कहा कि इस समय दुनिया डॉलर का विकल्प तलाशने में लगी हैं, जिसे रिजर्व करेंसी के तौर पर प्रयोग में लाया जा सके। ऐसे में भारतीय रुपये के लिए यह मौका बन सकता है। अगर  रिजर्व करेंसी के रूप में भारतीय रुपये की ओर दुनिया का ध्यान आकृष्ट कराना है तो इसके लिए भारत को मजबूत संस्थानों की रूपरेखा बनानी होगी, जो किसी भी तरह के बाहरी दबाव से मुक्त रहे। 


गौरतलब है कि उदय कोटक वर्ष 1985 में बैंक की स्थापना के समय से ही इसके सीईओ की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उन्होंने बीते साल दिसंबर में बैंक के प्रमुख के पद से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि बाद में उनकी बैंक में दोबारा वापसी हुई है। बैंक ने उन्हें नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बनाकर बोर्ड में शामिल किया है। हालांकि उनकी दोबारा वापसी पर भी सवाल उठ रहे हैं। कई लोगों ने आरबीआई के एक नियम का हवाला देते हुए इसे कानूनन गलत करार दिया है। वहीं दूसरी ओर, कोटक महिंद्रा बैंक के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर जैमिन भट ने उदय की वापसी को कानून सम्मत बताया है। 
 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed