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तीन मई तक नहीं चलेंगी ट्रेनें, बुक की है टिकट, तो जानें कैसे मिलेगा रिफंड

Tue, 14 Apr 2020 01:39 PM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Tue, 14 Apr 2020 01:39 PM IST
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trains cancelled by Railways due to lockdown refund will be provided by IRCTC
रेलवे - फोटो : PTI

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लॉकडाउन 2.0 का एलान किया और कहा कि अब यह देश में तीन मई 2020 तक जारी रहेगा। इसके बाद भारतीय रेलवे ने भी तीन मई तक यात्री ट्रेनें रद्द करने की घोषणा की, जिससे कई लोग चिंतित हो गए हैं।

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पहले लॉकडाउन 14 अप्रैल तक किया गया था। इसलिए कई लोगों ने 15 अप्रैल से यात्रा के लिए ट्रेन टिकट बुक करवा ली थी। लेकिन यात्रियों को परेशान होनी की जरूरत नहीं है। भारतीय रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) की ओर से यात्रियों को टिकट पर रिफंड मिलेगा। इसलिए आपको अपनी ई-टिकट कैंसिल करने की जरूरत नहीं है। अगर यात्री अपनी टिकट को रद्द करता है, तो संभावना है कि उसे कम पैसे मिले। 
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खाते में आ जाएगा पूरा पैसा
आईआरसीटीसी के अनुसार, ई-टिकट की बुकिंग के लिए यात्री द्वारा इस्तेमाल किए गए खाते में उसका पूरा पैसा भेज दिया जाएगा। रेलगाड़ी रद्द होने के मामले में रेलवे द्वारा कोई शुल्क नहीं काटा जाएगा। 

रेल मंत्रालय ने कहा कि प्रीमियम ट्रेन, मेल/एक्सप्रेस ट्रेन, पैसेंजर ट्रेन, सबर्बन ट्रेन, कोलकाता मेट्रो रेल और कोंकण रेलवे आदि को 3 मई तक के लिए निलंबित कर दिया है।

मालूम हो कि हवाई सेवाओं को भी तीन मई तक रद्द किया गया है। इस दौरान घरेलू और अंतरराष्ट्रीय विमान सेवाएं दोनों ही बंद रहेंगी।

कैंसिलेशन पर नहीं लौटाया जाता सुविधा शुल्क
मालूम हो कि आईआरसीटीसी की वेबसाइट से बुकिंग कराने पर प्रति टिकट कुछ सुविधा शुल्क लिया जाता है। आईआरसीटीसी सुविधा शुल्क के तौर पर नॉन एसी क्लास के लिए 15 रुपये प्रति टिकट जबकि एसी और फर्स्ट क्लास के लिए 30 रुपये वसूलता है। कैंसिलेशन में वो सुविधा शुल्क नहीं लौटाया जाता है। बाकी पूरा पैसा मिल जाता है। रेलवे की ओर से पिछले साल ही सर्विस चार्जेज 25 फीसदी कम किए गए थे। ई-टिकट की सेवा के संचालन के लिए मेंटिनेंस का रोजाना खर्च 32 लाख रुपये बैठता है। सालाना यह रकम 125 रुपये तक बैठती है। 

तीन महीने तक दाखिल कर सकते हैं टीडीआर 
21 मार्च से 21 जून 2020 तक रेलवे द्वारा रद्द की गई ट्रेनों में, यात्रा की तारीख से तीन महीने तक टिकट जमा करने पर काउंटर पर रिफंड लिया जा सकता है। इससे पहले, समय सीमा 3 दिन यानि 72 घंटे थी। मालूम हो कि जब ट्रेन रद्द नहीं होती है, लेकिन यात्री यात्रा नहीं करना चाहता है, तो स्टेशन पर यात्रा की तारीख से तीन महीने के भीतर टीडीआर (टिकट जमा रसीद) दाखिल किया जा सकता है।


देश के अलग-अलग हिस्सों में फंसे लोग
देशभर में कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए सभी यात्री ट्रेनों को बंद कर दिया है। केवल मालगाड़ियां ही चलाई जा रही हैं। ऐसे में काफी लोग देश के अलग-अलग हिस्सों में फंस गए हैं और अपने घर पहुंचना चाहते हैं, लेकिन अभी इसका कोई साधन नहीं है। इसलिए लाखों लोगों को ट्रेनों के चलने का इंतजार हैं।
 

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