फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   TRAI looks to lower TV bills by bringing consultation paper

अब टीवी देखना होगा सस्ता, ट्राई जारी कर सकता है ये नया दस्तावेज

Tue, 21 May 2019 11:22 AM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Tue, 21 May 2019 11:22 AM IST
विज्ञापन
TRAI looks to lower TV bills by bringing consultation paper

ग्राहकों की सेवाओं को ध्यान में रखते हुए और उन्हें ज्यादा से ज्यादा सेवाएं मुहैया कराने के लिए टेलीकॉम रेगुलेटर ट्राई (TRAI) आए दिन अपने नियमों में बदलाव करता रहता है। अब ट्राई बहुत जल्द एक बड़ा कदम उठा सकता है। ट्राई के इस कदम से ग्राहकों को काफी फायदा होगा। आइए जानते हैं कैसे।

विज्ञापन


अगर आप भी टीवी के बिल से परेशान हैं तो अब चिंता की कोई बात नहीं। ऐसा इसलिए क्योंकि ट्राई एक कंसल्टेशन दस्तावोज जारी करने पर विचार कर रहा है। इससे ग्राहकों को काफी फायदा होगा क्योंकि इसके बाद टीवी का बिल काफी कम हो जाएगा। 
विज्ञापन


इस संदर्भ में ट्राई के एक अधिकारी ने कहा कि कंसल्टेशन पेपर के जरिए टीवी का बिल कम किया जाएगा। फिलहाल इस बात पर विचार हो रहा है कि टैरिफ कम करने के लिए क्या तरीका अपनाया जाए। 

विज्ञापन
विज्ञापन

TRAI looks to lower TV bills by bringing consultation paper

हाल ही में यह भी खबर सामने आई थी कि भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) उन ऐप्स पर भी अपना नियंत्रण करेगा जो टीवी चैनलों की लाइव स्ट्रिमिंग करते हैं। इन ऐप्स को भी देश में चलाने के लिए कंपनियों को ट्राई से लाइसेंस लेना होगा।

देश में यह ऐप्स करते हैं चैनलों की स्ट्रिमिंग

मोबाइल ऐप्स जैसे कि हॉटस्टार, एयरटेल टीवी, जियो टीवी, सोनी लिव, एमएक्स प्लेयर, जी5 कई चैनलों की लाइव स्ट्रिमिंग करते हैं। इनको भी अब वैसे ही लाइसेंस लेना होगा जैसे कि ब्रॉडकास्टिंग कंपनियों ने ले रखा है। 
 

ख़ास आपके लिए:- लोकसभा चुनाव नतीजे: आपके शहर में कौन आगे, कौन पीछे...पल-पल का हाल सीधे आपके मोबाइल पर


मुफ्त में होती है स्ट्रिमिंग

फिलहाल इन मोबाइल ऐप्स पर टीवी चैनलों की स्ट्रिमिंग मुफ्त में होती है। इन ऐप्स पर ट्राई का नियंत्रण भी नहीं है। ट्राई का कहना है कि उसने ब्रॉडकास्टिंग कंपनियों को लाइसेंस दे रखा है कि वो अपना कंटेंट केबल ऑपरेटर या फिर डीटीएच कंपनियों को दें।

लेकिन मोबाइल ऐप्स जैसे तीसरी पार्टी अगर चैनलों को मुफ्त में दिखाती है तो फिर यह गलत है। इसलिए अब इन मोबाइल ऐप्स को भी लाइसेंस लेना होगा। 

जुलाई-अगस्त में लेकर आएगी ड्राफ्ट

ट्राई जुलाई-अगस्त के बीच एक ड्राफ्ट लेकर के आएगी, जिस पर लोगों से सुझाव मांगे जाएंगे। हालांकि मोबाइल ऐप चलाने वाली कंपनियों का कहना है कि ट्राई को ऐसा करने का कोई अधिकार नहीं है। ऐसे ऐप्स आईटी एक्ट के अंदर आते हैं। इससे इन कंपनियों पर काफी नकारात्मक असर पड़ेगा। 

आप पर पड़ेगा असर

अगर ट्राई इन मोबाइल ऐप्स को भी लाइसेंस की सीमा में लाता है, तो फिर लोग फ्री में कोई भी चैनल नहीं देख पाएंगे। प्रत्येक ऐप के लिए आपको पैसा देना होगा, जो कि काफी महंगा हो जाएगा। ट्राई द्वारा पहले ही टीवी देखना महंगा कर दिया है। ट्राई के इस नए कदम से लोग मोबाइल पर टीवी देखना बंद कर देंगे। अभी बड़े शहरों में लोग अपने पसंदीदा कार्यक्रमों को मोबाइल ऐप पर देखना पसंद करते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed