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आयोग का डर: चुनावी आचार संहिता के कारण नकदी संग यात्रा करने से बच रहे व्यापारी, क्या कारोबार पर पड़ रहा असर?
Sat, 18 May 2024 11:56 AM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: कुमार विवेक
Updated Sat, 18 May 2024 11:56 AM IST
सार
Election Impact on Business: चुनाव के कारण व्यापारी नकदी लेकर आने-जाने से बच रहे हैं। उनको पकड़े जाने का भय है। इसकी वजह से उन्हें कारोबार में कटौती का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारियों के यात्रा टालने का असर सोने-चांदी से लेकर कपड़ा, रियल एस्टेट के कारोबार पर भी पड़ रहा है।
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चुनाव का कारोबार पर पड़ेगा असर
- फोटो : amarujala.com
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विस्तार
देश में आम चुनाव हो रहे हैं। लोकसभा चुनाव 2024 की वजह से देश में आचार संहिता लागू है। इसकी वजह से अधिक नकदी लेकर यात्रा करना मुशिकल भरा सफर हो गया है। इसलिए व्यापारी दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में जाने से बच रहे हैं। चुनावों में धनबल का इस्तेमाल होना एक आम बात है। हर चुनावों में चुनाव आयोग धनबल के प्रयोग को रोकने के लिए भरसक प्रयास करता है। क्योंकि प्रत्याशियों की ओर से मतादाताओं को लुभाने के लिए नकदी बांटने की आशंका बनी रहती है।
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ऐसे में चुनाव आयोग के निर्देश पर जगह-जगह नकदी के हस्तांरण का पता लगाने के लिए तलाशी ली जाती है। दूसरी ओर विभिन्न कारोबार से जुड़े व्यापारियों कोअपना माल खरीदने के लिए मुंबई, दिल्ली, सूरत, अहमदाबाद, कोलकाता जैसे शहरों में नकदी लेकर आना-जाना पड़ाता है। हालांकि इन दिनों चुनाव आयोग की कार्रवाई के डर से व्यापारी नकद के साथ सफर करने से बच रहे हैं। कारण है कि यदि व्यापार के लिए ले जाने वाली नकदी चुनाव आयोग के हाथ लग जाए तो उसे वापस लेने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा है, समय अलग बर्बाद होता है। व्यापारियों की ओर से अपनी यात्राएं टालने से कारोबार पर भी इसका असर पड़ रहा है।
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चुनाव के कारण कारोबार पर कैसे पड़ रहा असर?
सूरत के होलसेल कपड़ा व्यापारी राजीव शाह बताते हैं कि कपड़ा बाजार पहले से मंदी का सामना कर रहा है। यहां होलसेल बाजार से खरीदी करने के लिए उत्तर और दक्षिण भारत के राज्यों से व्यापारी साड़ी, सूट और बच्चों के कपड़े लेने आते हैं। लेकिन चुनाव होने की वजह से व्यापारियों ने इसमें कटौती कर दी है। चेकिंग और नाकाबंदी की वजह से व्यापारी खरीदी के लिए नहीं आ रहे हैं। इसका व्यापार पर सीधा असर पड़ा है थोक बिक्री 40 प्रतिशत तक प्रभावित हुई है।
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थोक बाजारों में दिहाड़ी मजदूरों की कमी
मुंबई होलसेल मार्केट के ट्रांसर्पोटेशन के अधिकारी धर्मेश सिंह बताते हैं कि थोक बाजारों में दिहाड़ी मजदूरों की कमी हो गई है। चुनाव के दौरान प्रचार रैलियों और रोड शो में जाने के लिए दिहाड़ी पर काम मिल रहा है, इससे उद्योग में दिहाड़ी मजदूरों की कमी हो गई है। इससे उत्पादन क्षमता पर सीधा असर पड़ा है। छतरी बनाने वाले भरत कटियार बताते हैं कि मानसून के लिए उत्पादन चल रहा है लेकिन अभी तक कारोबार में तेजी नहीं आई है। अचार संहिता की वजह से नकदी लेकर कारोबारी आवाजाही नहीं कर रहे हैं। वहीं दूसरी और मजदूरों की कमी से उत्पादन प्रभावित हुआ है।
सोने-चांदी के कारोबार पर भी पड़ रहा असर
जावेरी बाजार के कारोबारी इंदू जैन बताते हैं कि सोने चांदी के कारोबार पर चुनाव का असर हुआ है। बाजार में सोने के गहने और सिक्क लेकर व्यापारी आते जाते हैं। अब इसमें पेरशानी हो रही है। चेकिंग से बचने के लिए कारोबारी कम खरीदारी कर रहे हैं इसका असर व्यापार पर है।
कंस्ट्रक्शन और कपड़ा बाजार के दिहाड़ी मजदूरों की सबसे ज्यादा कमी
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) महाराष्ट्र प्रदेश के महामंत्री शंकर ठक्कर का कहना है गर्मियों की छुट्टियां और चुनाव एक साथ होने से सभी उद्योगों में मजदूरों की कमी हो गई है। मजदूरों को उनके गांवों में चुनाव प्रचार का काम मिल रहा है। इसकी वजह से मजदूर नहीं मिल रहे हैं। कंस्ट्रक्शन और कपड़ा बाजार के दिहाड़ी मजदूरों सबसे ज्यादा कमी है। साथ ही चेकिंग से बचने के लिए लोग कीमती धातुओं और नकदी ले जाने से बच रहे हैं। इस कारण सोने-चांदी के कारोबारी प्रभावित हुए हैं। कारोबारियों का कहना है चुनाव के बाद कारोबार में तेजी आने की उम्मीद है। व्यापारी नकद लेकर डिस्काउंट लेते हैं और चुनाव की वजह से कैश लाने में असुविधा है। इसकी वजह से बिक्री पर असर पड़ता है।