{"_id":"57616a894f1c1b953111bb36","slug":"tomato-prices-shoots-up-as-demand-rises","type":"story","status":"publish","title_hn":"फीकी हुई टमाटर की लाली, दाम पहुंचे 50 के पार","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी ","slug":"business-diary"}}
फीकी हुई टमाटर की लाली, दाम पहुंचे 50 के पार
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Wed, 15 Jun 2016 08:17 PM IST
सार
- बरसात शुरू होने के बाद सब्जियों के दाम में आ सकती है गिरावट पर टमाटर के दाम नहीं होंगे कम
- देशभर के कई राज्यों में सूखे के चलते टमाटर की फसल खराब, डिमांड अधिक और सप्लाई कम के साथ किसानों ने दाम बढ़ाएं
विज्ञापन
टमाटर के दामों में वृद्धि
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
महंगाई के बीच हरी सब्जियों के दाम दोगुने तक पहुंचने के साथ ही टमाटर की कीमत भी आम आदमी को लाल कर रही हैं। क्योंकि टमाटर के दाम दोगुने से अधिक पहुंच चुके हैं। पिछले दस दिनों में सब्जियों के दामों में करीब पंद्रह से पचास फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। जबकि टमाटर के दाम में लगातार तेजी की बात कही जा रही है।
विज्ञापन
देश के कई राज्यों में सूखे के चलते टमाटर समेत सब्जियों के दाम में बढ़ोतरी हुई है। आजादपुर सब्जी मंडी के आढ़तियों के मुताबिक, देश के कई राज्य सूखे की चपेट में हैं। खासकर महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में बरसात की कमी के चलते टमाटर की फसल पूरी तरह तबाह हो चुकी है और सब्जियों पर भी इसका असर पड़ा है। आढ़ती राजीव के मुताबिक, फिलहाल टमाटर के दाम सबसे अधिक बढ़े हैं। क्योंकि मंडी में इन दिनों हिमाचल और हरियाणा से ही टमाटर आ रहे हैं।
विज्ञापन
डिमांड अधिक और सप्लाई कम होने के चलते किसान अधिक दाम पर सब्जी और टमाटर बेच रहे हैं। दक्षिण भारत समेत अन्य राज्यों में बरसात का मौसम शुरू होने वाला है। इसलिए टमाटर के दाम तो कम नहीं होंगे। हालांकि अन्य सब्जियों के दाम कम होने की संभावना है। टमाटर के दाम बरसात शुरू होने के साथ और अधिक बढ़ जाएंगे। क्योंकि खेतों में पानी भरने से टमाटर की फसल खराब हो जाती है। ऐसे में बरसात के दिनों में पहाड़ी राज्यों से ही टमाटर की फसल आती है। फिलहाल दाम बढ़ने का एकमात्र कारण सूखा है। मध्य प्रदेश व महाराष्ट्र से टमाटर की फसल आती थी, लेकिन बारिश न होने के चलते फसल खराब हो गयी।
विज्ञापन