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बिजनेस को Flipkart ke saath ऑनलाइन लाकर बदला कंपनी का भविष्य, 300 लोगों को मिल रहा रोजगार
Mon, 13 Sep 2021 11:20 AM IST
प्रशांत कुमार झा
Media solution initiative
Media solution initiative
Published by: प्रशांत कुमार झा
Updated Mon, 13 Sep 2021 11:20 AM IST
सार
देश की अग्रणी ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट ने जुलाई 2019 में ‘समर्थ’ नामक एक खास पहल की शुरुआत की थी , जिसका उद्देश्य देश के छोटे उद्यमियों, बुनकरों, व हस्तकलाकारों को ई-कॉमर्स से जोड़ना था। इसी क्रम में मेघदूत हर्बल व अन्य कई लघु उद्योगों ने सफलता पूर्वक ऑनलाइन व्यापार शुरू किया।
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मेघदूत हर्बल कंपनी के चेयरमैन
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
कोरोना महामारी ने हम सभी का जीवन प्रभावित किया है, लेकिन इस महामारी ने हमें यह भी सिखाया है कि मुश्किल समय का मुकाबला हम साथ आकर ही कर सकते हैं। ऐसा ही कर दिखाया है हर्बल एवं अन्य प्राकृतिक आयुर्वेदिक उत्पाद बनाने वाली कंपनी मेघदूत हर्बल ने। अपने संघर्ष, परिश्रम व दृढ़ निश्चय से मेघदूत हर्बल ने इस महामारी के समय में कई लोगों को रोजगार प्रदान कर सहायता की है।
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मेघदूत हर्बल की स्थापना वर्तमान समय में इसके प्रमुख विपुल शुक्ला के दादाजी ने साल 1985 में लखनऊ के पास स्थित एक गांव में की थी। शुरुआत में मेघदूत एक ऑफिस और एक प्रोडक्शन प्लांट के साथ शुरू हुआ था। इसका प्रमुख उद्देश्य गांव के आस-पास के लोगों को रोजगार प्रदान करना था। जल्द ही मेघदूत हर्बल ने उत्तर प्रदेश खादी ऐंड विलेज इंडस्ट्री बोर्ड (यूपीकेवीआईबी) के साथ टाइअप कर लिया और आज मेघदूत हर्बल तीसरी पीढ़ी के युवा उद्यमियों विपुल व उनके भाई विश्वास के मार्गदर्शन में आगे बढ़ रहा है।
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फ्लिपकार्ट ‘समर्थ’ के साथ देश भर में बनाई अपनी पहचान
देश की अग्रणी ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट ने जुलाई 2019 में ‘समर्थ’ नामक एक खास पहल की शुरुआत की थी , जिसका उद्देश्य देश के छोटे उद्यमियों, बुनकरों, व हस्तकलाकारों को ई-कॉमर्स से जोड़ना है। जिससे वो अपना व्यापार ऑनलाइन माध्यम से भी आसानी से कर सकें, जिसके लिए फ्लिपकार्ट समर्थ ढेरों बेहतरीन एनजीओ व सरकारी संस्थाओं के साथ कार्य कर रहा है। बता दें कि अबतक 7.5 लाख से ज्यादा लघु उद्योग ‘फ्लिपकार्ट समर्थ’ की सहायता से ऑनलाइन माध्यम से अपना व्यापार संचालित कर रहे हैं। इसी क्रम में फ्लिपकार्ट समर्थ ने 2 अक्टूबर 2019 को उत्तर प्रदेश खादी ऐंड विलेज इंडस्ट्री बोर्ड के साथ एक एमओयू साइन किया। जिसके द्वारा मेघदूत हर्बल व अन्य कई लघु उद्योगों ने सफलता पूर्वक ऑनलाइन व्यापार शुरू किया।
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कोरोना काल के बारे में बात करते हुए विपुल बताते हैं कि “जनवरी 2020 में हमें कोरोना महामारी के आने वाले खतरे के बारे में थोड़ी बहुत जानकारी होने लगी थी। इसी भयावहता को महसूस करते हुए हमने फरवरी महीने से सैनेटाइजर व अन्य कई प्रोडक्ट्स को बनाना शुरू किया। उत्पादन के बाद भी हमें अपने ग्राहकों तक पहुंचने में काफी मुश्किल हो रही थी। ऐसे में फ्लिपकार्ट ने हमारी सहायता की और हमारे उत्पाद को देश के कोने-कोने तक पहुंचाया। मार्च महीने की शुरुआत में ऑनलाइन बिक्री के द्वारा इसकी मांग काफी ज्यादा बढ़ गई।”
विपुल आगे बताते हैं कि एक तरफ जहां पहले हम अपने उत्पादों को उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश के कुछ जगहों तक ही पहुंचा पाते थे, तो वहीं फ्लिपकार्ट के आ जाने से ऑनलाइन मार्केट के द्वारा अब हम पूरे देश में अपने उत्पाद बेच पा रहे हैं। फ्लिपकार्ट ने हमें लोकल बिजनेस से नेशनल बिजनेस बनाया। हमारी सेल एक महीने में जितनी होती थी उतनी एक दिन में होने लगी।
कोरोना काल में 4 गुना बढ़ा मेघदूत हर्बल का बिजनेस
विपुल शुक्ला के पिता व मेघदूत हर्बल के ओनर विमल शुक्ला ने बताया कि, “महामारी के समय सैनेटाइजर की मांग तो काफी बढ़ गई, लेकिन हमारे पास उत्पाद होने के बाद भी हम ट्रांसपोर्ट नहीं कर पा रहे थे। ऐसे में फ्लिपकार्ट की सप्लाई चेन ने हमारी काफी सहायता की। साथ ही फ्लिपकार्ट के खास ‘बिग बिलियन डे’ के समय हमने अन्य दिनों के मुकाबले 4 गुना ज्यादा बिजनेस किया। फ्लिपकार्ट ऑर्डर से लेकर सप्लाइ चेन तक सबकुछ संभालता है, ऐसे में हम अपने उत्पादों की गुणवत्ता पर और भी ध्यान दे पाते हैं। आने वाले समय में हमें अपने बिजनेस के और भी आगे बढ़ने की उम्मीद है।”
विपुल आगे बताते हैं कि एक तरफ जहां पहले हम अपने उत्पादों को उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश के कुछ जगहों तक ही पहुंचा पाते थे, तो वहीं फ्लिपकार्ट के आ जाने से ऑनलाइन मार्केट के द्वारा अब हम पूरे देश में अपने उत्पाद बेच पा रहे हैं। फ्लिपकार्ट ने हमें लोकल बिजनेस से नेशनल बिजनेस बनाया। हमारी सेल एक महीने में जितनी होती थी उतनी एक दिन में होने लगी।
कोरोना काल में 4 गुना बढ़ा मेघदूत हर्बल का बिजनेस
विपुल शुक्ला के पिता व मेघदूत हर्बल के ओनर विमल शुक्ला ने बताया कि, “महामारी के समय सैनेटाइजर की मांग तो काफी बढ़ गई, लेकिन हमारे पास उत्पाद होने के बाद भी हम ट्रांसपोर्ट नहीं कर पा रहे थे। ऐसे में फ्लिपकार्ट की सप्लाई चेन ने हमारी काफी सहायता की। साथ ही फ्लिपकार्ट के खास ‘बिग बिलियन डे’ के समय हमने अन्य दिनों के मुकाबले 4 गुना ज्यादा बिजनेस किया। फ्लिपकार्ट ऑर्डर से लेकर सप्लाइ चेन तक सबकुछ संभालता है, ऐसे में हम अपने उत्पादों की गुणवत्ता पर और भी ध्यान दे पाते हैं। आने वाले समय में हमें अपने बिजनेस के और भी आगे बढ़ने की उम्मीद है।”
व्यापर बढ़ने के साथ ही मेघदूत हर्बल ने रोजगार के अवसर बढ़ाने की भी पहल शुरू की। यहां पर उत्पादन से लेकर पैकिंग तक का सारा काम हाथों से होता है। ऐसे में यहां पर रोजगार के अवसर भी बढ़ने लगे। वर्तमान समय में यहां के प्रोडक्शन प्लांट में पास के गांव के 300 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिसमें से 40% महिलाएं हैं। अपनी इस यात्रा में उत्तर प्रदेश सरकार व फ्लिपकार्ट समर्थ के सहयोग को भी विपुल एक बड़ी सहायता बताते हैं। ‘फ्लिपकार्ट समर्थ’ के बारे में विपुल का कहना है कि हम जैसे ट्रेडिशनल बिजनेस को आगे बढ़ाने में फ्लिपकार्ट ने हमारी हर संभव सहायता की है और हमें विश्वास है कि फ्लिपकार्ट के साथ आगे का सफर भी बेहतरीन होगा।