फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   To increase the growth rate, one crore jobs are needed every year, making cities IT hubs will increase employm

Jobs: विकास दर बढ़ाने के लिए हर साल एक करोड़ नौकरियों की जरूरत, शहरों को IT हब बनाने से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

Sun, 03 Nov 2024 05:02 AM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शुभम कुमार Updated Sun, 03 Nov 2024 05:02 AM IST
सार

भारत में 6.5 फीसदी विकास दर बढ़ाने के लिए हर साल लगभग एक करोड़ नई नौकरियों की जरूरत होगी। रिपोर्ट की माने तो रोजगार में बढ़ोतरी के लिए सरकार को दूसरे और तीसरे स्तर के शहरों को आईटी हब बनाने की जरूरत है। 

विज्ञापन
To increase the growth rate, one crore jobs are needed every year, making cities IT hubs will increase employm
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फ्री पिक

विस्तार

भारत को सालाना 6.5 फीसदी की विकास दर बनाए रखने के लिए वित्त वर्ष 2029-30 तक हर साल लगभग एक करोड़ नई नौकरियों की जरूरत होगी। गोल्डमैन सैश की रिपोर्ट के अनुसार, दूसरे और तीसरे स्तर के शहरों में आईटी हब और छोटे शहरों में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करने से बड़े शहरों पर दबाव कम होगा। इससे कम सेवा वाले क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
विज्ञापन


पीएलआई योजनाओं का प्रभाव
रिपोर्ट के अनुसार, राजकोषीय प्रोत्साहनों को श्रम-प्रधान विनिर्माण क्षेत्रों जैसे कपड़ा, खाद्य प्रसंस्करण और फर्नीचर की ओर स्थानांतरित करने की जरूरत है। यह निम्न से मध्यम कौशल वाले श्रमिकों के लिए रोजगार सृजन में मदद कर सकता है। सरकार की उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजनाओं ने मुख्य रूप से पूंजी प्रधान उद्योगों को लाभान्वित किया है।
विज्ञापन


इसके साथ ही गोल्डमैन सैश ने कपड़ा, जूते, खिलौने और चमड़े के सामान सहित अधिक श्रम प्रधान क्षेत्रों में ज्यादा बदलाव की जरूरत बताई है। इससे भारत के विनिर्माण क्षेत्र को व्यापक रोजगार लक्ष्यों के साथ जोड़ा जा सकता है, क्योंकि लगभग 67 प्रतिशत विनिर्माण नौकरियां श्रम प्रधान क्षेत्रों में रहती हैं। ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन


20 वर्षों में 19.6 करोड़ नौकरियों का सृजन
पिछले दो दशकों में भारत ने लगभग 19.6 करोड़ नौकरियां जोड़ीं हैं। इनमें से दो तिहाई पिछले 10 साल में जुड़ी हैं। भारत में रोजगार के लिए निर्माण क्षेत्र प्राथमिक चालक बना हुआ है। कुल नौकरियों का लगभग 13 प्रतिशत योगदान इसका है। रियल एस्टेट और बुनियादी ढांचे में निवेश से न केवल नौकरियां पैदा हुई हैं, बल्कि निम्न से मध्यम परिवारों में आय का स्तर भी बढ़ा है। कुल रोजगार में लगभग 34 प्रतिशत योगदान सेवा क्षेत्र देता है। हाल के समय में इसका विस्तार तेजी से हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed