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Piyush Goyal: 'हमारा लोकतंत्र निवेशकों को भेदभाव नहीं होने का आश्वासन देता है', जानिए गोयल 4D पर क्या बोले
Tue, 19 Nov 2024 02:48 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Tue, 19 Nov 2024 02:48 PM IST
सार
Piyush Goyal: मुंबई में 27वें सीआईटीआईसी सीएलएसए इंडिया फोरम में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने देश में अनुकूल कारोबारी माहौल पर प्रकाश डाला और कहा कि भारत के पास स्वस्थ लोकतंत्र, जनसांख्यिकीय लाभांश, मांग और निर्णायक नेतृत्व का लाभ है। आइए जानते हैं वित्त मंत्री और क्या-क्या बोले।
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पीयूष गोयल
- फोटो : amarujala.com
विस्तार
केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि भारत के पास लोकतंत्र का 4डी (चार-आयामी) लाभ है जो निवेशकों को यह आश्वासन देता है कि देश में उनके साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा। मुंबई में 27वें सीआईटीआईसी सीएलएसए इंडिया फोरम में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने देश में अनुकूल कारोबारी माहौल पर प्रकाश डाला और कहा कि भारत के पास स्वस्थ लोकतंत्र, जनसांख्यिकीय लाभांश, मांग और निर्णायक नेतृत्व का लाभ है।
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गोयल ने कहा, "भारत के पास 4डी लाभ है, लोकतंत्र यानी कानून का शासन, जो निवेशकों को यह भरोसा देता है कि उनके साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा और उन्हें उचित सौदा मिलेगा, वे कानून का सहारा ले सकेंगे।" गोयल ने कहा कि भारत का जनसांख्यिकीय लाभांश और युवा आबादी निवेशकों को अतिरिक्त लाभ देगी। गोयल ने कहा, "भारत दुनिया की सबसे युवा आबादी वाला देश है। यह एक जनसांख्यिकीय लाभांश है। अगले तीन दशकों तक भारत के युवाओं का देश बने रहने की उम्मीद है। एक और लाभ वस्तुओं और सेवाओं की मांग है। 1.4 अरब लोगों की ओर से उत्पन्न मांग निवेश के लिए एक बड़ा आकर्षण है।"
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भारत का लक्ष्य 2047 तक एक विकसित राष्ट्र और 35 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनना है, जिससे निवेशकों को अतिरिक्त अवसर मिलेंगे। गोयल ने कहा, "अगले 23 वर्षों में 3.5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था से 2047 तक 35 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में बढ़ते हुए हम जो अवसर प्रदान करते हैं, वह शायद आज दुनिया का सबसे बड़ा व्यावसायिक अवसर है।"
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श्रोताओं के सवालों का जवाब देते हुए मंत्री ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की अनूठी स्थिति पर प्रकाश डाला और बताया कि भारत की विकास की कहानी अन्य देशों से कैसे अलग है। उन्होंने कहा, "भारत में तीन या चार अनूठी स्थितियां हैं। हम दुनिया में सबसे बड़े रेमिटेंस प्राप्तकर्ता हैं। पिछले साल, मुझे लगता है, यह 125 बिलियन अमेरिकी डॉलर था और यह हर साल बढ़ रहा है। यहां तक कि कोविड के दौरान भी, जब लगता था कि प्रेषण में गिरावट आएगी, यह बढ़ता रहा। इसलिए देश में आने वाले धन का एक बहुत ही स्थिर स्रोत है, चाहे कुछ भी हो। उन्होंने देश के मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार के बारे में यह बात कही।
वाणिज्य व उद्योग मंत्री ने बताया कि देश के उच्च आयात आंकड़े निर्यात से सह-संबंधित हैं, आयातित वस्तुओं को मूल्य संवर्धन के बाद निर्यात किया जाता है जो देश के व्यापार में सकारात्मक योगदान देता है। उन्होंने कहा, "हमारे बहुत से आयात सीधे हमारे निर्यात से संबंधित हैं.... अगर कोई भारत के आयात बास्केट को देखे, तो दालों और खाद्य तेलों को छोड़कर, केवल दो वस्तुओं को छोड़कर हमारे पास खाद्य सुरक्षा है, बाकी वस्तुओं के हमारे पास सरप्लस भंडार हैं।"
गोयल ने निजी क्षेत्र को सरकार के निवेश पर मुद्रीकरण करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा, "हम निजी क्षेत्र के निवेश को आमंत्रित करेंगे और इस सरकारी निवेश में से कुछ का मुद्रीकरण करेंगे, हम कोई नुकसान नहीं उठाएंगे।"
मंत्री ने निजी क्षेत्र से देश में दीर्घकालिक निवेश करने और भारत की विकास गाथा में भागीदार बनने को कहा। गोयल ने कहा, "हमें चाहिए कि सरकार अंतर-निवेश पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखे। हम जिस तरह से विकास कर रहे हैं, उसे जारी रखना चाहिए या नहीं, इस पर कोई बहस नहीं होनी चाहिए, लेकिन अगर निजी क्षेत्र दीर्घकालिक रिटर्न और बुनियादी ढांचे पर स्थिर रिटर्न की तलाश कर रहा है, तो इससे उसे काफी लाभ होगा।"