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GDP: पीएम-ईएसी के अस्थायी सदस्य नीलेश शाह बोले, सोना आयात न करते तो पहले ही बन जाते 5 लाख करोड़ डॉलर की जीडीपी

Tue, 21 Nov 2023 06:09 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: जलज मिश्रा Updated Tue, 21 Nov 2023 06:09 AM IST
सार

म्यूचुअल फंड उद्योग के दिग्गज शाह ने कहा, अगर वह पैसा सोना खरीदने के बजाय टाटा, अंबानी, बिड़ला, वाडिया और अदाणी जैसे उद्यमियों में निवेश किया गया होता तो कल्पना करें कि हमारी अर्थव्यवस्था का आकार क्या होता? हमारी आर्थिक वृद्धि दर किस स्तर पर होती?

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Temporary member of PM-EAC Nilesh Shah comments on gold import and GDP
GDP - फोटो : Social Media

विस्तार

भारतीयों में अगर सोने के आयात की आदत नहीं होती तो भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 5 लाख करोड़ डॉलर के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) लक्ष्य को बहुत पहले ही हासिल कर लेता। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (पीएम-ईएसी) के अस्थायी सदस्य नीलेश शाह ने सोमवार को कहा, हम भारत को 5 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के प्रधानमंत्री के लक्ष्य को पाने की दिशा में काम कर रहे हैं। लेकिन, हम सिर्फ एक आदत से दूर रहकर बहुत पहले ही 5 लाख करोड़ डॉलर की जीडीपी बन गए होते। हमने शायद सही वित्तीय निवेश नहीं करके भारत की जीडीपी का एक-तिहाई हिस्सा गंवा दिया है।
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म्यूचुअल फंड उद्योग के दिग्गज शाह ने कहा, अगर वह पैसा सोना खरीदने के बजाय टाटा, अंबानी, बिड़ला, वाडिया और अदाणी जैसे उद्यमियों में निवेश किया गया होता तो कल्पना करें कि हमारी अर्थव्यवस्था का आकार क्या होता? हमारी आर्थिक वृद्धि दर किस स्तर पर होती और हमारी प्रति व्यक्ति जीडीपी क्या रही होती? अभी भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।  
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500 अरब डॉलर खर्च कर दिए भारतीयों ने 21 साल में सिर्फ सोना खरीदने पर
शाह ने कहा, पिछले 21 वर्षों में भारतीय लोगों ने अकेले सोने के आयात पर लगभग 500 अरब डॉलर खर्च कर दिए हैं। उन्होंने आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा, भारतीयों ने इन 21 वर्षों में शुद्ध आधार पर सोने के आयात पर 375 अरब डॉलर खर्च किए हैं। इसके साथ, नियमित तौर पर सोने की तस्करी की खबरें भी आती रहती हैं। लोग दुबई से सोने के आभूषण खरीदर वापस आते हैं और ग्रीन चैनल से सफलतापूर्वक बाहर निकल जाते हैं।
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अक्तूबर में सोना आयात 31 माह के शीर्ष पर
देश में सोने का आयात इस साल अक्तूबर में सालाना आधार पर 60 फीसदी बढ़कर 123 टन पर पहुंच गया, जो 31 महीने के उच्चतम स्तर है। एक साल पहले की समान अवधि में कुल 77 टन सोना आयात किया गया था। मूल्य के लिहाज से आयात अक्तूबर, 2022 के 3.7 अरब डॉलर से दोगुना बढ़कर 7.23 अरब डॉलर पर पहुंच गया। एक सरकारी सूत्र ने सोमवार को बताया, पिछले दशक में अक्तूबर में आमतौर पर औसतन करीब 66 टन सोने का आयात होता था। लेकिन, इस बार त्योहारों से पहले सोने की कीमतों में गिरावट से जूलर्स ने बहुमूल्य धातु की खरीदारी बढ़ा दी। इससे आयात में बड़ा उछाल आया है।  

नवंबर में घटेगा आयात
सराफा कारोबारियों ने बताया कि नवंबर में सोने का आयात घटकर 80 टन रह सकता है। हालांकि, पिछले साल नवंबर के 67 टन से अधिक ही रहेगा। आगामी शादी सीजन के दौरान बहुमूल्य धातु की मांग में सुधार देखने को मिलेगा।


इसलिए, बढ़ी खरीदारी
मुंबई के एक सराफा कारोबारी ने बताया, अक्तूबर की शुरुआत में सोने की कीमतें 7 माह के निचले स्तर पर पहुंच गई थीं। जूलर्स को त्योहारी मांग पूरी करने के लिए खरीदी का मौका मिला। दिवाली में लोगों ने सोने के सिक्कों व छड़ों की खरीदारी की।
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