Tax Collection: चालू वित्त वर्ष में कर संग्रह चार लाख करोड़ रुपये का इजाफा होगा, राजस्व सचिव ने किया दावा
Tax Collection: राजस्व सचिव तरुण बजाज ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में व्यक्तिगत और कॉरपोरेट करों सहित प्रत्यक्ष कर संग्रह 17.50 लाख करोड़ रुपये के करीब रहेगा। अप्रत्यक्ष करों (सीमा शुल्क, उत्पाद शुल्क और जीएसटी) से 14 लाख करोड़ रुपये के करीब की आमदनी होगी।
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राजस्व सचिव तरुण बजाज ने बुधवार को कहा कि भारत का कर संग्रह चालू वित्त वर्ष में बजट अनुमान से करीब चार लाख करोड़ रुपये अधिक होगा। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा है कि कर राजस्व में वृद्धि जीडीपी वृद्धि की तुलना में अधिक बनी रहेगी, इसे अर्थव्यवस्था के फॉर्मल होने और इसके बेहतर अनुपालन से मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, "मार्च 2023 को समाप्त होने वाले इस वित्तीय वर्ष के लिए केंद्रीय बजट में निर्धारित कर संग्रह लक्ष्य लगभग 27.50 लाख करोड़ रुपये है।"
बजाज ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में व्यक्तिगत और कॉरपोरेट करों सहित प्रत्यक्ष कर संग्रह 17.50 लाख करोड़ रुपये के करीब रहेगा। अप्रत्यक्ष करों (सीमा शुल्क, उत्पाद शुल्क और जीएसटी) से 14 लाख करोड़ रुपये के करीब की आमदनी होगी।
उन्होंने कहा कि 2022-23 में कुल कर संग्रह करीब 31.50 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। बजट में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर संग्रह 14.20 लाख करोड़ रुपये और चालू वित्त वर्ष के लिए 13.30 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान लगाया गया था, जिससे कुल आंकड़ा 27.50 लाख करोड़ रुपये हो गया।
बजाज कहा, "हम बहुत सारे डेटा का उपयोग कर रहे हैं। हमारे पास आयकर और जीएसटी विभागों, और एमसीए (कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय) के डेटा हैं। हमें उच्च मूल्य व्यय के बारे में भी डेटा मिल रहा है। अर्थव्यवस्था और प्रौद्योगिकी के फॉर्मेलाइजेशन ने अनुपालन में सुधार करने में मदद की है।"
पिछले वित्त वर्ष में प्रत्यक्ष कर संग्रह 2020-21 की तुलना में करीब 50 फीसदी बढ़कर 14.10 लाख करोड़ रुपये हो गया। बजाज ने कहा, 'जीडीपी ग्रोथ से ज्यादा टैक्स कलेक्शन का ट्रेंड जारी रहेगा।' उन्होंने यह भी कहा कि भले ही इस वित्त वर्ष के दौरान सीमा शुल्क और उत्पाद शुल्क में कमी हुई हो पर सरकार बजट में निर्धारित लक्ष्य के बहुत करीब रहेगी। बजट में सीमा शुल्क और उत्पाद शुल्क से क्रमशः 2.13 लाख करोड़ रुपये और 3.35 लाख करोड़ रुपये एकत्र करने का लक्ष्य रखा गया है।