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Tata Board Meeting: टाटा संस बोर्ड की बैठक आज, घाटे वाले कारोबारों पर होगी अहम चर्चा

Tue, 26 May 2026 09:52 AM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: कुमार विवेक Updated Tue, 26 May 2026 09:52 AM IST
सार

टाटा संस बोर्ड की 26 मई 2026 यानी आज होने वाली बैठक में घाटे में चल रही कंपनियों पर चर्चा होगी। समूह में बढ़ते मतभेद और सूचीबद्धता की अनिवार्यता भी प्रमुख मुद्दे हैं। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।

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Tata Sons Board Meeting on Tuesday to Discuss Loss Making Businesses Amidst Internal Frictions
टाटा संस - फोटो : amarujala.com

विस्तार

टाटा संस के निदेशक मंडल की बैठक 26 मई 2026 यानी आज होगी। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में समूह की घाटे में चल रही कंपनियों पर विचार-विमर्श होने की संभावना है। हालांकि, अध्यक्ष चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति पर चर्चा होने की उम्मीद नहीं है।

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यह बैठक समूह के भीतर बढ़ते मतभेदों के बीच हो रही है। घाटे में चल रही व्यक्तिगत कंपनियां अपने कारोबार की स्थिति और भविष्य की रणनीति पर प्रस्तुति दे सकती हैं। चंद्रशेखरन और टाटा ट्रस्ट्स के अध्यक्ष नोएल टाटा ने 23-24 मई 2026 को कंपनियों के प्रदर्शन पर चर्चा की थी। रिपोर्टों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 में टाटा समूह के असूचीबद्ध कारोबारों को 10,905 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। यह नुकसान बढ़कर 29,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। 
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नोएल टाटा को टाटा डिजिटल, इलेक्ट्रॉनिक्स उद्यमों और एयर इंडिया जैसे नए कारोबारों से हो रहे बढ़ते नुकसान की चिंता है। वह टाटा संस को आरंभिक सार्वजनिक पेशकश के माध्यम से सार्वजनिक करने के भी इच्छुक नहीं हैं। भारतीय रिजर्व बैंक ने टाटा संस को शीर्ष-15 गैर-बैंक वित्त कंपनियों में वर्गीकृत किया है, जिनके लिए सूचीबद्ध होना अनिवार्य है।

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बढ़ते मतभेद और सूचीबद्धता की अनिवार्यता

टाटा समूह में हाल ही में शीर्ष स्तर पर काफी मतभेद देखे गए हैं। इसमें कुछ सदस्यों को हटाने के प्रयास और चंद्रशेखरन के अध्यक्ष पद पर बने रहने में देरी शामिल है। नोएल टाटा के बेटे नेविल टाटा को समूह से जुड़े कुछ ट्रस्टों में शामिल किया गया है। प्रॉक्सी सलाहकार फर्म इनगवर्न ने टाटा संस की सूचीबद्धता को अनिवार्य बताया है। फर्म के अनुसार, इतनी बड़ी और प्रणालीगत प्रासंगिकता वाली नियंत्रक कंपनी को सूचीबद्ध कंपनी के मजबूत पारदर्शिता और शासन व्यवस्था के ढांचे से बाहर नहीं रहना चाहिए।

घाटे में चल रहे कारोबारों पर दबाव

बैठक में मुख्य रूप से उन कंपनियों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा जो वर्तमान में नुकसान में हैं। इनमें चंद्रशेखरन के नेतृत्व में शुरू किए गए नए उद्यम भी शामिल हैं। सरकार से खरीदी गई एयर इंडिया भी वित्तीय संघर्ष का सामना कर रही है। टाटा संस एक मुख्य निवेश कंपनी है। इसकी सूचीबद्धता से समूह की शासन व्यवस्था और पारदर्शिता में सुधार होगा।

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