IPO: टाटा कैपिटल और एलजी इंडिया आईपीओ लॉन्च के लिए तैयार; टाटा मोटर्स का डिमर्जर आज से लागू
टाटा कैपिटल और एलजी इंडिया अगले हफ्ते भारतीय शेयर बाजार में अपना आईपीओ लॉन्च करेंगी। इस बीच आरबीआई ने टाटा संस के आईपीओ पर अभी कोई फैसला नहीं लिया है। वहीं टाटा मोटर्स का लंबे समय से प्रतीक्षित डिमर्जर आज, 1 अक्टूबर, से प्रभावी हो गया है, जिससे कंपनी के कमर्शियल व्हीकल और पैसेंजर व्हीकल व्यवसाय अब दो अलग-अलग सूचीबद्ध संस्थाओं में बदल गए हैं।
विस्तार
टाटा कैपिटल और एलजी इंडिया अगले हफ्ते भारतीय शेयर बाजार में अपना आईपीओ लॉन्च करेंगी। दोनों कंपनियां मिलकर 27,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम जुटाएंगी। टाटा कैपिटल का 15,512 करोड़ रुपये का इश्यू 6 से 8 अक्तूबर तक खुलेगा, जबकि एलजी का 11,607 करोड़ रुपये का इश्यू 7 से 9 अक्तूबर तक रहेगा।
एलजी ने प्रति शेयर 1,080-1,140 रुपये का भाव तय किया है। सूचीबद्धता के बाद इसकी बाजार पूंजी 77,400 करोड़ रुपये होगी। यह पिछले साल ह्युंडई के बाद दूसरी कोरियाई कंपनी है जो भारतीय बाजार में सूचीबद्ध हो रही है। टाटा कैपिटल ने प्रति शेयर 310-326 रुपये का भाव तय किया है। सूचीबद्धता के बाद कंपनी का मूल्य 1.38 लाख करोड़ रुपये होगा। यह इस साल एचडीबी फाइनेंशियल और टाटा कैपिटल के बाद तीसरा बड़ा आईपीओ है।
आरबीआई ने टाटा संस के आईपीओ पर नहीं लिया कोई फैसला
इस बीच आरबीआई ने टाटा संस के आईपीओ पर अभी कोई फैसला नहीं लिया है। केंद्रीय बैंक के नियमों के अनुसार, 30 सितंबर तक टाटा संस को बाजार में लिस्ट होना था। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि कोई भी संस्था तब तक कारोबार जारी रख सकती है जब तक उसका पंजीकरण रद्द न हो जाए। टाटा संस ने सूचीबद्धता से बचने के लिए अपनी कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी (CIC) का पंजीकरण सरेंडर करने के लिए आवेदन किया था। अभी तक आरबीआई ने इस पर कोई निर्णय नहीं लिया है। आरबीआई ने इस साल 15 गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) की एक सूची जारी की थी और इन्हें स्केल-आधारित विनियमन के तहत सूचीबद्ध होने के लिए कहा गया था।
टाटा मोटर्स का डिमर्जर हुआ पूरा
टाटा मोटर्स का लंबे समय से प्रतीक्षित डिमर्जर आज, 1 अक्टूबर, से प्रभावी हो गया है, जिससे कंपनी के कमर्शियल व्हीकल और पैसेंजर व्हीकल व्यवसाय अब दो अलग-अलग सूचीबद्ध संस्थाओं में बदल गए हैं। दोपहर 2.40 बजे शेयर ₹717.40 पर ट्रेड कर रहे थे, जो 5.43% की बढ़ोतरी दर्शाता है।
यह कदम, जिसे अगस्त पिछले साल मंजूरी मिली थी और नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) द्वारा समर्थन प्राप्त था, वैल्यू अनलॉक करने, पूंजी आवंटन में सुधार और प्रत्येक सेगमेंट पर रणनीतिक फोकस तेज करने के उद्देश्य से लिया गया है।
डिमर्जर योजना के तहत, टाटा मोटर्स का कमर्शियल व्हीकल डिवीजन और संबंधित निवेश एक नई इकाई में विभाजित किया जाएगा। वहीं, पैसेंजर व्हीकल डिवीजन, जिसमें इलेक्ट्रिक वाहन व्यवसाय और जैगुआर लैंड रोवर (JLR) शामिल है, मौजूदा सूचीबद्धता के तहत रहेगा, लेकिन नए नाम के साथ। अब PV इकाई का नाम होगा Tata Motors Passenger Vehicles Ltd (TMPVL), जबकि CV व्यवसाय को Tata Motors Ltd (TML) के रूप में नवंबर 2025 तक अलग सूचीबद्ध किया जाएगा, बशर्ते नियामक औपचारिकताएं पूरी हों।