फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Suresh Prabhu Says Airline companies should set up common MRO facility to reduce cost

Cost Reduce: एयरलाइन कंपनियां अपनी लागत कैसे करे कम? पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने सुझाया उपाय

Sun, 19 Feb 2023 03:13 PM IST
संजीव कुमार झा बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Sun, 19 Feb 2023 03:13 PM IST
सार

पूर्व केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु ने  एयरलाइंस कंपनियों को लागत में कमी करने के लिए उपाय सुझाए हैं। उन्होंने खाड़ी मार्गों में अधिक उड़ान भरने की सलाह दी है।

विज्ञापन
Suresh Prabhu Says Airline companies should set up common MRO facility to reduce cost
सुरेश प्रभु - फोटो : Social Media

विस्तार

भारतीय एयरलाइंस अपने बेड़े का विस्तार करना चाहती हैं और इसके लिए लागत में कमी पर भी जोर दे रही है। इसी क्रम में पूर्व केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु ने  एयरलाइंस कंपनियों को लागत में कमी करने के लिए उपाय सुझाए हैं। उन्होंने कहा कि वाहक को रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल कार्यों के लिए देश के भीतर एक सामान्य सेवा सुविधा पर ध्यान देना चाहिए  जिससे लागत कम करने में मदद मिलेगी।

विज्ञापन


एयर इंडिया द्वारा 17 से अधिक वर्षों के बाद नए विमानों के लिए ऑर्डर देने को लेकर उन्होंने कहा कि एयरलाइन को लाभदायक खाड़ी मार्गों पर अधिक उड़ान भरने के साथ-साथ विदेशी ऐतिहासिक कनेक्शन को बहाल करने पर ध्यान देना चाहिए, जो पहले संचालित किया जाता था।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा भारतीय शहरों को हवाई संपर्क से जोड़ने से एयर इंडिया का मुनाफा बढ़ेगा। जेट एयरवेज ने वित्तीय संकट के चलते अप्रैल, 2019 में परिचालन बंद कर दिया था। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा विमानन बाजार है और बढ़ती हवाई यातायात की मांग को पूरा करने के लिए घरेलू एयरलाइन कंपनियां अपने बेड़े के साथ-साथ परिचालन का विस्तार कर रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


 प्रभु ने समाचार एजेंसी  पीटीआई से बात करते हुए कहा कि हमें भारत को अंतरराष्ट्रीय विमानन केंद्र बनाने के साथ एक साझा विमानन सुविधा पर भी काम करना चाहिए। इसका इस्तेमाल सभी एयरलाइन कंपनियां कर सकेंगी। भारत में ज्यादातर विमानों को एमआरओ सेवाओं के लिए विदेशों में ले जाना पड़ता है। देश में साझा एमआरओ सुविधा से एयरलाइन कंपनियों का काफी खर्च बचेगा। उन्होंने कहा कि विमानन क्षेत्र काफी चुनौतीपूर्ण है। ऐसे में एयर इंडिया को अपनी पूरी क्षमता पर काम करना चाहिए। 

बता दें कि इस सप्ताह की शुरुआत में एयर इंडिया ने एयरबस और बोइंग से 470 विमानों की खरीद के ऑर्डर की घोषणा की है। इसके अलावा एयरलाइन के पास 370 और विमान खरीदने का भी विकल्प होगा।


पूर्व नागर विमानन मंत्री ने कहा कि विमान का ऑर्डर देना एयर इंडिया के लिए काफी जरूरी था। जेट एयरवेज के ठप होने के बाद एक ‘खालीपन’आ गया था, जिसे विस्तार ने आंशिक रूप से कुछ भरा है। एयर इंडिया द्वारा बड़ी संख्या में विमानों की खरीद के साथ इस खाली जगह को काफी हद तक भरा जा सकेगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed