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Supreme Court: अदाणी मामले में याचिकाकर्ता का सुझाव मानने से इनकार, फोर्ब्स की रिपोर्ट रिकॉर्ड नहीं रहेगी
Mon, 20 Feb 2023 02:12 PM IST
विवेक दास
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विवेक दास
Updated Mon, 20 Feb 2023 02:12 PM IST
सार
Adani Issue: शीर्ष अदालत ने 17 फरवरी को शेयर बाजार के लिए नियामक उपायों को मजबूत करने के उद्देश्य से विशेषज्ञों की एक प्रस्तावित समिति पर सीलबंद लिफाफे में केंद्र के सुझाव को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। अब कोर्ट ने शेयरों में गिरावट पर फोर्ब्स की ओर से प्रकाशित एक रिपोर्ट को भी रिकॉर्ड में लेने से मना कर दिया है।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अदाणी प्रकरण से जुड़े मामले में याचिकाकर्ताओं में से एक के सुझाव और हिंडनबर्ग रिसर्च समूह की ओर से धोखाधड़ी के आरोप लगाए जाने के बाद अदाणी समूह के शेयरों में गिरावट पर फोर्ब्स की ओर से प्रकाशित एक रिपोर्ट को रिकॉर्ड में लेने से इनकार कर दिया है।
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प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला की पीठ ने एक याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील के अनुरोध को खारिज कर दिया।
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पीठ ने कहा, "नहीं, हम इसे रिकॉर्ड में नहीं लेंगे।" शीर्ष अदालत ने 17 फरवरी को शेयर बाजार के लिए नियामक उपायों को मजबूत करने के उद्देश्य से विशेषज्ञों की एक प्रस्तावित समिति पर सीलबंद लिफाफे में केंद्र के सुझाव को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था।
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निवेशकों के हितों में पूरी पारदर्शिता बनाए रखने की बात का उल्लेख करते हुए न्यायालय ने कहा था कि वह सीलबंद लिफाफे में केंद्र के सुझाव को स्वीकार नहीं करेगा। शीर्ष अदालत ने 10 फरवरी को कहा था कि अदाणी समूह के ‘स्टॉक रूट’ की पृष्ठभूमि में भारतीय निवेशकों के हितों को बाजार की अस्थिरता के खिलाफ संरक्षित करने की आवश्यकता है।
इसने नियामक तंत्र को मजबूत करने संबंधी निगरानी के लिए केंद्र से किसी पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में विशेषज्ञों की एक समिति की स्थापना पर विचार करने के लिए कहा था।
इस मुद्दे पर वकील एमएल शर्मा और विशाल तिवारी, कांग्रेस नेता जया ठाकुर और कार्यकर्ता मुकेश कुमार ने अब तक शीर्ष अदालत में चार जनहित याचिकाएं दायर की हैं।