{"_id":"6418930a67576eb0ca08c134","slug":"submit-specific-instances-where-cbi-has-not-taken-action-against-directors-supreme-court-to-subramanian-swamy-2023-03-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Supreme Court: 'निदेशकों के खिलाफ CBI के कार्रवाई नहीं करने के मामले बताएं', सुप्रीम कोर्ट ने स्वामी से कहा","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
Supreme Court: 'निदेशकों के खिलाफ CBI के कार्रवाई नहीं करने के मामले बताएं', सुप्रीम कोर्ट ने स्वामी से कहा
Mon, 20 Mar 2023 10:38 PM IST
अभिषेक दीक्षित
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Mon, 20 Mar 2023 10:38 PM IST
सार
कोर्ट ने सुब्रमण्यम स्वामी से चार सप्ताह के भीतर इस संबंध में हलफनामा दायर करने को कहा। शीर्ष कोर्ट ने कहा कि अगर स्वामी यह स्पष्ट रूप से बताते हैं कि सीबीआई ने स्वतंत्र निदेशकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की, तो जांच एजेंसी की भूमिका की जांच की जा सकती है।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी से पूछा कि वे उन मामलों का उल्लेख करें, जिनमें सीबीआई की ओर से बैंकिंग घोटालों में शामिल बैंकों के स्वतंत्र निदेशकों के खिलाफ सबूत होने के बावजूद कदम नहीं उठाए गए। स्वामी की जनहित याचिका पर कोर्ट ने यह आदेश दिया। याचिका में बैंकों में विभिन्न घोटालों में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के अधिकारियों की कथित भूमिका की जांच का आदेश देने की अपील की गई है।
विज्ञापन
चार सप्ताह में हलफनामा दायर करने को कहा
जस्टिस बीआर गवई और न्यायाधीश विक्रम नाथ ने सुब्रमण्यम स्वामी से चार सप्ताह के भीतर इस संबंध में हलफनामा दायर करने को कहा। शीर्ष कोर्ट ने कहा कि अगर स्वामी यह स्पष्ट रूप से बताते हैं कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने स्वतंत्र निदेशकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की, तो जांच एजेंसी की भूमिका की जांच की जा सकती है।
विज्ञापन
केवल व्यापक रूप से विषय को उठाया गया
सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट से कहा कि अगर आरबीआई के अधिकारियों की भूमिका जांच प्रक्रिया में सामने आती है, उन्हें आरोपी के रूप में शामिल किया जाएगा और जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वामी ने केवल व्यापक रूप से विषय को उठाया है। याचिका में किसी विशेष उदाहरण का अभाव है।
विज्ञापन
याचिका में लगाए गए यह आरोप
स्वामी ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि किंगफिशर, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और यस बैंक जैसी विभिन्न संस्थाओं से जुड़े घोटालों में आरबीआई अधिकारियों के शामिल होने की जांच नहीं की गई है। उन्होंने दलील दी कि विभिन्न परियोजनाओं को कोष आवंटन में महत्वूपर्ण भूमिका के बाद भी, आरबीआई के नामित अधिकारियों के खिलाफ सीबीआई जांच वर्ष 2000 से अबतक नहीं हुई है।