{"_id":"68591dd53908e482f604a43e","slug":"strong-fy25-financial-performance-supports-standalone-credit-profiles-of-banks-fitch-2025-06-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fitch: FY2025 के मजबूत वित्तीय प्रदर्शन से बैंकों के स्टैंडअलोन क्रेडिट प्रोफाइल को मिली मदद, फिच का दावा","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
Fitch: FY2025 के मजबूत वित्तीय प्रदर्शन से बैंकों के स्टैंडअलोन क्रेडिट प्रोफाइल को मिली मदद, फिच का दावा
Mon, 23 Jun 2025 02:56 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Mon, 23 Jun 2025 02:56 PM IST
सार
बैंकिंग क्षेत्र ने चार वर्षों में सबसे धीमी ऋण वृद्धि के बावजूद बेहतर परिसंपत्ति गुणवत्ता, मजबूत पूंजी भंडार और स्थिर लाभ होने की जानकारी दी है। इस बारे में फिच रेटिंग्स का क्या कहना है, आइए जानते हैं।
विज्ञापन
फिच रेटिंग्स की रिपोर्ट
- फोटो : एक्स
विस्तार
मार्च 2025 को समाप्त वित्त वर्ष में भारतीय बैंकों का मजबूत वित्तीय प्रदर्शन रेटेड बैंकों के स्टैंडअलोन क्रेडिट प्रोफाइल को बढ़ाने में मददगार साबित हुआ है। इससे इस क्षेत्र के लिए भविष्य में वृद्धि की उम्मीदें बढ़ी है। फिच रेटिंग्स ने सोमवार को अपनी एक रिपोर्ट में यह बात कही है।
विज्ञापन
चार वर्षों में सबसे धीमी ऋण वृद्धि के बावजूद इस क्षेत्र ने बेहतर परिसंपत्ति गुणवत्ता, मजबूत पूंजी भंडार और स्थिर लाभ होने की जानकारी दी है।
फिच ने कहा, "हमें उम्मीद है कि स्थिर प्रदर्शन जारी रहेगा। हालांकि मजबूत कोर वित्तीय मीट्रिक्स को बनाए रखना जरूरी है। यह नुकसान को अवशोषित करने के बफर्स को मजबूत करता है और पिछले चक्र के सापेक्ष आर्थिक झटकों के प्रति लचीलापन लाता है। इनसे रेटेड बैंकों की स्टैंडअलोन क्रेडिट प्रोफाइल को मदद मिलती रहेगी।"
विज्ञापन
रेटिंग एजेंसी का मानना है कि मार्जिन और क्रेडिट लागत पर चक्रीय दबाव के कारण आय को छोड़कर, बैंक वित्त वर्ष 26 में अधिकांश क्रेडिट मेट्रिक्स में स्थिर प्रदर्शन बनाए रख सकते हैं। फिच रेटिंग्स ने एक बयान में कहा, "मार्च 2025 को समाप्त वित्तीय वर्ष (वित्त वर्ष 25) में भारतीय बैंकों का मजबूत वित्तीय प्रदर्शन रेटेड बैंकों के स्टैंडअलोन क्रेडिट प्रोफाइल का समर्थन करता है और इस क्षेत्र को भविष्य के विकास के लिए तैयार करता है।"
विज्ञापन
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की ओर से वित्त वर्ष 2024-25 (वित्त वर्ष 25) के लिए दर्ज किए गए शुद्ध लाभ के अनुसार, संचयी लाभ बढ़कर 1.78 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जो वित्त वर्ष 24 में 1.41 लाख करोड़ रुपये से 26 प्रतिशत अधिक है। स्टॉक एक्सचेंजों पर प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार, बाजार के अग्रणी भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने अकेले कुल आय में 40 प्रतिशत से अधिक का योगदान दिया।