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फर्जी निर्यातकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की योजना, किया था 2029 करोड़ के रिफंड का दावा

Mon, 27 Jul 2020 11:04 AM IST
‌डिंपल अलवधी पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Mon, 27 Jul 2020 11:04 AM IST
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strict action against 1474 exporters planned by Department Of Revenue
वस्तु एवं सेवा कर - फोटो : iStock

आयकर विभाग उन 1,474 जोखिम वाले निर्यातकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की योजना बना रहा है जिनका ठिकाना सही नहीं है, लेकिन उन्होंने माल एवं सेवाकर (जीएसटी) के तहत 2,029 करोड़ रुपये के रिफंड का दावा किया है। सूत्रों ने यह जानकारी दी है। सूत्रों ने कहा है कि ऐसे मामलों में जहां निर्यातक अथवा आपूर्तिकर्ता की वैधता की जांच के बाद की रिपोर्ट सही नहीं है, उन मामलों में एकीकृत जीएसटी (आईजीएसटी) रिफंड को निलंबित रखा गया है। 

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केवल 2,026 करोड़ रुपये का रिफंड ही लंबित 
सूत्रों ने बताया कि अब तक 1.37 लाख करोड़ रुपये से अधिक का आईजीएसटी रिफंड जारी किया जा चुका है और केवल 2,026 करोड़ रुपये का रिफंड ही लंबित रह गया है। इस पर कानून के मुताबिक आगे काम किया जा रहा है। वास्तविक निर्यातकों की रिफंड संबंधी शिकायतों के निपटारे के लिये 24 घंटे सातों दिन काम करने वाली एक मोबाइल सहायता सुविधा उपलब्ध कराई गई है। हालांकि, उन्होंने कहा कि सीमा शुल्क अधिकारियों को कोविड-19 के इन मुश्किल दिनों में केवल ईमानदार निर्यातकों को ही रिफंड जारी करने को लेकर संवेदनशील बनाया गया है। 
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फर्जी निर्यातकों का खारिज हुआ रिफंड
सूत्रों का कहना है कि सीबीआईसी प्रत्येक निर्यातक की दो- स्तरों पर वैधता की जांच करता है। इसमें जरूरत के मुताबिक मुश्किल से तीन से चार दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है। इस प्रक्रिया में सीबीआईसी के जोखिम प्रबंधन महानिदेशालय के बाद क्षेत्रीय स्तर पर काम करने वाले सीजीएसटी अधिकारियों के स्तर पर की गई वैघता की जांच में 1,474 निर्यातकों को जोखिम वाला निर्यातक पाया गया। इनमें सात निर्यातक तो स्टार निर्यातक हैं। इन निर्यातकों ने कुल 2,029 करोड़ रुपये के रिफंड का दावा किया है। लेकिन ये निर्यातक उनके बताए गए कारोबार वाले पते पर नहीं मिले। इसलिए इनका रिफंड खारिज कर दिया गया है। 
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इन राज्य के हैं फर्जी निर्यातक
सूत्रों के मुताबिक 1,474 जोखिम वाले निर्यातक, जिनका अता पता नहीं मिल पाया है, इनमें 1,125 निर्यातक अकेले दिल्ली से हैं। इसके अलावा दिए गए पते पर नहीं मिलने वाले निर्यातकों में 215 सूरत के हैं, 28 ठाणे से, 15 फरीदाबाद और 11 कोलकाता से हैं। धोखाधड़ी पूर्ण तरीके से रिफंड का दावा करने वाले ये निर्यातक मुख्यतौर से रेडीमेड कपड़ों, वॉलपेपर, वॉल कवरिंग, चमड़े के कपड़े, धुम्रपान पाइप, मोबाइल फोन, सिगरेट होल्डर, जूते- चप्पल, प्लास्टिक, फ्लोर कवरिंग, बॉल बीयरिंग्स और रोलर बीयरिंग्स का निर्यात करने वाले हैं। 


जिन सात स्टार निर्यातकों का पता सही नहीं पाया गया, उनमें भी पांच दिल्ली के हैं और एक-एक मुंबई और कोलकाता से हैं। इसके अलावा तीन और स्टार निर्यातकों के खिलाफ भी प्रतिकूल रिपोर्ट प्राप्त हुई है। इनमें दो मुंबई से हैं और एक जयपुर से है। ये स्टार निर्यातक रेडीमेड कपड़े, किचन का सामान, बर्तन, स्पीकर आदि, एप्लीफायर, माइक्रोफोन, समुद्री उत्पाद, बिना सिले कपड़े, साडियां, दुपट्टा आदि का कारोबार करते हैं। इन तीन स्टार निर्यातकों ने भी 28.9 करोड़ रुपये के आईजीएसटी रिफंड का दावा किया है। सूत्रों का कहना है कि ये जोखिम वाले निर्यातक सबसे ऊंची 28 फीसदी की दर पर आईजीएसटी का भुगतान कर गैरवाजिब इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का दावा कर लाभ उठाने की फिराक में रहते हैं।

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