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Stock Market: विदेशी निवेशकों की वापसी से घरेलू शेयर बाजार में लौटी तेजी; चार माह में 76 लाख करोड़ बढ़ी पूंजी
Mon, 30 Jun 2025 04:54 AM IST
शिव शुक्ला
अजीत सिंह
अजीत सिंह
Published by: शिव शुक्ला
Updated Mon, 30 Jun 2025 04:54 AM IST
सार
सेंसेक्स पिछले साल सितंबर में 85,836 के शीर्ष स्तर पर था, जो अब इसके करीब है। इस साल फरवरी तक बाजार में भारी गिरावट रही थी और सेंसेक्स 73,000 से नीचे चला गया था। लेकिन, मार्च की शुरुआत से इसमें तेजी आनी शुरू हो गई। 2 मार्च को सेंसेक्स 73,085 पर था और 27 जून को बढ़कर 84,058 पर पहुंच गया। यानी 15 फीसदी का रिटर्न।
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भारतीय शेयर बाजार
- फोटो : एडोव
विस्तार
विदेशी निवेशकों की वापसी के दम पर घरेलू शेयर बाजार अक्तूबर से जारी गिरावट से अब पूरी तरह उबर चुका है। बाजार अपने रिकॉर्ड स्तर से दो फीसदी से भी कम दूर है। पिछले चार महीने में ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई सेंसेक्स ने 15 फीसदी का रिटर्न दिया है। इस दौरान निवेशकों की पूंजी 76 लाख करोड़ रुपये बढ़ गई है।
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स्टॉक एक्सचेंजों के आंकड़ों के मुताबिक, सेंसेक्स पिछले साल सितंबर में 85,836 के शीर्ष स्तर पर था, जो अब इसके करीब है। इस साल फरवरी तक बाजार में भारी गिरावट रही थी और सेंसेक्स 73,000 से नीचे चला गया था। लेकिन, मार्च की शुरुआत से इसमें तेजी आनी शुरू हो गई। 2 मार्च को सेंसेक्स 73,085 पर था और 27 जून को बढ़कर 84,058 पर पहुंच गया। यानी 15 फीसदी का रिटर्न। पूंजीकरण के लिहाज से देखें तो 2 मार्च को सूचीबद्ध कंपनियों की बाजार पूंजी 384 लाख करोड़ रुपये थी, जो अब 460 लाख करोड़ रुपये हो गई है। एक जनवरी से अब तक सेंसेक्स ने सिर्फ 7 फीसदी का रिटर्न दिया है और पूंजी 36 लाख करोड़ रुपये बढ़ी है।
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विदेशी निवेशकों का लगातार निवेश
विदेशी निवेशकों ने जनवरी में शेयर बाजार से 78,027 करोड़ व फरवरी में 34,574 करोड़ रुपये निकाले थे। पर, उसके बाद निकासी की रफ्तार धीमी हो गई। मार्च में जरूर 3,973 करोड़ रुपये निकाले, पर अप्रैल में 4,223 करोड़, मई में 19,860 करोड़ व जून में 8,915 करोड़ रुपये का निवेश किया। यही कारण है कि घरेलू बाजार फिर से रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब पहुंच गए।
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17,600 करोड़ रुपये के आईपीओ में निवेशकों ने लगाए 1.85 लाख करोड़
जून में कुल 17,688 करोड़ रुपये के आईपीओ आए। बाजार की तेजी का असर है कि निवेशकों ने इसमें 1.8 लाख करोड़ रुपये लगा दिए। इसमें से पिछले 5 दिन में ही पांच आईपीओ ने 90 फीसदी रकम जुटाई। इनमें एचडीबी फाइनेंशियल, कल्पतरू, एलनबैरी, संभव स्टील और ग्लोब सिविल रहे। जुलाई में 16,000 करोड़ के आईपीओ की मंजूरी खत्म हो जाएगी। ऐसे में जुलाई आईपीओ के लिए एक और हिट महीना साबित होगा।
चार साल में एचडीबी सबसे हिट आईपीओ
एचडीबी का 12,500 करोड़ का इश्यू चार साल का हिट रहा। 13 करोड़ शेयरों को जारी किया था। 200 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिलीं। एचडीबी शेयरों की 15 गुना से अधिक मांग रही। इससे पहले इटरनल यानी जोमैटो के 10,400 करोड़ के आईपीओ को 29 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था। टाटा कैपिटल और एलजी भी बड़े आईपीओ होंगे जो इसी साल आएंगे। दोनों मिलकर 30,000 करोड़ जुटा सकते हैं। बाजार में सूचीबद्ध शीर्ष 9 कंपनियों की पूंजी पिछले हफ्ते 2.34 लाख करोड़ रुपये बढ़ गई। इस दौरान बीएसई का सेंसेक्स 1,651 अंकों की तेजी के साथ बंद हुआ।
सेंसेक्स और बाजार पूंजी में उतार-चढ़ाव
| महीना | सेंसेक्स | पूंजीकरण |
| जनवरी | 1,007 | -17.93 |
| फरवरी | -4,307 | -40.10 |
| मार्च | 4,329 | 28.23 |
| अप्रैल | 4,218 | 10.37 |
| मई | 950 | 20.95 |
| जून | 2,685 | 15.90 |