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ऐसे बुक करें अपना ऑनलाइन जनरल टिकट, कैंसिल कराने पर वापस नहीं मिलेगा पैसा
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
Updated Fri, 02 Nov 2018 02:24 PM IST
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लंबी लाइन के चक्कर में कई यात्रियों की ट्रेन भी छूट जाती है। अब रेलवे ने जनरल कोच में यात्रा करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत देते हुए मोबाइल के जरिए टिकट बुक करने की सुविधा को शुरू कर दिया है।
ऐसे बुक करें अपना टिकट
मोबाइल के गूगल प्ले स्टोर, विंडो स्टोर और आईफोन के ऐप स्टोर से यूटीएस फ्री डाउनलोड करें। इसमें पेपरलेस मोबाइल टिकट के लिए यात्रियों को अपना मोबाइल नंबर, निकटतक रेलवे स्टेशन, ट्रेन का प्रकार(पैसेंजर, मेल, एक्सप्रेस या सुपरफास्ट), यात्रियों की संख्या और अक्सर चलने वाले यात्रा मार्ग की जानकारी के साथ रजिस्टर करना होगा। इसके बाद उनको आर-वॉलेट जीरो बैलेंस के साथ शुरू हो जाएगा। इसमें डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या पेटीएम से वैलेट में बैलेंस डाला जा सकता है।
हर रिचार्ज में पांच प्रतिशत बोनस रिचार्ज मिलेगा। मसलन, 100 रुपये का रीचार्ज करने से 105 रुपये वैलेट में आ जाएंगे। रजिस्टर होने के बाद यात्री बुक टिकट फिर नॉर्मल बुकिंग के विकल्प में जाना होगा। बुक एंड ट्रेवेल का चयन कर प्रस्थान और गंतव्य स्टेशन का चयन करना होगा।
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भुगतान करने पर टिकट बुक हो जाएगा। रेलवे के चेकिंग दल के नंबर रेलवे ने दर्ज कर लिए हैं, उनके मोबाइल में डाउनलोड ऐप से यात्री के ऑनलाइन टिकट का नंबर डालने पर टिकट की वैद्यता समेत पूरी जानकारी आ जाएगी।
1 नवंबर से शुरू हुई सेवा
यह नई सेवा यात्रियों के लिए पूरे देश में 1 नवंबर से शुरू हो गई है। आम यात्री अपने मोबाइल फोन से लंबी दूरी की ट्रेन में रेलवे के अनारक्षित टिकट सिस्टम (यूटीएस) से जनरल टिकट खरीद सकेंगे।
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ऐसे बुक करें अपना टिकट
मोबाइल के गूगल प्ले स्टोर, विंडो स्टोर और आईफोन के ऐप स्टोर से यूटीएस फ्री डाउनलोड करें। इसमें पेपरलेस मोबाइल टिकट के लिए यात्रियों को अपना मोबाइल नंबर, निकटतक रेलवे स्टेशन, ट्रेन का प्रकार(पैसेंजर, मेल, एक्सप्रेस या सुपरफास्ट), यात्रियों की संख्या और अक्सर चलने वाले यात्रा मार्ग की जानकारी के साथ रजिस्टर करना होगा। इसके बाद उनको आर-वॉलेट जीरो बैलेंस के साथ शुरू हो जाएगा। इसमें डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या पेटीएम से वैलेट में बैलेंस डाला जा सकता है।
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हर रिचार्ज में पांच प्रतिशत बोनस रिचार्ज मिलेगा। मसलन, 100 रुपये का रीचार्ज करने से 105 रुपये वैलेट में आ जाएंगे। रजिस्टर होने के बाद यात्री बुक टिकट फिर नॉर्मल बुकिंग के विकल्प में जाना होगा। बुक एंड ट्रेवेल का चयन कर प्रस्थान और गंतव्य स्टेशन का चयन करना होगा।
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भुगतान करने पर टिकट बुक हो जाएगा। रेलवे के चेकिंग दल के नंबर रेलवे ने दर्ज कर लिए हैं, उनके मोबाइल में डाउनलोड ऐप से यात्री के ऑनलाइन टिकट का नंबर डालने पर टिकट की वैद्यता समेत पूरी जानकारी आ जाएगी।
1 नवंबर से शुरू हुई सेवा
यह नई सेवा यात्रियों के लिए पूरे देश में 1 नवंबर से शुरू हो गई है। आम यात्री अपने मोबाइल फोन से लंबी दूरी की ट्रेन में रेलवे के अनारक्षित टिकट सिस्टम (यूटीएस) से जनरल टिकट खरीद सकेंगे।
इन बातों का रखें ध्यान
irctc
- अनारक्षित टिकट, सीजन टिकट, प्लेटफार्म टिकट भी बुक कर सकते हैं।
- यात्रा टिकट स्टेशन के पांच किमी की परिधि और प्लेटफार्म टिकट दो किमी की दूरी पर बन सकेंगे।
- स्टेशन परिसर में घुसने के बाद टिकट बुक नहीं हो सकेंगे। जिससे यात्री ट्रेन के भीतर टीटीई को देखकर बुक न कर सकें। बल्कि पहले से कर लें।
- अग्रिम टिकट और रियायती टिकट बुक नहीं होंगे, यात्रा वाले दिन ही टिकट बुक होंगे।
- बुक हो चुके पेपरलेस टिकट को शो टिकट में क्लिक कर देखा जा सकता है निरस्त नहीं किया जा सकता।
2014 से तीन जगह जारी है सेवा
हालांकि रेलवे की यह सेवा 2014 से देश में तीन जगह चल रही है। सबसे पहले इसकी शुरुआत मुंबई में उपनगरीय सेवा से की थी। इसके बाद इसे दिल्ली-पलवल रूट और फिर चेन्नई में शुरू किया गया था। अब 1 तारीख से देश के 15 रेलवे जोन में इसे शुरू किया जाएगा।
एक बार में चार टिकट की बुकिंग
इस टिकट पर भी यात्रियों को पीएनआर नंबर दिया जाएगा। एक पीएनआर पर यात्री अधिकतम चार लोगों की टिकट को बुक करा सकेंगे। किस स्टेशन से चलना और किस स्टेशन पर उतरना है, इससे जुड़ा जीपीएस संदेश टिकट बुकिंग के बाद आएगा। टिकट का भुगतान डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, पेटीएम आदि से कर सकेंगे। .
रेलवे को 45 लाख की कमाई
टिकट बिक्री की एवज में रेलवे को प्रतिदन 45 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हो रहा है।.फिलहाल साढ़े चार लाख यात्री प्रतिदिन ऑनलाइन जनरल टिकट बुकिंग करा रहे हैं। पूरे देश में सेवा के शुरू होने के बाद रेलवे को अपनी कमाई में और इजाफा होने की उम्मीद है।
- यात्रा टिकट स्टेशन के पांच किमी की परिधि और प्लेटफार्म टिकट दो किमी की दूरी पर बन सकेंगे।
- स्टेशन परिसर में घुसने के बाद टिकट बुक नहीं हो सकेंगे। जिससे यात्री ट्रेन के भीतर टीटीई को देखकर बुक न कर सकें। बल्कि पहले से कर लें।
- अग्रिम टिकट और रियायती टिकट बुक नहीं होंगे, यात्रा वाले दिन ही टिकट बुक होंगे।
- बुक हो चुके पेपरलेस टिकट को शो टिकट में क्लिक कर देखा जा सकता है निरस्त नहीं किया जा सकता।
2014 से तीन जगह जारी है सेवा
हालांकि रेलवे की यह सेवा 2014 से देश में तीन जगह चल रही है। सबसे पहले इसकी शुरुआत मुंबई में उपनगरीय सेवा से की थी। इसके बाद इसे दिल्ली-पलवल रूट और फिर चेन्नई में शुरू किया गया था। अब 1 तारीख से देश के 15 रेलवे जोन में इसे शुरू किया जाएगा।
एक बार में चार टिकट की बुकिंग
इस टिकट पर भी यात्रियों को पीएनआर नंबर दिया जाएगा। एक पीएनआर पर यात्री अधिकतम चार लोगों की टिकट को बुक करा सकेंगे। किस स्टेशन से चलना और किस स्टेशन पर उतरना है, इससे जुड़ा जीपीएस संदेश टिकट बुकिंग के बाद आएगा। टिकट का भुगतान डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, पेटीएम आदि से कर सकेंगे। .
रेलवे को 45 लाख की कमाई
टिकट बिक्री की एवज में रेलवे को प्रतिदन 45 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हो रहा है।.फिलहाल साढ़े चार लाख यात्री प्रतिदिन ऑनलाइन जनरल टिकट बुकिंग करा रहे हैं। पूरे देश में सेवा के शुरू होने के बाद रेलवे को अपनी कमाई में और इजाफा होने की उम्मीद है।