फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Spokesperson said Hindujas Not Imprisoned, Human Trafficking Charges Dismissed

Hindujas: हिंदुजा परिवार को बड़ी राहत, दावा- सजा पाए सदस्यों को जेल नहीं भेजा जाएगा, मानव तस्करी के आरोप खारिज

Mon, 24 Jun 2024 08:53 AM IST
काव्या मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: काव्या मिश्रा Updated Mon, 24 Jun 2024 08:53 AM IST
सार

हिंदुजा परिवार के सदस्यों पर मानव तस्करी के आरोप लगे थे। अब परिवार के प्रवक्ता ने बताया कि मानव तस्करी के आरोपों से परिवार के सदस्यों को बरी कर दिया गया है।

विज्ञापन
Spokesperson said Hindujas Not Imprisoned, Human Trafficking Charges Dismissed
हिंदुजा परिवार के प्रकाश हिंदुजा - फोटो : amarujala.com

विस्तार

हिंदुजा परिवार ब्रिटेन का सबसे धनवान परिवार है। हालांकि, इन दिनों हिंदुजा परिवार गलत कारणों से सुर्खियों में है। दरअसल परिवार के चार सदस्यों पर घरेलू नौकरों के शोषण करने का आरोप लगा था। हालांकि, अब हिंदुजा परिवार के प्रवक्ता ने दावा किया है कि स्विट्जरलैंड की ऊपरी अदालत ने शनिवार को परिवार के सदस्यों को राहत देते हुए सभी आरोपों से बरी कर दिया है। बता दें, 21 जून को एक निचली अदालत ने हिंदुजा परिवार के चार सदस्यों को नौकरों के शोषण मामले में जेल की सजा सुनाई थी। 

विज्ञापन


शीर्ष अदालत में दी थी चुनौती
दरअसल, हिंदुजा परिवार के चार सदस्यों को स्विट्जरलैंड की एक अदालत ने साढ़े चार-साढ़े चार साल जेल की सजा सुनाई थी। सजा पाने वालों में प्रकाश हिंदुजा और उनकी पत्नी कमल और बेटे अजय के साथ ही उनकी बहू नम्रता का नाम शामिल था। हालांकि, उन्हें हिरासत में नहीं लिया गया था। इसके बाद परिवार ने फैसले को शीर्ष अदालत में चुनौती दी थी।
विज्ञापन


शिकायतकर्ताओं को गुमराह करने का दावा
अब हिंदुजा परिवार के प्रवक्ता ने दावा किया है कि शीर्ष अदालत ने सभी गंभीर आरोप खारिज कर दिए हैं। प्रवक्ता के मुताबिक, शिकायतकर्ताओं ने सभी आरोप वापस ले लिए हैं। कोर्ट में गवाही देते हुए शिकायतकर्ताओं ने कहा कि उन्हें ऐसे बयानों पर हस्ताक्षर करने के लिए गुमराह किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रवक्ता ने कहा कि हिंदुजा परिवार के चार सदस्यों के खिलाफ लगाए गए सबसे गंभीर आरोप मानव तस्करी को शीर्ष अदालत ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है। अब मामले में कोई शिकायतकर्ता नहीं बचा है। शिकायतकर्ताओं ने अदालत से कहा कि उन्हें उन बयानों पर हस्ताक्षर करने के लिए गुमराह किया गया था, जिन्हें वे समझ भी नहीं पाए थे। उन्होंने कभी भी ऐसा करना नहीं चाह था। साथ ही इन लोगों ने यह भी कहा कि हिंदुजा परिवार ने हमेशा परिवार की तरह व्यवहार किया है।

परिवार के सदस्यों को राहत
प्रवक्ता ने कहा कि हिंदुजा परिवार के चार सदस्यों को किसी भी तरह की कोई सजा नहीं दी गई है और न ही उन्हें दोषी ठहराया गया है। न ही इन लोगों को जेल भेजा गया है। सदस्यों के खिलाफ मानव तस्करी के आरोप खारिज कर दिए गए हैं। 

बता दें, स्विट्जरलैंड की कानून प्रक्रियाओं के अनुसार, निचली अदालत का निर्णय उस समय तक अप्रभावी और निष्क्रिय हो जाता है, जब तक कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अंतिम फैसला नहीं लिया जाता।


हिंदुजा परिवार के सदस्यों पर लगे थे गंभीर आरोप
प्रकाश हिंदुजा, कमल, अजय और बहू नम्रता पर आरोप था कि उन्होंने स्विट्जरलैंड के जिनेवा स्थित अपने बंगले में काम करने वाले कामगारों का शोषण और गैरकानूनी तरीके से कर्मचारियों को काम पर रखा। उन्हें कम वेतन पर 18 घंटे तक काम कराया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हिंदुजा परिवार के सदस्यों ने स्विस कानून के तहत तय न्यूनतम वेतन के दसवें हिस्से के बराबर वेतन कर्मचारियों को दिया, जो कानून का उल्लंघन है। परिवार के सदस्यों पर मानव तस्करी के भी आरोप लगे थे, लेकिन अब परिवार के वकीलों ने बताया कि मानव तस्करी के आरोपों से परिवार के सदस्यों को बरी कर दिया गया है। हिंदुजा परिवार के सदस्यों ने अदालत के फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील की है। हालांकि इस मामले में किसी भी सदस्य को हिरासत में नहीं लिया गया है।



 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed