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Rani Kapoor: सोना कॉमस्टार ने खारिज किए संजय कपूर की मां के आरोप, कहा- वे 2019 से कंपनी की शेयरधारक नहीं

Fri, 25 Jul 2025 07:56 PM IST
बशु जैन बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: बशु जैन Updated Fri, 25 Jul 2025 07:56 PM IST
सार

संजय कपूर की मां रानी कपूर ने कंपनी के बोर्ड को पत्र लिखकर आगामी वार्षिक बैठक (एजीएम) को तत्काल स्थगित करने की मांग की थी। साथ ही बिना किसी स्पष्टीकरण के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर करने और बिना सहमति के बोर्ड में नियुक्ति करने के आरोप लगाए थे।

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Sona Comstar rejected Sanjay Kapoor's mother's allegations, said- she is not shareholder of company since 2019
संजय कपूर - फोटो : एक्स

विस्तार

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सोना कॉमस्टार के दिवंगत चेयरमैन संजय कपूर की मां रानी कपूर के आरोपों को कंपनी ने खारिज कर दिया है। रानी कपूर की कंपनी की आगामी वार्षिक बैठक (एजीएम) को तत्काल स्थगित करने की मांग और आरोपों भी निराधार बताया है। कंपनी ने कहा कि सोना कॉमस्टार के दिवंगत चेयरमैन संजय कपूर की मां रानी कपूर हमारी शेयरधारक नहीं हैं। वे 2019 से कंपनी में शामिल नहीं हैं। संजय एक प्रमुख व्यवसायी और बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्मा कपूर के पूर्व पति थे। रानी कपूर ने कंपनी के बोर्ड को पत्र लिखकर आगामी वार्षिक बैठक (एजीएम) को तत्काल स्थगित करने की मांग की थी।
 

कंपनी ने कहा कि मई 2019 में महत्वपूर्ण लाभकारी स्वामित्व की घोषणा हमें मिली थी। इसमें संजय कपूर को एकमात्र लाभकारी मालिक माना गया था। इसलिए रानी कपूर 2019 से शेयरधारक नहीं रहीं। संजय कपूर की पत्नी प्रिया सचदेव की कंपनी के बोर्ड में नियुक्ति के आरोपों पर जवाब देते हुए कहा गया कि उनका नाम पहले ही प्रस्तावित किया गया था और उनकी नियुक्ति की विधिवत समीक्षा की गई। इसके बाद उसे मंजूरी दी गई।

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रानी कपूर के बंद दरवाजों के पीछे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर करने के आरोप पर कंपनी ने कहा कि संजय कपूर की मौत के बाद से उनसे किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर नहीं कराया गया है और न ही कोई दस्तावेज प्राप्त किया गया है। कंपनी ने कहा कि कानूनी परामर्श और इस तथ्य के आधार पर कि रानी कपूर कंपनी की शेयरधारक नहीं है। इस पर कंपनी ने निष्कर्ष निकाला है कि वह एजीएम को स्थगित नहीं कर सकती।

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रानी कपूर ने लगाए थे ये आरोप
रानी कपूर में कंपनी को लिखे पत्र में कहा था कि अपने बेटे की मृत्यु के बाद, जब वह बहुत कमजोर स्थिति में थीं, तो उन्हें बिना किसी स्पष्टीकरण के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया गया। तब उन्हें खातों और महत्वपूर्ण दस्तावेजों तक पहुंच से वंचित रखा गया। रानी ने आगे आरोप लगाया कि कुछ लोग खुद को कपूर परिवार का प्रतिनिधि बताकर उनकी जानकारी या सहमति के बिना कंपनी के बोर्ड में नियुक्तियां करवाने की कोशिश कर रहे हैं। मैंने बोर्ड में आने या किसी भी पद पर मेरा प्रतिनिधित्व करने के लिए किसी व्यक्ति को न तो सहमति दी है और न ही आधिकारिक तौर पर नामित किया है।


 

उन्होंने कंपनी को चेतावनी दी थी कि अगर इस मेल को नजरअंदाज किया गया या मुझसे विचार-विमर्श किए बिना आगे बढ़ा गया तो मेरे पास यह मानने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा कि यह कंपनी और परिवार के नुकसान के लिए आपके द्वारा एक जानबूझकर लिया गया निर्णय था। यह पत्र भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) को भी भेजा गया है।

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