Morgan Stanley: चीन के बाजार खुलने से एशिया के दूसरे देशाें में बढ़ेगी महंगाई, मॉर्गन स्टेनली ने जताई आशंका
Morgan Stanley: मॉर्गन स्टेनली का अनुमान है कि अब जबकि बाजार खुल गए हैं 2023 की जनवरी-मार्च तिमाही में देश में तेल मांग में सुधार शुरू हो जाएगा। मॉर्गन स्टेनली ने आगे कहा है कि इससे कच्चे तेल की कीमतों पर कुछ दबाव बढ़ेगा। अगर ऐसा होता है इससे महंगाई बढ़ सकती है।
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दुनिया की दिग्गज मल्टीनेशनल फर्म मॉर्गन स्टेनली ने इस बात की आशंका जताई है कि चीन के बाजारों के खुलने के बाद एशिया में महंगाई बढ़ सकती है। फर्म ने कहा है कि तीन साल बाद चीन के बाद चीन के बाजार खुलने से मांग में बढ़ेगी इससे कीमतों में इजाफा दिख सकता है। बता दें कि पिछले तीन वर्षों के दौरान जीरो कोविड पॉलिसी की रणनीति अपना रहा था। अब चीन ने अपनी अर्थव्यवस्था को खोल दिया है, ऐसे में एशिया में महंगाई बढ़ सकती है।
मॉर्गन स्टेनली ने एशियाइकोनॉमिक्स| एशिया पैसिफिक- द व्यूप्वाइंट: रैपिड डिसइन्फ्लेशन एंड ग्रोथ आउटपरफॉर्मेंस' के नाम से अपनी एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में फर्म ने चिंता जताई है कि चीन के बाजार खुलने से एशिया के दूसरे देशों में महंगाई बढ़ सकती है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन की अर्थव्यवस्था में सुधार का मतलब ये होगा, कि "स्वाभाविक तौर पर तेल की मांग में इजाफा होगा।" चीन की तेल मांग वर्तमान में 2020-21 के स्तर से राेजाना 1 मिलियन बैरल प्रति दिन कम है, यह लॉकडाउन और अन्य प्रतिबंधों के कारण है।
मॉर्गन स्टेनली का अनुमान है कि अब जबकि बाजार खुल गए हैं 2023 की जनवरी-मार्च तिमाही में देश में तेल मांग में सुधार शुरू हो जाएगा। मॉर्गन स्टेनली ने आगे कहा है कि इससे कच्चे तेल की कीमतों पर कुछ दबाव बढ़ेगा। अगर ऐसा होता है इससे महंगाई बढ़ सकती है।
मॉर्गन स्टेनली ने अपनी रिपोर्ट में ये भी कहा है कि भले ही महंगाई के आंकड़ों में इजाफा देखने को मिले लेकिन औद्योगिक और निर्माण गतिविधियां जो लंबे समय से सुस्त पड़ी थी उनमें काफी हद तक तेजी आ जाएगी। इसके अलावा मॉर्गन स्टेनली ने अपनी रिपोर्ट में एक आशा जताते हुए कहा है कि तेल की मांग में वृद्धि 2022 की शुरूआत से होने लगी थी। लेकिन अब चीन में मांग में वृद्धि होने से तेल की आपूर्ति का प्रबंधन आसान होगा।
# एशियाई बाजारों के लिए सकारात्मक संकेत
मॉर्गन स्टेनली ने महंगाई में वृद्धि की आशंका जाहिर करने के बावजूद एशियाई बाजारों के लिए सकारात्मक संकेत दिए हैं। फर्म के अनुसार महंगाई से जूझ रहे 90 प्रतिशत एशियाई देशों के केन्द्रीय बैंकों के लिए इस साल जून तक इस महंगाई को अपने नियंत्रण में करना आसान हो जाएगा। मॉर्गन स्टेनली ने कई कारकों का हवाला देते हुए कहा है कि जून महीने तक महंगाई में कमी आने की संभावना बनने लगेगी।
बता दें कि बीते कुछ महीनों में वैश्विक स्तर पर विभिन्न केंद्रीय बैंकों ने महंगाई पर काबू पाने के लिए ब्याज दरों में वृद्धि की है। मॉर्गन स्टेनली ने कहा, "2023 वो साल होगा, जब पूरी दुनिया में महंगाई का ग्राफ तेजी से कम होगा और 2023 के मध्य तक 90 प्रतिशत क्षेत्र के लिए मुद्रास्फीति नियंत्रण में आ जाएगी। मुद्रास्फीति की लड़ाई जीतने का साफ मतलब होगा कि एशिया के कई देश विकास के रास्ते पर दोबारा लौटने में सक्षम होंगे।