फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   smaller companies can also bid for png cng license as pngrb changes rules

सीएनजी, पीएनजी रिटेल लाइसेंस के लिए बोली के नियम बदले, छोटी कंपनियों को भी मिलेगा मौका

Wed, 04 Apr 2018 05:03 PM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 04 Apr 2018 05:03 PM IST
विज्ञापन
smaller companies can also bid for png cng license as pngrb changes rules
तेल नियामक पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) ने शहरों में रिटेल सीएनजी तथा पाइप्ड रसोई गैस (पीएनजी) के लाइसेंस के लिए बोली लगाने के मानदंडों में मौलिक बदलाव किया है।   
विज्ञापन


यह हुआ बड़ा बदलाव
पीएनजीआरबी ने बुधवार को जारी नए नियम में कहा कि भविष्य में होने वाली नीलामी में कंपनियों से यह बताने के लिए कहा जाएगा कि पहले आठ साल के संचालन के दौरान वे कितनी संख्या में सीएनजी स्टेशन की स्थापना कर सकते हैं और कितना पीएनजी कनेक्शन दे सकते हैं। नियम के मुताबिक, बोली में सबसे ज्यादा सीएनजी आउटलेट तथा पीएनजी कनेक्शन का आंकड़ा देने वाली कंपनियों को अधिक अंक दिए जाएंगे। 
विज्ञापन


PNG, CNG के रेट को मिला कम महत्व
कंपनियों द्वारा शहरों के भीतर सीएनजी व पीएनजी की बिक्री के लिए वसूले जाने वाले शुल्क को लाइसेंस प्राप्त करने में मात्र 10 फीसदी महत्व दिया गया है। जबकि पहले यह लाइसेंस लेने में सबसे महत्वपूर्ण कारक होता था।
विज्ञापन
विज्ञापन

PNG कनेक्शन हुआ महत्वपूर्ण

smaller companies can also bid for png cng license as pngrb changes rules
पीएनजी पाइप लाइन - फोटो : demo pics

पीएनजीआरबी ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस विनियमन बोर्ड अधिनियम, 2008 में किए गए एक संशोधन में कहा है कि लाइसेंस प्राप्त करने में सीएनजी स्टेशन तथा पीएनजी कनेक्शन की संख्या का महत्व 70 फीसदी होगा। इसके अलावा, बोलीदाताओं को यह भी बताना होगा कि वे लाइसेंस जीतने पर कितना पाइपलाइन डालेंगे।

पीएनजीआरबी अब तक आठ दौर की बोलियां मंगा चुका है, जिनमें कंपनियों से पाइपलाइन के लिए शुल्क बताने के लिए कहा गया था।बोली लगाने के मानदंडों में इस बात को शामिल नहीं किया गया था कि वे एक ही पाइपलाइन नेटवर्क से वाहनों को आपूर्ति होने वाली सीएनजी तथा परिवारों को पीएनजी किस कीमत पर बेचेंगे। इसी वजह से कंपनियां लाइसेंस पाने के लिए शुल्क के रूप में एक पैसे की पेशकश कर रही थीं।

होना चाहिए एक साल का अनुभव
नियम के मुताबिक, सिटी गैस वितरण (सीजीडी) नेटवर्क के संचालन व रख-रखाव का कम से एक एक साल का अनुभव रखने वाली कंपनियों तथा जिन कंपनियों के पास पर्याप्त संख्या में तकनीकी ज्ञान रखने वाले कर्मी होंगे, वही बोली लगाने के लिए पात्र होंगे।

नए नियम में कंपनियों की पूंजी की भूमिका अहम
जिन कंपनियों की कुल संपत्ति 150 करोड़ रुपये से कम नहीं होगी, वे ही 50 लाख की आबादी वाले शहरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जबकि 20 लाख से 50 लाख की आबादी वाले शहरों के लिए यह मानदंड 100 करोड़ रुपये रखा गया है।

जैसे-जैसे आबादी घटेगी, बोली लगाने वाली कंपनियों की कुल संपत्ति के आंकड़े में भी कमी आती जाएगी। 10 लाख से कम आबादी वाले शहरों के लिए लाइसेंस की बोली लगाने के लिए कंपनियों के पास पांच करोड़ की कुल संपत्ति होनी चाहिए। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed