Union Budget 2025-26: सीतारमण ने बजट पूर्व परामर्श के लिए अर्थशास्त्रियों के साथ बैठक की, सामने आई यह जानकारी
Union Budget 2025-26: वित्त मंत्रालय हर साल विशेषज्ञों, उद्योग जगत के नेताओं, अर्थशास्त्रियों और राज्य के अधिकारियों के साथ कई बजट-पूर्व परामर्श बैठकें आयोजित करता है। अगले वित्तीय वर्ष के लिए वार्षिक बजट तैयार करने की औपचारिक प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।
विस्तार
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आगामी बजट 2025-26 के लिए इनपुट और सुझाव एकत्र करने हेतु प्रमुख अर्थशास्त्रियों के साथ बजट-पूर्व बैठक की शुरुआत की। वित्त मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पी. चौधरी, वित्त सचिव, दीपम सचिव, आर्थिक मामलों के विभाग के सचिव और मुख्य आर्थिक सलाहकार भी उपस्थित थे। यह बैठक शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में हुई। हालांकि, बजट के दौरान किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
वित्त मंत्रालय हर साल विशेषज्ञों, उद्योग जगत के नेताओं, अर्थशास्त्रियों और राज्य के अधिकारियों के साथ कई बजट-पूर्व परामर्श बैठकें आयोजित करता है। अगले वित्तीय वर्ष के लिए वार्षिक बजट तैयार करने की औपचारिक प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है।
#WATCH | Ministry of Finance held the first pre-budget meeting, with Economists.
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Co-Convener, Swadeshi Jagaran Manch, Ashwani Mahajan says, "Many of the subjects were discussed. All the economists talked about what needed to be done to attract investment. We discussed things… pic.twitter.com/XPMPrQ1shc— ANI (@ANI) December 6, 2024
पिछले वर्षों की तरह, 2025-26 का बजट 1 फरवरी को पेश किए जाने की उम्मीद है। 2025-26 का बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आठवां बजट होगा। सभी की निगाहें मोदी 3.0 कार्यकाल के शेष समय के लिए प्रमुख घोषणाओं और सरकार के दूरगामी आर्थिक मार्गदर्शन पर होंगी।
बैठक के बाद स्वदेशी जागरण मंच के सह-संयोजक अश्विनी महाजन ने कहा कि अर्थशास्त्री इस बात पर एकमत थे कि भारत को अपनी स्वयं की व्यापक विनिर्माण नीति की आवश्यकता है।
महाजन ने संवाददाताओं को बताया, "हमने खाद्य मुद्रास्फीति, जलवायु परिवर्तन, राजकोषीय समेकन और कृषि क्षेत्र के लिए रणनीतियों पर सुझाव दिए। व्यक्तिगत आयकर को कम करने के लिए भी सुझाव दिए गए।" बैठक में उपस्थित प्रख्यात अर्थशास्त्री अनिल शर्मा ने बेरोजगारी को एक गंभीर मुद्दा बताया।
शर्मा ने कहा, "हमने जिला स्तर पर कौशल विश्वविद्यालय स्थापित करने का सुझाव दिया है। हालांकि यह राज्य सरकार की पहल प्रतीत होती है, लेकिन यदि केंद्र सरकार इसमें पहल करती है तो इससे रोजगार को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिल सकता है।" बैठक के दौरान कुछ अर्थशास्त्रियों ने व्यक्तिगत आयकर को कम करने की आवश्यकता दोहराई।