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तीन लाख से अधिक का लेन-देन कैश में करने पर होगी सजा!

Thu, 14 Jul 2016 07:20 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 14 Jul 2016 07:20 PM IST
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SIT recommended cash transaction limit to three lakh

स्पेशल इन्वेस्टिगेटिंग टीम (एसआईटी) ने कालेधन पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के सामने एक नया प्रस्ताव रखा है। इस प्रस्ताव के तहत 3 लाख से अधिक का कोई भी लेन-देन कैश में नहीं किया जा सकेगा। साथ ही किसी भी व्यक्ति को अपने पास 15 लाख से अधिक का कैश रखने की इजाजत नहीं होगी। यह सब इसलिए किया जा रहा है ताकि कालेधन पर रोक लगाई जा सके।

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एसआईटी के प्रमुख जस्टिस एमबी शाह (रिटायर्ड) ने सुप्रीम कोर्ट को कालेधन को भारतीय अर्थव्यवस्था में आने से रोकने के तरीकों पर बनाई गई अपनी पांचवीं रिपोर्ट सौंपी है। पैनल का मानना है कि बहुत सारा पैसा लोगों का पास कैश के रूप में जमा है, जो अर्थव्यस्था में कालेधन के रूप में फैसला है।
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एसआईटी का प्रस्ताव है कि 3 लाख से अधिक के कैश ट्रांजैक्शन पर पूरी तरह से बैन लगाया जाए और ऐसी ट्रांजैक्शन करने वालों को कानून के तहत सजा देने के लिए एक कानून बनाया जाना चाहिए।
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वहीं दूसरी ओर किसी व्यक्ति को 15 लाख से अधिक कैश नहीं रखने का भी प्रस्ताव एसआईटी ने सुप्रीम कोर्ट के सामने रखा है। अगर किसी व्यक्ति या इंडस्ट्री को अधिक कैश रखने की जरूरत हो तो वह इसके लिए अपने क्षेत्र के आयकर विभाग कमिश्नर से इसकी इजाजत लेकर 15 लाख से अधिक कैश रख सकता है।

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