Shriram Finance Merger: श्रीराम ग्रुप की इन दो कंपनियों का विलय, जुगल किशोर महापात्रा चेयरमैन चुने गए
Shriram Finance Merger: सोमवार को श्रीराम फाइनेंस की ओर से मर्जर प्रक्रिया पूरा कर लेने की जानकारी दी गई। मर्जर के बाद कंपनी को श्रीराम फाइनेंस के रूप में जाना जाएगा और कंपनी का नेट वर्थ करीब 40,900 करोड़ रुपये का होगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
श्रीराम ग्रुप की दो कंपनियों श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस कंपनी और श्रीराम सिटी यूनियन फाइनेंस का विलय पूरा हो गया है। दोनों कंपनियों के विलय की घोषणा पिछले वर्ष की गई थी। सोमवार को श्रीराम फाइनेंस की ओर से मर्जर प्रक्रिया पूरा कर लेने की जानकारी दी गई। मर्जर के बाद कंपनी को श्रीराम फाइनेंस के रूप में जाना जाएगा और कंपनी का नेट वर्थ करीब 40,900 करोड़ रुपये का होगा। कंपनी की ओर से कहा गया है कि इस विलय के बाद कंपनी का एयूएम (Assets Under Mangement) करीब 1,17,000 करोड़ रुपये का होगा। कंपनी फिलहाल भारत में 6.7 मिलियन (67 लाख) उपभोक्ताओं को अपनी सेवाएं मुहैया करा रही है। मर्जर की प्रक्रिया पूरी करने की घोषणा के दौरान कंपनी के एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन उमेश रेवांकर, एमडी व सीईओ वाईएस चक्रवर्ती, व कंपनी के सीएफओ पराग शर्मा मौजूद थे।
# कंपनी के कार्यकारी उपाध्यक्ष बोले- विलय के बाद मजबूत होगा कंपनी का बैलेंश शीट
श्रीराम ग्रुप की दो कंपनियों के विलय बाद उमेश रेवांकर जो लंबे समय से श्रीराम ग्रुप से जुड़े हैं नई इकाई के कार्यकारी उपाध्यक्ष के रूप में काम करेंगे। विलय पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा, "यह 43 वर्षों की यात्रा की स्वाभाविक पराकाष्ठा है। विलय से कंपनी का बैलेंस शीट मजबूत होगा साथ ही हम बाजार की जरूरतों को पहले से बेहतर तरीके से पूरा कर पाएंगे। साथ ही एक ग्राहक-केंद्रित कंपनी के रूप में हम और अधिक उत्पाद भी बाजार में लाने में सक्षम होंगे। ये ऐसे उत्पाद होंगे तो ग्राहकों को तेजी से क्रेडिट सुविधा तक पहुंचने में सहायता कर सकेंगे। उन्होंने कहा, "हमने दक्षता और ग्राहक सेवा स्तरों में सुधार के लिए प्रौद्योगिकी में भारी निवेश किया है। हम निरंतर दो अंकों की वृद्धि के एक रोमांचक चरण की प्रतीक्षा कर रहे हैं।"
# सीईओ बोले- विलय का समय शानदार, हम बेहतर सेवाएं मुहैया कराने के लिए तैयार
कंपनी के एमडी और सीईओ श्री वाईएस चक्रवर्ती ने विलय पर कहा कि "विलय का समय शानदार है। जैसे-जैसे भारत बढ़ रहा है, हम एमएसएमई के बीच क्रेडिट की मजबूत मांग देख रहे हैं। हम देश के 3600 से अधिक स्थानों पर अपनी मौजूदगी के साथ बाजार के करीब हैं। हमारे सभी व्यावसायिक खंड- वाणिज्यिक वाहनों का वित्तपोषण, एमएसएमई, व्यक्तिगत ऋण, स्वर्ण ऋण, या वाहन ऋण आदि सेवाओं के लिए तैयार हैं।"