{"_id":"5eb2661d8ebc3e90644a45b0","slug":"service-sector-pmi-activity-hits-record-low-in-april-amid-lockdown","type":"story","status":"publish","title_hn":"Coronavirus: अप्रैल में रिकॉर्ड निचले स्तर पर सेवा क्षेत्र की गतिविधियां","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
Coronavirus: अप्रैल में रिकॉर्ड निचले स्तर पर सेवा क्षेत्र की गतिविधियां
Wed, 06 May 2020 12:54 PM IST
डिंपल अलवधी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Wed, 06 May 2020 12:54 PM IST
विज्ञापन
job
- फोटो : pexels.com
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश के सेवा क्षेत्र की गतिविधियां अप्रैल में रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई। एक मासिक सर्वेक्षण के अनुसार देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान नागरिकों की आवाजाही पर कड़े प्रतिबंध और कारोबारों के बंद रहने का असर सेवा क्षेत्र पर भी पड़ा और क्षेत्र की गतिविधियां लगभग रुकी रहीं।
विज्ञापन
आईएचएस मार्किट इंडिया सर्विसेस बिजनेस एक्टिविटी इंडेक्स अप्रैल में 5.4 अंक पर रहा। यह मार्च के 49.3 अंक के मुकाबले ऐतिहासिक निचला स्तर है। यह दिसंबर 2005 में सर्वेक्षण की शुरुआत के बाद पहली बार सेवा क्षेत्र के सबसे बुरे दौर का संकेतक भी है।
विज्ञापन
पीएमआई का 50 अंक से ऊपर होना गतिविधियों में विस्तार जबकि 50 अंक से नीचे रहना उनमें गिरावट को दिखाता है।
इसलिए आई कमी
विशेषज्ञों के अनुसार देशव्यापी लॉकडाउन के चलते मांग में कमी रही। इससे कारोबार और उत्पादन ठप रहे और कारोबारी गतिविधियों में गिरावट दर्ज की गयी।
कंपोजिट PMI आउटपुट इंडेक्स में भी कमी
आईएचएस मार्किट से जुड़े अर्थशास्त्री जो हाएस ने कहा कि पीएमआई के मुख्य सूचकांक कंपोजिट पीएमआई आउटपुट इंडेक्स में भी 40 अंक से अधिक की गिरावट दर्ज की गयी है। यह दिखाता है कि लॉकडाउन की वजह से आर्थिक गतिविधियां लगभग रुकी रहीं।
विज्ञापन
कंपोजिट पीएमआई आउटपुट इंडेक्स अप्रैल में गिरकर 7.2 अंक पर आ गया जो मार्च में 50.6 अंक पर था। यह सर्वेक्षण के इतिहास में आर्थिक गतिविधियों में सबसे बड़ी गिरावट को दर्शाता है। कंपोजिट पीएमआई आउटपुट इंडेक्स को पीएमआई-सेवा और पीएमआई-विनिर्माण को मिलाकर तैयार किया जाता है।
पुराने आंकड़ों से तुलना करने पर अप्रैल में देश की सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि दर में सालाना आधार पर 15 फीसदी का संकुचन हुआ है। रोजगार के पक्ष पर सर्वेक्षण में कहा गया है कि कारोबारी जरूरतें घटने पर कुछ सेवा कंपनियों ने वर्ष की दूसरी तिमाही से छंटनी शुरू कर दी है।