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दृढ़ रहें राज्य, GST क्षतिपूर्ति उपकर पर केंद्र के विकल्पों को अस्वीकार करना चाहिए: पी चिदंबरम
Tue, 06 Oct 2020 04:47 PM IST
डिंपल अलवधी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Tue, 06 Oct 2020 04:47 PM IST
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पी चिदंबरम (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने मंगलवार को उन राज्यों की सराहना की जिन्होंने केंद्र द्वारा जीएसटी मुआवजा उपकर में अंतर को पाटने के लिए दिए गए दो विकल्पों को खारिज कर दिया। चिदंबरम ने 12 अक्तूबर को होने वाली जीएसटी परिषद की अगली बैठक में राज्यों को मजबूती से खड़े होने के लिए कहा।
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पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि, 'मैं उन सबी नौ से 10 राज्यों की तारीफ करता हूं, जिन्होंने जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर में अंतर को पाटने के लिए केंद्र सरकार द्वारा दिए गए दो विकल्पों को खारिज किया है।' चिदंबरम ने कहा कि, 'राज्य सरकारों को पैसा उधार लेने के लिए कहना अनुचित और अन्यायपूर्ण है। 12 अक्तूबर को होने वाली अगली जीएसटी की बैटक में राज्यों को दृढ़ रहना चाहिए।'
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मालूम हो कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आठ घंटे की बैठक के बाद कहा कि 12 अक्तूबर को फिर से बैठक होगी और राज्यों के क्षतिपूर्ति उपकर में अंतर को पाटने के लिए उचित कदम उटाया जाएगा।
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परिषद राजनीतिक तर्ज पर विभाजित हो गया था, जिसमें गैर-भाजपा वाले 10 राज्यों ने केंद्र द्वारा राज्यों की ओर से प्राप्तियों में कमी को पूरा करने के लिए उधार के प्रस्ताव का विरोध किया था। सीतारमण ने कहा कि 21 राज्यों ने केंद्र द्वारा सुझाए गए दो विकल्पों में से एक को स्वीकार किया, लेकिन 10 राज्यों ने सहमति नहीं दी। केंद्र ने राज्यों को रिजर्व बैंक द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली विशेष सुविधा के जरिए 97,000 करोड़ रुपये का कर्ज जुटाने या बाजार से 2.35 लाख करोड़ रुपये जुटाने के दो विकल्प दिए थे।
केंद्र ने सोमवार को कहा कि वह जीएसटी क्षतिपूर्ति के बकाया के मद में राज्यों को 20,000 करोड़ रुपये जारी करेगा। जीएसटी परिषद की 42वीं बैठक के बाद संवाददाताओं को जानकारी देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि जिन राज्यों को एकीकृत जीएसटी (आईजीएसटी) के हिस्से में 2017-18 के लिए कम प्राप्त हुआ, केंद्र उनके लिए अगले सप्ताह संचयी रूप से 24,000 करोड़ रुपये जारी करेगा।
साथ ही केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जीएसटी परिषद ने जून 2022 के बाद भी जीएसटी उपकर जारी रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। पहले जीएसटी उपकर लगाए जाने की समय सीमा जून 2022 थी।